भारतीय सेना ने डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Zoho Corporation के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य सेना के भीतर स्वदेशी डिजिटल समाधानों को बढ़ावा देना और तकनीकी रूप से अधिक सक्षम सिस्टम विकसित करना है।
नई दिल्ली: भारत की रक्षा व्यवस्था में डिजिटल आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारतीय सेना ने स्वदेशी टेक्नोलॉजी कंपनी Zoho Corporation के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य सेना के डिजिटल सिस्टम को आधुनिक, सुरक्षित और स्वदेशी तकनीक पर आधारित बनाना है।
यह समझौता भारत के “Jointness, Atmanirbhar Bharat और Innovation (JAI)” विज़न के अनुरूप माना जा रहा है, जिसके तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकी समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है।
समझौते पर किसने किए हस्ताक्षर?
इस महत्वपूर्ण MoU पर भारतीय सेना की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल हर्ष छिब्बर (DGIS) और Zoho Corporation की ओर से इंजीनियरिंग डायरेक्टर राजेंद्रन डंडापानी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बू भी मौजूद रहे, जिनकी कंपनी को भारत की प्रमुख स्वदेशी सॉफ्टवेयर कंपनियों में गिना जाता है।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भारतीय सेना और Zoho के बीच हुई इस साझेदारी का फोकस केवल सॉफ्टवेयर सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक डिजिटल परिवर्तन रणनीति का हिस्सा है। इसके प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं—
- सेना में एप्लीकेशन-आधारित रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देना
- सुरक्षित, भरोसेमंद और टिकाऊ डिजिटल समाधान विकसित करना
- रक्षा कर्मियों के लिए तकनीकी कौशल (Tech Skills) को मजबूत बनाना
- सेना को भविष्य की डिजिटल चुनौतियों के लिए तैयार करना
- सैन्य संचालन को अधिक कुशल और डिजिटल रूप से सशक्त बनाना
भारतीय सेना का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
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भारतीय सेना तेजी से अपने सिस्टम को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर रही है। आधुनिक युद्ध प्रणाली में डेटा, कम्युनिकेशन और साइबर सुरक्षा की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सुरक्षित और स्वदेशी सॉफ्टवेयर समाधान की आवश्यकता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। Zoho के साथ यह साझेदारी सेना के प्रशासनिक और ऑपरेशनल सिस्टम को अधिक सुरक्षित और स्वदेशी तकनीक पर आधारित बनाने में मदद कर सकती है। इससे विदेशी सॉफ्टवेयर पर निर्भरता कम होने की संभावना भी बढ़ेगी।
Zoho: भारत की प्रमुख स्वदेशी टेक कंपनी
Zoho Corporation एक भारतीय मूल की बहुराष्ट्रीय सॉफ्टवेयर कंपनी है, जो क्लाउड-आधारित बिजनेस एप्लिकेशन और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर समाधान विकसित करती है। कंपनी की स्थापना 1996 में श्रीधर वेम्बू और टोनी थॉमस ने की थी। Zoho को लंबे समय से भारत के स्वदेशी सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम के मजबूत स्तंभ के रूप में देखा जाता है। कंपनी का फोकस सुरक्षित, किफायती और स्केलेबल डिजिटल समाधान विकसित करने पर रहा है, जिन्हें वैश्विक स्तर पर भी उपयोग किया जाता है।
क्यों अहम है यह कदम?
भारत के रक्षा और तकनीकी क्षेत्र में विदेशी सॉफ्टवेयर कंपनियों पर निर्भरता लंबे समय से एक रणनीतिक चिंता रही है। साइबर सुरक्षा, डेटा संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्वदेशी विकल्पों को बढ़ावा देना बेहद जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समझौते से भारतीय सेना को निम्नलिखित लाभ मिल सकते हैं—
- डेटा सुरक्षा में सुधार
- तेज और अनुकूलित डिजिटल सिस्टम
- विदेशी तकनीक पर निर्भरता में कमी
- साइबर हमलों के खिलाफ मजबूत रक्षा तंत्र
- डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर भारत का कदम
भारत सरकार लगातार “Digital India” और “Atmanirbhar Bharat” जैसे अभियानों के तहत स्वदेशी तकनीकी इकोसिस्टम को बढ़ावा दे रही है। रक्षा क्षेत्र में Zoho जैसी कंपनियों की भागीदारी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है कि भारत अब रणनीतिक तकनीकों में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है।











