बिहार इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा 2026 को लेकर गया जिले में प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह जुटा हुआ है। इस वर्ष गया जिले में इंटर प्रायोगिक परीक्षा में करीब 1.44 लाख छात्र-छात्राओं के शामिल होने की संभावना है, जिसे देखते हुए सभी संबंधित विभाग अलर्ट मोड में हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, जिले के सभी परीक्षा केंद्रों की पहचान कर ली गई है और संबंधित प्लस-टू स्कूलों व कॉलेजों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रयोगशालाओं की साफ-सफाई, उपकरणों की उपलब्धता, रसायनों और अन्य जरूरी संसाधनों की जांच की जा रही है, ताकि परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं, उपस्थिति पत्रक और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट गाइडलाइन दी गई है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि परीक्षकों और आंतरिक मूल्यांकन से जुड़े शिक्षकों को भी समय पर निर्देश दिए जा चुके हैं। परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और नकल जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए उड़नदस्ता टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की गई है। परीक्षा के दिनों में केंद्रों के आसपास पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। साथ ही, भीड़ और ट्रैफिक नियंत्रण को लेकर स्थानीय प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
छात्रों में भी परीक्षा को लेकर उत्सुकता और तैयारी का माहौल है। कई छात्र प्रयोगशालाओं में नियमित अभ्यास कर रहे हैं, जबकि शिक्षक भी प्रायोगिक विषयों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि प्रशासनिक तैयारियों से छात्रों का मनोबल बढ़ा है।
कुल मिलाकर, गया जिले में Bihar Inter Practical Exam 2026 को लेकर सभी स्तरों पर व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएंगी, ताकि 1.44 लाख से अधिक छात्र बिना किसी बाधा के प्रायोगिक परीक्षा में शामिल हो सकें और परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।












