बेसन और दही का मिश्रण त्वचा की सफाई के लिए पारंपरिक घरेलू उपाय माना जाता है। इसे फेस वॉश के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने से पहले अपनी त्वचा के प्रकार को समझना और पैच टेस्ट करना जरूरी है।
Natural Face Wash: चेहरे की साफ-सफाई के लिए बाजार में कई तरह के फेस वॉश और क्लेंजर उपलब्ध हैं। इनके बीच घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल भी लंबे समय से किया जाता रहा है। बेसन और दही का मिश्रण ऐसा ही एक पारंपरिक उपाय है, जिसे त्वचा की सफाई और मुलायमपन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसे हर व्यक्ति के लिए फेस वॉश का सीधा विकल्प मानना सही नहीं है।
अगर आप बेसन और दही को अपनी स्किनकेयर रूटीन में शामिल करना चाहते हैं, तो इसे त्वचा के प्रकार और संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर इस्तेमाल करना चाहिए। खासकर संवेदनशील, मुंहासे वाली या पहले से इरिटेटेड त्वचा पर किसी भी घरेलू मिश्रण को लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।
बेसन और दही का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?
बेसन यानी चने का आटा भारतीय घरों में लंबे समय से त्वचा की सफाई के लिए इस्तेमाल होता रहा है। इसे पानी, दूध या दही के साथ मिलाकर त्वचा पर लगाया जाता है। वहीं, दही में लैक्टिक एसिड मौजूद होता है, जो त्वचा की ऊपरी सतह पर मौजूद मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकता है।
इसी वजह से बेसन और दही का मिश्रण त्वचा को साफ और मुलायम महसूस कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा, पेस्ट त्वचा पर मौजूद अतिरिक्त तेल और सतही गंदगी को हटाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसके असर को लेकर व्यक्ति-दर-व्यक्ति अंतर हो सकता है।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि घरेलू नुस्खों से त्वचा का रंग स्थायी रूप से बदलने या किसी त्वचा रोग को ठीक करने का दावा वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं माना जाना चाहिए।
बेसन-दही से त्वचा को क्या संभावित फायदे मिल सकते हैं?
बेसन और दही का सही तरीके से इस्तेमाल करने पर कुछ लोगों को त्वचा अधिक साफ और मुलायम महसूस हो सकती है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड हल्के एक्सफोलिएशन में मदद कर सकता है, जबकि बेसन का पेस्ट त्वचा की सतह से गंदगी और अतिरिक्त तेल हटाने में सहायक हो सकता है।
1. त्वचा साफ महसूस हो सकती है
बेसन का पेस्ट त्वचा की सतह पर मौजूद धूल, तेल और दूसरी अशुद्धियों को हटाने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह मेकअप या सनस्क्रीन हटाने के लिए पर्याप्त क्लेंजर नहीं माना जाना चाहिए।
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2. त्वचा मुलायम लग सकती है
दही में मौजूद नमी और लैक्टिक एसिड के कारण त्वचा धोने के बाद कुछ समय के लिए अधिक स्मूद और सॉफ्ट महसूस हो सकती है।
3. हल्का एक्सफोलिएशन
दही में मौजूद लैक्टिक एसिड एक प्रकार का अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड (AHA) है। यह त्वचा की मृत कोशिकाओं को धीरे-धीरे हटाने में मदद कर सकता है। लेकिन संवेदनशील त्वचा पर ज्यादा देर तक लगाना या जोर से रगड़ना जलन पैदा कर सकता है।
4. कम खर्च वाला घरेलू विकल्प
बेसन और दही आमतौर पर आसानी से उपलब्ध होते हैं। इसलिए लोग इसे महंगे स्किनकेयर उत्पादों के बजाय घरेलू उपाय के तौर पर आजमाते हैं।
बेसन और दही का पेस्ट कैसे तैयार करें?
इसके लिए एक साफ कटोरी में बेसन और सादा दही लगभग बराबर मात्रा में लें। दोनों को अच्छी तरह मिलाकर ऐसा पेस्ट तैयार करें जो बहुत गाढ़ा या बहुत पतला न हो।
चेहरे पर लगाने से पहले त्वचा को सामान्य पानी से साफ कर लें। इसके बाद पेस्ट की पतली परत चेहरे पर लगाएं। आंखों और होंठों के आसपास के संवेदनशील हिस्से से इसे दूर रखें।
इसे कुछ मिनट के लिए त्वचा पर रहने दें। अगर जलन, खुजली या असहजता महसूस हो तो तुरंत पानी से धो लें। सामान्य स्थिति में इसे हल्के हाथों से साफ करते हुए पानी से धो सकते हैं। त्वचा को तौलिये से रगड़ने के बजाय हल्के हाथों से थपथपाकर सुखाएं।
इसके बाद जरूरत के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है। दिन में इस्तेमाल करने पर सनस्क्रीन लगाना भी जरूरी है।
क्या रोजाना फेस वॉश की जगह इसका इस्तेमाल करना चाहिए?
यह सवाल सबसे महत्वपूर्ण है। बेसन और दही को हर व्यक्ति के लिए फेस वॉश का पूर्ण विकल्प नहीं माना जा सकता। बाजार में उपलब्ध फेस क्लेंजर अलग-अलग त्वचा प्रकारों के लिए तैयार किए जाते हैं और उनमें ऐसे घटक हो सकते हैं जो तेल, मेकअप, सनस्क्रीन तथा गंदगी को हटाने के लिए विशेष रूप से बनाए गए हों।
अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है, बार-बार लाल होती है या उसमें जलन होती है, तो घरेलू मिश्रण का नियमित इस्तेमाल करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
मुंहासे, एक्जिमा, रोसैसिया या किसी अन्य त्वचा संबंधी समस्या के इलाज के लिए केवल बेसन और दही पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
पैच टेस्ट क्यों है जरूरी?
प्राकृतिक या घरेलू होने का मतलब यह नहीं है कि कोई चीज हर व्यक्ति की त्वचा के लिए सुरक्षित होगी। दही या बेसन से भी कुछ लोगों को जलन या एलर्जी जैसी प्रतिक्रिया हो सकती है।
पहली बार इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी मात्रा में मिश्रण को त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर प्रतिक्रिया देखना बेहतर है। अगर लालिमा, खुजली, जलन या सूजन दिखाई दे तो इसे चेहरे पर इस्तेमाल न करें।
विशेष रूप से संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी नए घरेलू उपाय को सावधानी से आजमाना चाहिए।
किन बातों का रखें ध्यान?
बेसन-दही के मिश्रण को त्वचा पर जोर से रगड़ने से बचें। ज्यादा स्क्रबिंग त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत को नुकसान पहुंचा सकती है और जलन बढ़ा सकती है। इसी तरह, बहुत देर तक पेस्ट लगाए रखने की जरूरत नहीं है।
अगर त्वचा पर पहले से कट, घाव, सनबर्न या तेज जलन है, तो इस तरह के मिश्रण का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आंखों के आसपास भी इसे लगाने से बचें।
स्किनकेयर में किसी एक घरेलू उपाय से तुरंत बड़ा बदलाव आने की उम्मीद करना उचित नहीं है। त्वचा की सेहत के लिए नियमित सफाई, मॉइस्चराइजिंग, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और धूप से सुरक्षा जैसी आदतें अधिक महत्वपूर्ण हैं।











