भीलवाड़ा सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से दो युवकों की मौत, इलाके में आक्रोश

भीलवाड़ा के बिजौलिया में तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने मोपेड को टक्कर मार दी। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि आरोपी ड्राइवर फरार हो गया।

राजस्थान के भीलवाड़ा के बिजौलिया थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने मोपेड को टक्कर मार दी। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। घटना के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया, जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

भीलवाड़ा: राजस्थान के Bhilwara जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बिजौलिया थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने मोपेड सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे, जबकि पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली भी अनियंत्रित होकर पलट गई।

घटना के बाद आरोपी चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। लोगों ने क्षेत्र में भारी वाहनों की लापरवाह आवाजाही और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के व्यावसायिक उपयोग पर सवाल उठाए।

हादसे के बाद मचा हड़कंप

पुलिस के अनुसार यह हादसा बिजौलिया क्षेत्र के सर्विस लेन तिराहे के पास हुआ। बताया जा रहा है कि मोपेड पर सवार दोनों युवक सड़क से गुजर रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। ट्रॉली पत्थरों से भरी हुई थी और तेज गति के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।

हादसे के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई और सड़क पर पत्थर फैल गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

एक मृतक की पहचान, दूसरे की शिनाख्त जारी

पुलिस ने बताया कि मृतकों में एक युवक की पहचान सोजी राम भील के रूप में हुई है। वहीं दूसरे युवक की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवा दिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के तुरंत बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

लोगों में भारी नाराजगी

घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के निवासी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का लगातार गलत तरीके से उपयोग किया जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर अब व्यावसायिक परिवहन में लगाए जा रहे हैं। पत्थर, बजरी और निर्माण सामग्री ढोने वाले ये वाहन तेज गति से चलाए जाते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन और परिवहन विभाग को शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने मांग की कि ऐसे वाहनों पर निगरानी बढ़ाई जाए और लापरवाह ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

भीलवाड़ा हादसे ने एक बार फिर राजस्थान में सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का अनियंत्रित उपयोग लगातार जानलेवा साबित हो रहा है।

अक्सर देखा गया है कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियां क्षमता से अधिक वजन लेकर चलती हैं और कई मामलों में इनके चालकों के पास उचित प्रशिक्षण या वैध दस्तावेज भी नहीं होते। तेज रफ्तार, खराब सड़कें और सुरक्षा नियमों की अनदेखी मिलकर ऐसे हादसों को जन्म देती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क सुरक्षा कानूनों का कड़ाई से पालन और नियमित जांच अभियान जरूरी हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

राजस्थान में बढ़ रहे सड़क हादसे

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और सड़क परिवहन मंत्रालय की रिपोर्टों के अनुसार, राजस्थान देश के उन राज्यों में शामिल है जहां सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भारी वाहनों और निर्माण सामग्री ढोने वाले ट्रैक्टरों के कारण हादसे आम होते जा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना फिटनेस जांच और सुरक्षा मानकों के सड़कों पर चल रही हैं। इनमें रिफ्लेक्टर, ब्रेक सिस्टम और सुरक्षा संकेतों की कमी भी हादसों की बड़ी वजह बनती है।

पुलिस जांच में जुटी

बिजौलिया थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपी चालक की पहचान की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही ट्रैक्टर-ट्रॉली के दस्तावेज, मालिक और उसके व्यावसायिक उपयोग की भी जांच की जा रही है।

प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग

स्थानीय सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए। लोगों ने कहा कि यदि समय रहते नियमों को सख्ती से लागू नहीं किया गया, तो भविष्य में ऐसे और हादसे हो सकते हैं।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि ट्रैक्टर-ट्रॉली के व्यावसायिक उपयोग पर स्पष्ट नियम बनाए जाएं और बिना अनुमति निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।

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