दरभंगा के दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) के मदर एंड चाइल्ड अस्पताल यानी MCH में शुक्रवार की आधी रात अचानक आग लगने से अफरातफरी मच गई। अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर बिजली के पैनल में धमाके जैसी आवाज के बाद चिंगारी निकली और कुछ ही देर में आग की लपटें दिखाई देने लगीं। देखते ही देखते वार्ड में धुआं भर गया। आग और धुएं से घबराई प्रसूताएं अपने नवजात बच्चों को गोद में लेकर वार्ड से बाहर निकलने लगीं। घटना के समय अस्पताल में मौजूद मरीजों, उनके स्वजनों और स्वास्थ्यकर्मियों में भी कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया।
बताया गया कि घटना शुक्रवार रात करीब 12 बजे की है। MCH के ग्राउंड फ्लोर पर विद्युत पैनल से अचानक धमाके की आवाज सुनाई दी। इसके बाद वहां से चिंगारी निकलने लगी और आग लग गई। बिजली के तारों और पैनल से उठते धुएं के कारण वार्ड का वातावरण तेजी से प्रभावित हुआ। प्रसूति वार्ड में मौजूद महिलाएं आग की सूचना मिलते ही अपने बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगीं। कई महिलाएं नवजातों को गोद में लेकर बाहर निकलती दिखाई दीं।
आग लगने की जानकारी अस्पताल के अधिकारियों को मिलते ही बचाव और निकासी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार झा और सुरक्षा सुपरवाइजर महेश सिंह मौके पर पहुंचे। गार्ड, नर्सिंग स्टाफ और स्थानीय लोगों की मदद से वार्ड में भर्ती मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाते हुए मरीजों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया।
आग और धुएं को देखते हुए सभी महिला मरीजों को आनन-फानन में न्यू सर्जरी ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर स्थानांतरित किया गया। ऑपरेशन से संबंधित मरीजों को ट्रायज एरिया और सीसीबीडब्ल्यू में भर्ती कराया गया। इस दौरान अस्पताल के कर्मचारियों ने मरीजों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद की। अचानक हुए इस घटनाक्रम के कारण अस्पताल परिसर में कुछ समय तक काफी हलचल बनी रही।
घटना की सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। आग बुझाने के लिए दमकलकर्मियों और अस्पताल के कर्मचारियों ने मिलकर प्रयास किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इसके बाद वार्ड में स्थिति को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की गई। धुआं निकलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने प्रभावित हिस्से का निरीक्षण किया और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार इस घटना में किसी व्यक्ति की जान जाने या घायल होने की सूचना नहीं है। समय रहते मरीजों को वार्ड से बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग से विद्युत उपकरणों और अन्य सामान को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विद्युत पैनल में अचानक शॉर्ट सर्किट किस वजह से हुआ।
अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर आग लगने की घटना में सबसे बड़ी चुनौती मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना होती है। खासकर MCH में नवजात बच्चों और प्रसूताओं की मौजूदगी के कारण स्थिति और संवेदनशील हो जाती है। ऐसे में रात के समय अचानक धुआं भरने से मरीजों और उनके परिजनों में घबराहट होना स्वाभाविक था। इस घटना में अस्पताल के कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
फिलहाल आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। विद्युत पैनल में किस स्तर पर खराबी हुई और आग किस हिस्से से शुरू हुई, इसकी जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। अस्पताल प्रशासन विद्युत उपकरणों को हुए नुकसान का भी आकलन कर रहा है। घटना के बाद यह भी महत्वपूर्ण होगा कि प्रभावित विद्युत व्यवस्था की जांच कर उसे सुरक्षित तरीके से बहाल किया जाए, ताकि मरीजों और अस्पताल कर्मियों की सुरक्षा बनी रहे।
रात के समय हुई इस घटना ने अस्पताल में अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की अहमियत भी सामने ला दी। MCH में प्रसूताओं और नवजातों की संख्या को देखते हुए आपात स्थिति में मरीजों को तेजी से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना जरूरी होता है। इस मामले में समय पर वार्ड खाली कराने और मरीजों को दूसरे ब्लॉक में शिफ्ट करने से स्थिति को नियंत्रण में रखने में मदद मिली। घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं होने की जानकारी है, हालांकि आग से हुए भौतिक नुकसान का पूरा आकलन जांच के बाद सामने आएगा।










