भारत-यूएई संबंधों में नई उड़ान: राष्ट्रपति नहयान ने 900 भारतीय कैदियों की रिहाई का दिया आदेश

India-UAE Relations News: भारत-यूएई संबंधों को नई मजबूती मिली है। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने 900 भारतीय कैदियों की रिहाई का आदेश दिया।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सरकार ने भारत को अपनी जेलों में बंद 900 से अधिक भारतीय कैदियों की सूची सौंपी है, जिन्हें आगामी आदेश के तहत रिहा किया जाएगा। यह पहल यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान के निर्देश पर की जा रही है। 

दुबई: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सरकार ने अपनी जेलों में बंद 900 से अधिक भारतीय कैदियों की सूची भारत को सौंप दी है। यह सूची अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों को दी गई है और नवंबर में जारी आदेश के तहत इन भारतीय नागरिकों को रिहा किया जाएगा। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने भारत समेत कई देशों के कैदियों की रिहाई का यह आदेश जारी किया है। 

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब भारत और यूएई के द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। हाल ही में यूएई के राष्ट्रपति ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी की थी, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में और मजबूती आई है।

यूएई की पहल 

यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने 27 नवंबर, 2025 को घोषणा की थी कि ईद अल-एतिहाद के अवसर पर दुनियाभर के कैदियों को रिहा किया जाएगा। ईद अल-एतिहाद, जो 2 दिसंबर को मनाया जाता है, यूएई का राष्ट्रीय दिवस है और यह 1971 में अमीराती राज्यों के एकजुट होने की स्मृति में मनाया जाता है।

इस कार्यक्रम के तहत 2,937 कैदियों की रिहाई की योजना बनाई गई थी, जिसमें भारत के 900 से अधिक नागरिक भी शामिल हैं। यूएई सरकार ने कैदियों के जुर्माने की रकम भी चुका दी है, जिससे वे आर्थिक बोझ से मुक्त होकर अपने देश लौट सकें। भारत के नागरिक कई कारणों से यूएई की जेलों में बंद थे। इनमें वीजा अवधि समाप्त होना, छोटे-मोटे श्रम विवाद, वित्तीय चूक और अन्य मामूली अपराध शामिल हैं। 

कई भारतीय परिवारों के लिए जुर्माने का भुगतान करना मुश्किल था। यूएई सरकार की यह पहल न केवल मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है, बल्कि सामाजिक स्थिरता और पुनर्वास को बढ़ावा देने का भी संकेत देती है।

भारत-यूएई संबंधों में मजबूती

यह रिहाई उस समय हो रही है जब भारत और यूएई के द्विपक्षीय संबंध नई ऊंचाइयों पर हैं। हाल ही में शेख मोहम्मद बिन जायद ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर किए और 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 बिलियन डॉलर तक ले जाने पर चर्चा की।

विशेषज्ञ मानते हैं कि कैदियों की रिहाई जैसी मानवतावादी पहल, दोनों देशों के राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगी। यह कदम केवल आपसी सहयोग का प्रतीक नहीं है, बल्कि भारतीय समुदाय के लिए विश्वास और सुरक्षा की भावना भी पैदा करता है। रिहाई की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाने के लिए भारतीय दूतावास ने कैदियों के परिवारों के साथ संपर्क स्थापित किया है। प्रत्येक कैदी को बिना किसी अतिरिक्त जुर्माने या शुल्क के भारत लौटने का अवसर मिलेगा। इस पहल से भारतीय प्रवासियों और उनके परिवारों में राहत की भावना बनी है।

इसके साथ ही यह कदम भारत-यूएई व्यापार और सामाजिक सहयोग की दिशा में भी एक सकारात्मक संकेत है। यूएई ने यह स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया स्थिरता, सामाजिक एकता और पुनर्वास के अवसरों को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

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