बैतूल जिले के कोरकूढाना गांव में पिछले 20 दिनों से बिजली आपूर्ति बंद है। भीषण गर्मी के बीच बिजली और पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने विद्युत सब स्टेशन का घेराव कर जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
बैतूल: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में भीषण गर्मी के बीच कोरकूढाना गांव के ग्रामीण गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। गांव में करीब 20 दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। नाराज ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर जल्द बिजली बहाल नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
20 दिनों से अंधेरे में गुजार रहे दिन और रात
भैंसदेही विकासखंड की ग्राम पंचायत कोथलकुड के अंतर्गत आने वाले कोरकूढाना गांव में पिछले लगभग 20 दिनों से बिजली आपूर्ति बंद पड़ी है। भीषण गर्मी के इस दौर में गांव के लोग बिना बिजली के जीवन बिताने को मजबूर हैं। जिले में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के बावजूद ग्रामीणों को पंखा, कूलर और अन्य बुनियादी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग ने बकाया बिल का हवाला देते हुए पूरे गांव की बिजली काट दी है। इसके कारण सैकड़ों परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बिजली संकट से प्रभावित हुआ रोजमर्रा का जीवन
गांव में बिजली नहीं होने का असर केवल रोशनी तक सीमित नहीं है। मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए लोगों को दूसरे गांवों में जाना पड़ रहा है। वहीं घरेलू उपयोग के लिए आटा पिसवाने जैसी सामान्य जरूरतों को पूरा करने में भी ग्रामीणों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
सबसे गंभीर समस्या पेयजल की है। बिजली बंद होने के कारण गांव की नल-जल योजना भी प्रभावित हो गई है। इससे लोगों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कई परिवारों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन और अधिक कठिन हो गया है।
ग्रामीणों ने किया विद्युत विभाग का घेराव
बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश आखिरकार सड़क पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण सावलमेढ़ा विद्युत सब स्टेशन पहुंचे और वहां प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जताई।
ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिससे लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है।
चेतावनी: जल्द समाधान नहीं हुआ तो होगा चक्का जाम
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि चक्का जाम और सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए वे मजबूर होंगे।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में बिना बिजली के जीवन बेहद कठिन हो गया है। उनका आरोप है कि दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
प्रदर्शन के बाद प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने जल्द आवश्यक कार्रवाई कर बिजली आपूर्ति बहाल करने का भरोसा दिलाया है।
आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीण अपने घर लौट गए, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय पर समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। फिलहाल गांव के लोग बिजली बहाली का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही उन्हें इस संकट से राहत मिलेगी।









