‘BDO के पिता के नाम पर हॉस्पिटल, 50 लाख की मशीन’बिहार-नेपाल के 6 ठिकानों पर EOU की रेड, सरकारी योजना में घोटाले का आरोप

आय से अधिक संपत्ति और सरकारी योजना में गड़बड़ी के आरोपों के बीच EOU ने बिहार और नेपाल में 6 ठिकानों पर छापेमारी की। BDO पर सरकारी योजनाओं से करोड़ों रुपए निकालने और पिता के नाम हॉस्पिटल चलाने का आरोप है।
‘BDO के पिता के नाम पर हॉस्पिटल, 50 लाख की मशीन’बिहार-नेपाल के 6 ठिकानों पर EOU की रेड, सरकारी योजना में घोटाले का आरोप
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दरभंगा-आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति और सरकारी योजनाओं में कथित गड़बड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार और नेपाल में एक साथ 6 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई एक BDO से जुड़े मामले में की गई है, जिस पर करोड़ों रुपए के अनियमित लेनदेन और संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि BDO के पिता के नाम पर एक निजी हॉस्पिटल संचालित किया जा रहा है। यहां करीब 50 लाख रुपए की मेडिकल मशीन लगाए जाने की बात भी सामने आई है।

आर्थिक अपराध इकाई की टीम सुबह से ही दस्तावेज, बैंक खातों, जमीन और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड की जांच में जुटी रही। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि संपत्ति और निवेश का स्रोत क्या है।

मामले में यह भी आरोप है कि सरकारी योजनाओं के नाम पर करीब ढाई करोड़ रुपए की निकासी की गई। जांच एजेंसियों को शक है कि कई योजनाओं में फर्जीवाड़ा और वित्तीय अनियमितता की गई हो सकती है।

बिहार के अलग-अलग जिलों के साथ नेपाल में भी छापेमारी होने से मामला काफी चर्चाओं में आ गया है। सूत्रों का कहना है कि कुछ संपत्तियों और लेनदेन के तार सीमा पार तक जुड़े होने की आशंका है।

छापेमारी के दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए हैं। अधिकारियों ने फिलहाल बरामदगी की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

बिहार सरकार लगातार भ्रष्टाचार और सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी के मामलों पर सख्त कार्रवाई की बात कहती रही है। हाल के वर्षों में कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले दर्ज किए गए हैं।

स्थानीय लोगों के बीच भी कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है। कई लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का पैसा गरीबों तक पहुंचने के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है।

जांच एजेंसियां अस्पताल में लगी महंगी मशीनों, जमीन खरीद, बैंक खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि सरकारी धन का उपयोग निजी संपत्ति बनाने में तो नहीं किया गया।

बिहार पुलिस की सहायता से चल रही इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आरोप साबित होते हैं तो संबंधित अधिकारियों पर भ्रष्टाचार निरोधक कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई हो सकती है। साथ ही अवैध संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में है। लोग सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

आर्थिक अपराध इकाई की ओर से कहा गया है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी

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