भागलपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र में पुलिस को उस समय मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा, जब हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया एक आरोपी पुलिसकर्मी को साथ लेकर चांदन नदी में कूद गया। घटना सैदपुर घाट के पास की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी संतोष यादव को एक देसी मास्कट और कारतूस के साथ पकड़ा गया था। उसे पुलिस टीम चचरी पुल पार कराकर वाहन की ओर ले जा रही थी। इसी दौरान उसने अचानक पुलिस को चकमा दिया और उसे पकड़कर चल रहे सिपाही को साथ लेकर नदी की तेज धार में छलांग लगा दी।
रिपोर्ट के मुताबिक, जगदीशपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि मोहदीपुर गांव निवासी संतोष यादव हथियार लेकर चांदन नदी के आसपास मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई की और उसे नदी के छारन के पास से पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक देसी मास्कट और कारतूस बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। हथियार बरामद होने के बाद पुलिस उसे अपने साथ लेकर वहां से निकल रही थी।
पुलिस टीम जब आरोपी को चचरी पुल के रास्ते पुलिस वाहन तक ले जा रही थी, तभी उसने अचानक भागने की कोशिश की। पुलिसकर्मी ने उसे पकड़ रखा था, लेकिन आरोपी ने सिपाही को भी अपने साथ खींच लिया और दोनों नदी में जा गिरे। नदी में उस समय पानी का बहाव तेज बताया जा रहा है। सिपाही किसी तरह तैरकर सुरक्षित किनारे पहुंच गया, लेकिन संतोष यादव का तत्काल कोई पता नहीं चल सका।
पुलिस की शुरुआती आशंका है कि आरोपी नदी की तेज धार में तैरकर दूसरी तरफ पहुंच गया और वहां से भागने में सफल रहा। हालांकि स्थानीय स्तर पर उसके नदी में डूबने की आशंका की चर्चा भी है। इसलिए पुलिस की ओर से फिलहाल उसके बारे में किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की गई है। आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और नदी से जुड़े इलाके में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जगदीशपुर के थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह ने घटना की पुष्टि की है। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने संतोष यादव के खिलाफ पहले से दर्ज आपराधिक मामलों की भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। ग्रामीणों के हवाले से बताया गया है कि वह करीब दो महीने पहले ही जेल से बाहर आया था। हालांकि उसके पूर्व के मामलों और जेल से बाहर आने की परिस्थितियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी की पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर पुष्टि की जा रही है।
घटना के बाद आरोपी के परिजन भी चिंतित हैं। परिजनों का कहना है कि संतोष ट्रैक्टर चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था और शुक्रवार को किसी व्यक्ति के बुलाने पर बाइक से नदी की तरफ गया था। बाद में उन्हें उसके पुलिस के कब्जे में लिए जाने और नदी में कूदने की जानकारी मिली। परिवार की ओर से नदी में व्यापक स्तर पर तलाश अभियान चलाने की मांग की गई है।
इस घटना में पुलिस के लिए दो स्तर पर कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है। एक ओर आरोपी के पास से बरामद हथियार और कारतूस के आधार पर दर्ज होने वाली कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी, वहीं दूसरी ओर पुलिस अभिरक्षा से उसके भाग निकलने की घटना की भी जांच होगी। यह भी देखा जाएगा कि आरोपी किस तरह पुलिसकर्मी की पकड़ से निकलने में सफल हुआ और चचरी पुल के किस हिस्से से वह नदी में कूदा।
नदी में छलांग लगाने के बाद आरोपी का पता नहीं चलने के कारण उसकी तलाश पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। यदि वह तैरकर दूसरे किनारे पहुंचा है तो आसपास के गांवों और संभावित रास्तों पर उसकी तलाश की जा सकती है। वहीं यदि वह नदी में बह गया है तो बचाव और तलाशी अभियान के जरिए स्थिति स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल पुलिस दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रही है।
हथियार के साथ गिरफ्तारी के बाद इस तरह पुलिस अभिरक्षा से भागने की घटना ने स्थानीय स्तर पर भी चर्चा बढ़ा दी है। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के साथ यह भी पता लगाने में जुटी है कि उसके खिलाफ पहले से कितने मामले दर्ज हैं और बरामद हथियार के संबंध में कोई अन्य आपराधिक कड़ी सामने आती है या नहीं। मामले की आगे की तस्वीर संतोष यादव की बरामदगी और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।











