बिहार में शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ेंगे 24 हजार बच्चे: नालंदा में 311 बच्चों के लिए विशेष सेंटर, 30 जून तक मैपिंग पूरी करने के निर्देश

बिहार में 24 हजार बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी है। नालंदा में 311 बच्चों के लिए विशेष सेंटर बनाए जाएंगे।
बिहार में शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ेंगे 24 हजार बच्चे: नालंदा में 311 बच्चों के लिए विशेष सेंटर, 30 जून तक मैपिंग पूरी करने के निर्देश
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नालंदा। बिहार में स्कूल से बाहर रह रहे करीब 24 हजार बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इस अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में विशेष शिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। नालंदा जिले में ऐसे 311 बच्चों की पहचान की गई है, जिनके लिए विशेष सेंटर संचालित किए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को 30 जून तक बच्चों की मैपिंग का कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है।

इस पहल का उद्देश्य उन बच्चों को दोबारा स्कूल शिक्षा से जोड़ना है, जो किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ चुके हैं या कभी स्कूल नहीं जा पाए। विभाग की ओर से ऐसे बच्चों की पहचान कर उनकी शैक्षणिक स्थिति का आकलन किया जा रहा है, ताकि उन्हें उनकी उम्र और शैक्षणिक स्तर के अनुसार शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

नालंदा में विशेष केंद्रों के माध्यम से बच्चों को बुनियादी शिक्षा, भाषा और गणित की समझ विकसित करने के साथ-साथ नियमित स्कूलों में प्रवेश के लिए तैयार किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे सामान्य स्कूलों में आसानी से पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जिला स्तर के पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि गांव-गांव जाकर ऐसे बच्चों की पहचान की जाए। इसके लिए स्कूलों के शिक्षक, शिक्षा सेवक और स्थानीय प्रशासन की मदद ली जा रही है। मैपिंग के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि बच्चे किन कारणों से स्कूल से बाहर हैं और उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ने में किस तरह की सहायता की जरूरत है।

अधिकारियों के अनुसार, 30 जून तक मैपिंग का काम पूरा होने के बाद विशेष केंद्रों का संचालन शुरू किया जाएगा। इन केंद्रों में प्रशिक्षित शिक्षक बच्चों को पढ़ाएंगे और उनकी प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पहल से स्कूल छोड़ चुके बच्चों को नई शुरुआत का अवसर मिलेगा। इससे न केवल साक्षरता दर बढ़ेगी, बल्कि बाल श्रम और सामाजिक असमानता जैसी समस्याओं को कम करने में भी मदद मिलेगी।

राज्य सरकार की इस योजना से हजारों बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है। नालंदा समेत पूरे बिहार में शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। अब देखना होगा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर मैपिंग और विशेष केंद्रों की स्थापना का कार्य कितनी तेजी से पूरा हो पाता है।

 

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