बिग बॉस के बाद डिप्रेशन में थी शमिता शेट्टी, मजबूरी में लेनी पड़ी थेरेपी

बिग बॉस के अनुभव के बाद शमिता शेट्टी डिप्रेशन का सामना कर रही थीं। मजबूरी में उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के लिए थेरेपी ली। परिवार और सपोर्ट की अहमियत

‘बिग बॉस 15’ हाउस में शमिता शेट्टी की मजबूत पर्सनैलिटी ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था। वह करण कुंद्रा, तेजस्वी प्रकाश, निशांत भट्ट और प्रतीक सहजपाल के साथ शो की फाइनलिस्ट में शामिल थीं।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री और ‘बिग बॉस 15’ की फाइनलिस्ट शमिता शेट्टी ने हाल ही में मानसिक स्वास्थ्य और डिप्रेशन के अपने संघर्ष को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह एक समय ऐसा था जब उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि वे मानसिक रूप से परेशान क्यों महसूस कर रही हैं। इस अनुभव ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनने में मदद की।

बिग बॉस 15 में मजबूत पर्सनैलिटी

शमिता शेट्टी ‘बिग बॉस 15’ में बतौर कंटेस्टेंट दिखाई दी थीं। इस दौरान उनकी मजबूत पर्सनैलिटी और ईमानदार रवैया ने दर्शकों का दिल जीत लिया। वह करण कुंद्रा, तेजस्वी प्रकाश, निशांत भट्ट और प्रतीक सहजपाल के साथ शो की फाइनलिस्ट में शामिल थीं। हालांकि शो में उनकी लोकप्रियता काफी रही, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनके पीछे मानसिक संघर्ष भी था।

द कपिल शर्मा शो में शमिता ने अपने मानसिक स्वास्थ्य के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पहली बार मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं शुरू हुईं, तो उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि यह डिप्रेशन है। शमिता ने कहा,

'जब मैं उस दौर से गुजर रही थी, मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं ऐसा क्यों महसूस कर रही हूं या ऐसा व्यवहार क्यों कर रही हूं। उस समय परिवार का सपोर्ट बहुत जरूरी था। मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात करना बेहद जरूरी है।'

शमिता ने इस बात पर जोर दिया कि डिप्रेशन का सामना करना कोई शर्म की बात नहीं है और इस पर खुलकर बातचीत करना लोगों की मदद कर सकता है।

थेरेपी का सहारा

बिग बॉस के बाद डिप्रेशन में थी शमिता शेट्टी, मजबूरी में लेनी पड़ी थेरेपी

शमिता शेट्टी ने बताया कि बिग बॉस हाउस में उनका सामना मानसिक रूप से कठिन दौर से हुआ। उन्होंने कहा,

'ईमानदारी से कहूं तो जब मैंने बिग बॉस हाउस में जाने का फैसला किया, तब मुझे खुद नहीं पता था कि मैं क्या सोच रही हूं। घर में उतार-चढ़ाव बहुत थे, लेकिन मुझे खुद को संभालना पड़ा। मैं डिप्रेशन से गुज़री हूं और उसी ने मुझे मजबूत बनाया। मेरी बहन की शादी के बाद, जब मैं अकेली महसूस करने लगी, तब मुझे थेरेपी लेना पड़ा।'

थेरेपी ने शमिता को मानसिक रूप से संतुलित रहने और खुद को बेहतर समझने में मदद की। उन्होंने यह भी कहा कि इन अनुभवों ने उन्हें जीवन में आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने की हिम्मत दी।

परिवार और सपोर्ट की अहमियत

शमिता ने अपने अनुभव में परिवार के समर्थन की अहमियत को भी रेखांकित किया। उनका कहना था कि मुश्किल दौर में परिवार का साथ और खुलकर अपनी भावनाओं को साझा करना बहुत जरूरी है। उन्होंने लोगों को यह संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर पेशेवर मदद लेने से हिचकिचाएं नहीं।

बॉलीवुड में शमिता ने अपनी अभिनय क्षमता और दमदार किरदारों के लिए पहचान बनाई है। ‘बिग बॉस 15’ ने उन्हें एक अलग प्लेटफॉर्म दिया, जहां उन्होंने अपनी सच्चाई और मानसिक मजबूती दिखाई। शो से बाहर आने के बाद उनका यह खुलासा उनके फैंस और व्यापक दर्शक वर्ग के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ।

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