भागलपुर बस स्टैंड बना दलदल: बारिश के बाद जलजमाव, कीचड़ में धंस रहे वाहन यात्री बेहाल

भागलपुर में बारिश के बाद बस स्टैंड पर जलजमाव और कीचड़ से हालात खराब। गाड़ियों के पहिए धंस रहे, यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भागलपुर बस स्टैंड बना दलदल: बारिश के बाद जलजमाव, कीचड़ में धंस रहे वाहन यात्री बेहाल
Photo Credit / Attribution: google

बिहार के भागलपुर में हुई हालिया बारिश के बाद बस स्टैंड की स्थिति बेहद खराब हो गई है। जलजमाव और कीचड़ के कारण यहां आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड का बड़ा हिस्सा पानी से भर गया है, जिससे यह जगह अब किसी दलदल जैसी नजर आ रही है।

बारिश रुकने के बाद भी पानी की निकासी नहीं हो पाई, जिसके चलते बस स्टैंड परिसर में जगह-जगह गंदा पानी जमा हो गया है। इस पानी के साथ कीचड़ बनने से स्थिति और भी बदतर हो गई है। यात्रियों को बस तक पहुंचने के लिए कीचड़ और पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनके कपड़े और सामान तक खराब हो रहे हैं।

सबसे ज्यादा परेशानी बसों और अन्य वाहनों को हो रही है। गीली मिट्टी में वाहनों के चक्के धंस जा रहे हैं, जिससे बसों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई बार यात्रियों को बस से उतरकर वाहन को धक्का लगाना पड़ रहा है, तब जाकर बस आगे बढ़ पा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या हर साल बारिश के दौरान सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण थोड़ी सी बारिश भी पूरे बस स्टैंड को जलमग्न कर देती है।

यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड की स्थिति को जल्द से जल्द सुधारा जाए। उनका कहना है कि यह जगह रोजाना हजारों लोगों के आवागमन का केंद्र है, ऐसे में यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव गंभीर चिंता का विषय है।

कई यात्रियों ने यह भी बताया कि कीचड़ और पानी के कारण फिसलने का खतरा बना हुआ है, जिससे दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इस स्थिति में ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को सुधारने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही पानी निकासी की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, लोगों को उम्मीद है कि इस बार केवल अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी समाधान निकाला जाएगा।

यह स्थिति यह दर्शाती है कि शहरी बुनियादी ढांचे में अभी भी कई खामियां हैं, जिन्हें समय रहते दूर करना जरूरी है। अगर समय पर ध्यान नहीं दिया गया, तो हर बारिश में लोगों को इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता रहेगा।

Leave a comment