ऑर्केस्ट्रा देख रहे लोगों को बस ने रौंदा, 5 की मौत बेतिया में बेटे के जन्म की खुशियां मना रहे पिता की भी गई जान हादसे के बाद तोड़फोड़-हंगामा

बेतिया के लौरिया में छठियार कार्यक्रम के दौरान ऑर्केस्ट्रा देख रहे लोगों में बस घुस गई। हादसे में 5 की मौत, कई घायल; गुस्साई भीड़ ने हंगामा किया।
ऑर्केस्ट्रा देख रहे लोगों को बस ने रौंदा, 5 की मौत बेतिया में बेटे के जन्म की खुशियां मना रहे पिता की भी गई जान हादसे के बाद तोड़फोड़-हंगामा
Photo Credit / Attribution: Google

पश्चिमी चंपारण के लौरिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशी के माहौल को मातम में बदल दिया। सड़क किनारे नवजात बच्चे के छठियार कार्यक्रम में ऑर्केस्ट्रा देख रहे लोगों के बीच अचानक एक तेज रफ्तार बस घुस गई। बस की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। गुस्साए लोगों ने बस और ट्रक में तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और मामले की जांच शुरू कर दी है।

हादसा लौरिया के बसवरिया-पराउटोला पंचायत के बनकटवा मध्य विद्यालय के सामने NH-727 पर शुक्रवार रात करीब 11 बजे हुआ। उस समय बसवरिया निवासी शत्रुघ्न दुबे के घर नवजात बच्चे के जन्म के बाद छठियार का कार्यक्रम चल रहा था। परिवार में खुशी का माहौल था। रिश्तेदार और गांव के लोग कार्यक्रम में पहुंचे थे। भोज-भात के साथ मनोरंजन के लिए सड़क किनारे ऑर्केस्ट्रा का भी आयोजन किया गया था। बड़ी संख्या में लोग ऑर्केस्ट्रा देखने के लिए जमा थे।

इसी दौरान गोरखपुर की तरफ से बेतिया जा रही एक यात्री बस वहां पहुंची। सामने से गैस सिलेंडर लदा ट्रक भी आ रहा था। दोनों वाहनों के आमने-सामने आने के बाद बस चालक ने टक्कर से बचने के लिए बस को दूसरी तरफ मोड़ने की कोशिश की। इसी दौरान बस बेकाबू हो गई और सड़क किनारे ऑर्केस्ट्रा देख रही भीड़ में जा घुसी। अचानक बस को अपनी तरफ आता देखकर लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते कई लोग बस की चपेट में आ गए।

बस के भीड़ में घुसते ही कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जबकि कई लोग घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। परिजन और आसपास मौजूद लोग घायलों की मदद के लिए दौड़े। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में दो लोगों की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि तीन अन्य घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस तरह मृतकों की संख्या पांच हो गई। कई अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजे जाने की भी जानकारी सामने आई है।

मृतकों में छांगुर राम (70), बहादुर महतो (45), संजय कुमार (28) और राकेश कुमार दुबे (35) के नाम सामने आए हैं। हादसे में एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई है। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या पांच बताई गई है।

इस हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि जिस परिवार में बच्चे के जन्म की खुशी मनाई जा रही थी, उसी परिवार के सदस्य की भी हादसे में जान चली गई। बच्चे के जन्म के बाद घर में छठियार का आयोजन किया गया था। परिवार और रिश्तेदार खुशी में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन कार्यक्रम के दौरान हुए हादसे ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। रिपोर्टों के अनुसार बच्चे के पिता भी हादसे में मारे गए, जिससे परिवार की खुशियां कुछ ही पलों में मातम में बदल गईं।

जिस घर में नवजात के आने की खुशी में लोगों को बुलाया गया था, वहां हादसे के बाद रोने-बिलखने की आवाजें गूंजने लगीं। परिवार के लिए यह हादसा दोहरी त्रासदी लेकर आया। एक तरफ घर में नवजात के आने की खुशी थी और दूसरी तरफ अचानक परिवार के सदस्य की मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया।

घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में बस चालक के खिलाफ काफी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों ने हादसे के बाद बस और ट्रक में तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुछ देर तक घटनास्थल पर तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी। शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया है कि बस और गैस सिलेंडर लदे ट्रक के बीच संभावित टक्कर से बचने के दौरान बस चालक ने दिशा बदली और वाहन भीड़ में जा घुसा। हालांकि हादसे के लिए सिर्फ यही वजह जिम्मेदार थी या बस की गति, सड़क की स्थिति और अन्य कोई कारण भी इसमें शामिल था, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।

हादसे में घायल लोगों को आसपास के अस्पतालों में ले जाया गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। अस्पताल पहुंचने के बाद परिजन अपने-अपने लोगों की तलाश में जुट गए। देर रात तक अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। लोग ऑर्केस्ट्रा देख रहे थे और कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सड़क किनारे खड़े थे। इसी दौरान तेज रफ्तार बस उनकी ओर आ गई। लोगों ने बचने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही सेकंड में बस कई लोगों को कुचलते हुए आगे निकल गई।

यह हादसा सड़क किनारे होने वाले आयोजनों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीण इलाकों में शादी, छठियार, जन्मोत्सव और अन्य समारोह के दौरान अक्सर सड़क के किनारे टेंट, मंच या मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग जमा हो जाते हैं। अगर सड़क पर तेज रफ्तार भारी वाहन गुजर रहे हों तो दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।

बनकटवा में भी कार्यक्रम सड़क के बिल्कुल नजदीक था। लोगों की भीड़ सड़क किनारे मौजूद थी और उसी समय दो बड़े वाहन आमने-सामने आ गए। बस को दूसरी दिशा में मोड़ने के बाद वह सीधे लोगों की भीड़ में जा घुसी। इससे कुछ ही सेकंड में कई परिवारों की जिंदगी बदल गई।

स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि सड़क पर वाहनों की रफ्तार और सड़क किनारे होने वाले कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आयोजनों के समय सड़क से कार्यक्रम स्थल को पर्याप्त दूरी पर रखना और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करना जरूरी है।

हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। घायलों का इलाज कराया जा रहा है। पुलिस दुर्घटना के कारणों के साथ-साथ तोड़फोड़ और हंगामे की स्थिति की भी जानकारी जुटा रही है।

पांच लोगों की मौत की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। जिन लोगों के घरों में रात तक खुशी का माहौल था, वहां अब मातम पसरा हुआ है। ग्रामीण मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जता रहे हैं और प्रशासन से पीड़ित परिवारों की मदद की मांग कर रहे हैं।

इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर NH-727 जैसे व्यस्त मार्ग पर रात के समय भारी वाहनों और यात्री बसों की रफ्तार पर निगरानी जरूरी है। साथ ही सड़क किनारे होने वाले आयोजनों में भी आयोजकों को सुरक्षा के इंतजाम करने की जरूरत है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे में शामिल बस और ट्रक को कब्जे में लिया गया है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बस चालक की लापरवाही कितनी थी और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई। प्रशासन की ओर से भी हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि बच्चे के जन्म की खुशी में आयोजित कार्यक्रम आखिर कैसे पांच परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। जिस रात घर में छठियार की रस्म और ऑर्केस्ट्रा के बीच खुशियां मनाई जा रही थीं, उसी दौरान एक बेकाबू बस ने पूरे माहौल को चीख-पुकार में बदल दिया। पांच लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

लौरिया का यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क किनारे आयोजनों की सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की जरूरत की गंभीर चेतावनी भी है। पुलिस की जांच के बाद हादसे की पूरी तस्वीर सामने आएगी, लेकिन फिलहाल उन परिवारों के लिए सबसे बड़ा दुख यही है कि जिस खुशी को यादगार बनाने के लिए लोग एक साथ जुटे थे, वही रात उनके लिए कभी न भूलने वाला मातम बन गई।

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