भागलपुर में शराबबंदी के बीच बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 20 लाख रुपए मूल्य की अवैध शराब बरामद की है। यह खेप पुआल (पराली) से लदे एक ट्रक में छिपाकर लाई जा रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में कुल 335 पेटी शराब जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, ट्रक को शक के आधार पर रोका गया था। ऊपर से पुआल लदा होने के कारण पहली नजर में यह सामान्य कृषि परिवहन जैसा लग रहा था, लेकिन तलाशी के दौरान पुआल के नीचे सावधानी से छिपाकर रखी गई शराब की पेटियां मिलीं। जैसे-जैसे पुआल हटाया गया, शराब की खेप सामने आती गई।
अधिकारियों का कहना है कि यह तस्करी काफी संगठित तरीके से की जा रही थी। ट्रक को इस तरह से तैयार किया गया था कि बाहर से देखने पर किसी को संदेह न हो। प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि शराब दूसरे राज्य से बिहार लाई जा रही थी।
मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने तुरंत ट्रक को जब्त कर लिया और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिसके आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस खेप को भागलपुर में कहां सप्लाई किया जाना था।
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, इसके बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर अवैध शराब की सप्लाई की कोशिश करते रहते हैं। हाल के महीनों में कई मामलों में फल-सब्जी, दूध टैंकर, ट्रक और अन्य सामान की आड़ में शराब छिपाकर लाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद 335 पेटियों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 20 लाख रुपए आंकी गई है। सभी पेटियों को सुरक्षित स्थान पर रखकर गिनती और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू किया जाएगा और तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा। इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी से संभावित अवैध वितरण को रोका जा सका है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।











