Bikaner के बज्जू क्षेत्र में खेत की डिग्गी में डूबने से तीन सगी बहनों की मौत हो गई। पशुओं को पानी पिलाने गई बहनें एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में डिग्गी में उतर गईं और दर्दनाक हादसे का शिकार हो गईं।
बीकानेर: राजस्थान के Bikaner जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। गुरुवार शाम खेत की एक पानी की डिग्गी में डूबने से तीन सगी बहनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एक बहन को बचाने की कोशिश में बाकी दो बहनें भी डिग्गी में उतर गईं और तीनों की जान चली गई।
घटना के बाद इलाके में गहरा शोक फैल गया। ग्रामीणों और परिजनों ने देर शाम तक रेस्क्यू अभियान चलाया, जिसके बाद तीनों शवों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।
खेत में काम करने गई थीं तीनों बहनें
यह हादसा Bajju क्षेत्र की ग्राम पंचायत ग्रान्धी की रोही में हुआ। मृतक बहनों की पहचान 23 वर्षीय धापू, 18 वर्षीय अनु और 17 वर्षीय सुशीला के रूप में हुई है। तीनों किसान परिवार से थीं और अपने परिवार के साथ खेतों में काम करती थीं।
परिवार के अनुसार, गुरुवार दोपहर तीनों बहनें पड़ोसी किसान की डिग्गी पर खेत का काम करने, पशुओं को पानी पिलाने और कपड़े धोने के लिए गई थीं। घर से निकलते समय उन्होंने बताया था कि काम पूरा होने के बाद वे एक रिश्तेदार की ढाणी भी जाएंगी।
देर तक घर नहीं लौटीं तो बढ़ी चिंता
जब काफी समय बीत जाने के बाद भी तीनों बहनें घर वापस नहीं लौटीं, तो उनके पिता खेताराम मेघवाल को चिंता हुई। परिजनों ने पहले रिश्तेदारों से संपर्क किया, लेकिन वहां से पता चला कि लड़कियां ढाणी तक पहुंची ही नहीं थीं।
इसके बाद परिवार के लोग डिग्गी के पास पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्हें कुछ सामान और संदिग्ध हालात दिखाई दिए, जिससे अनहोनी की आशंका बढ़ गई। ग्रामीणों को सूचना दी गई और जल्द ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए।

एक को बचाने में गई तीनों की जान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, माना जा रहा है कि पहले एक बहन डिग्गी में फिसलकर गिर गई। उसे बचाने के लिए दूसरी बहन पानी में उतरी, लेकिन वह भी डूबने लगी।
इसके बाद तीसरी बहन ने दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन गहरे पानी और तैराकी न आने के कारण तीनों बाहर नहीं निकल सकीं। ग्रामीणों का कहना है कि हादसा कुछ ही मिनटों में हो गया और आसपास तत्काल मदद नहीं मिल पाई।
देर रात तक चला रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय तैराकों और ग्रामीणों ने डिग्गी में उतरकर खोज अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद दो बहनों के शव बाहर निकाल लिए गए, लेकिन तीसरी बहन का शव देर तक नहीं मिला।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने जेसीबी मशीन मंगवाई और डिग्गी के आसपास खुदाई करवाई। इसके बाद तीसरे शव को भी बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू अभियान देर रात तक चलता रहा और पूरे गांव में तनाव व शोक का माहौल बना रहा।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही Rajasthan Police के अधिकारी मौके पर पहुंचे। कोलायत वृत्ताधिकारी संग्राम सिंह और बज्जू थानाधिकारी जगदीश कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे।
इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जुट गए।
पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों शवों को बज्जू उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहां शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाना है।
किसान परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक बहनों के पिता खेताराम मेघवाल एक किसान हैं और परिवार खेती-बाड़ी कर अपना जीवन यापन करता है। परिवार में कुल सात बहनें और एक भाई हैं। इनमें से तीन बहनों की शादी हो चुकी थी।
एक साथ तीन बेटियों की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार बेहद मेहनती और साधारण जीवन जीने वाला है।










