भागलपुर में मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा आज से शुरू हो गई। जिले भर में कुल 62 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां हजारों छात्र-छात्राएं दो पालियों में परीक्षा दे रहे हैं। पहले दिन जहां एक ओर कई केंद्रों पर छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों से आने वाले कुछ परीक्षार्थियों को चचरी पुल पार कर परीक्षा केंद्र तक पहुंचना पड़ा।
सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों की भीड़ देखने को मिली। प्रशासन ने समय से पहले पहुंचने की अपील की थी, ताकि जांच प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। गेट पर एडमिट कार्ड और पहचान पत्र की जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। कई केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से जांच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सख्त तलाशी ली गई। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य गैजेट पूरी तरह प्रतिबंधित रहे।
जिले के कुछ आदर्श परीक्षा केंद्रों पर छात्राओं का तिलक लगाकर और फूल देकर स्वागत किया गया। शिक्षकों और केंद्राधीक्षकों ने परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दीं, जिससे परीक्षा के पहले दिन सकारात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। कई छात्राओं ने कहा कि इस तरह के स्वागत से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और परीक्षा का तनाव कम हुआ।
हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कुछ छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र तक पहुंचना आसान नहीं रहा। नदी या नाले के ऊपर बने अस्थायी चचरी पुल के सहारे कई छात्र-छात्राएं केंद्र तक पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के बाद स्थायी पुल की कमी के कारण उन्हें इसी रास्ते का सहारा लेना पड़ता है। परीक्षा के दिन भी छात्र सुबह-सुबह जोखिम उठाकर केंद्र तक पहुंचे, ताकि समय पर परीक्षा दे सकें।
प्रशासन की ओर से सभी 62 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई है और उड़नदस्ता टीमों को भी सक्रिय रखा गया है।
दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। कई केंद्रों पर रैंप और व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है।
पहली पाली की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। हालांकि कुछ स्थानों पर जांच के कारण हल्की देरी हुई, लेकिन प्रशासन ने समय प्रबंधन के जरिए स्थिति संभाल ली। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मैट्रिक परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है। भागलपुर में पहले दिन सख्ती और सकारात्मक पहल—दोनों की तस्वीर सामने आई। एक ओर जहां कड़े सुरक्षा इंतजाम रहे, वहीं दूसरी ओर छात्राओं का तिलक से स्वागत कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया। आने वाले दिनों में भी इसी तरह की व्यवस्था जारी रहने की बात प्रशासन ने कही है।










