राज्यसभा चुनाव 2026: क्रॉस वोटिंग पर अशोक गहलोत का बड़ा ऐलान, विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग

राज्यसभा चुनाव 2026 में क्रॉस वोटिंग को लेकर अशोक गहलोत ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने ऐसे विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई। पढ़ें पूरी राजनीतिक

देश के कई राज्यों में हाल ही में राज्यसभा चुनाव आयोजित किए गए, जिनमें हरियाणा, ओडिशा और बिहार शामिल हैं। इन चुनावों में हुई क्रॉस वोटिंग कांग्रेस के लिए नुकसानदेह साबित हुई है। 

जयपुर: देश के कई राज्यों में हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव 2026 में क्रॉस वोटिंग की घटनाओं ने राजनीति में हलचल मचा दी है। खासकर हरियाणा, ओडिशा और बिहार में कांग्रेस विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हुई है। इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। 

उन्होंने कहा कि अब राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के नियमों में बदलाव करने की आवश्यकता है और क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।

अशोक गहलोत का बयान

अशोक गहलोत ने कहा, 

'हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में हरियाणा, ओडिशा और बिहार में कांग्रेस विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, ऐसे में यह समझ से परे है कि कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन का उल्लंघन करते हुए क्रॉस वोटिंग की।'

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की घटनाओं से पार्टी की विश्वसनीयता और चुनावी रणनीति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अशोक गहलोत ने यह भी जोर दिया कि राज्यसभा चुनाव में केवल वोटिंग प्रक्रिया दिखाने से अब हालात नहीं संभाले जा सकते और इसमें नियमों में बदलाव की आवश्यकता है।

राजस्थान का उदाहरण

गहलोत ने 2018 से 2023 के बीच राजस्थान में हुए राज्यसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा, “हमने पार्टी हाईकमान और संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। उस समय हमारे पास 102 कांग्रेस विधायक थे, लेकिन हमारे उम्मीदवारों के पक्ष में 126 विधायकों के वोट पड़े। यह केवल हाईकमान द्वारा हमारे ऊपर जताए गए विश्वास और सद्भाव के कारण संभव हुआ। बिना किसी लोभ-लालच के यह सफलता मिली।”

उनका यह बयान कांग्रेस की पार्टी लाइन और सदस्यों के प्रति अनुशासन को मजबूत करने के लिए मार्गदर्शक भी माना जा रहा है। अशोक गहलोत ने स्पष्ट किया कि अब राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए कानून और वोटिंग प्रक्रिया में बदलाव की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा, यदि कोई विधायक राज्यसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ जाकर वोट देता है, तो उसकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए। 

केवल वोट दिखाना और प्रक्रिया पूरी करना अब राज्यसभा चुनाव में होने वाले खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसमें गहलोत ने यह भी इशारा किया कि पार्टी को चाहिए कि वह ऐसी स्थिति में नियमों में बदलाव की मांग केंद्र सरकार और संसद में उठाए।

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