समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नीत महागठबंधन की हार पर बड़ा बयान दिया है। अखिलेश यादव ने कहा, यूपी, बिहार नहीं है। हम यूपी में पूरी तरह तैयार हैं।
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेतृत्व वाले महागठबंधन की हार पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान उन्हें कहीं भी यह महसूस नहीं हुआ कि महागठबंधन हार रहा है। उनका मानना है कि अगर स्थिति वैसी होती जैसी उम्मीद थी, तो तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बन सकते थे।
अखिलेश यादव का बिहार चुनाव पर विश्लेषण
अखिलेश यादव ने अपने साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने बिहार में खुद प्रचार किया और हर जगह लोगों से संवाद किया। लेकिन चुनाव नतीजों से यह साफ हुआ कि बीजेपी की रणनीति और Narrative ने महागठबंधन के पक्ष को प्रभावित किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव में ईवीएम में गड़बड़ी देखने को मिली, और एक दिन आने पर ईवीएम को हटाना पड़ेगा।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि बिहार चुनाव में 10 हजार रुपये के वितरण का असर भी देखा गया। उन्होंने बताया कि अब बिहार सरकार यह वित्तीय प्रोत्साहन नहीं दे रही है, और इसका चुनावी नतीजों पर असर हुआ।

प्रशांत किशोर और चुनावी रणनीति
अखिलेश यादव ने प्रशांत किशोर और उनकी रणनीति का जिक्र करते हुए कहा कि उनके प्रयासों के बावजूद महागठबंधन की हार हुई। उन्होंने बताया कि बीजेपी ने मीडिया और गानों के माध्यम से Narrative तैयार किया, जिससे जनता की धारणा प्रभावित हुई। अखिलेश ने कहा, "कोई एआई से भी गाना बनवाए, बीजेपी उसका Narrative बना देती है।"
इस पर अखिलेश ने यह भी स्पष्ट किया कि यूपी और बिहार के चुनाव परिस्थितियां अलग हैं। यूपी में सपा पूरी तरह से चुनाव के लिए तैयार है और पार्टी बीजेपी के बनाए Narrative में फंसने वाली नहीं है।
धार्मिक स्थलों पर टिप्पणी
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा पूरी सावधानी से चुनाव की तैयारी कर रही है। उनकी पार्टी बीजेपी के प्रचार और Narrative के चक्रव्यूह में नहीं फसेगी। यूपी चुनाव में रणनीति और ground-level संगठन मजबूत होने के कारण सपा की स्थिति बेहतर रहने की संभावना है। अखिलेश ने केदारेश्वर मंदिर और राम मंदिर पर भी अपनी राय रखी।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर जाने का सवाल ईश्वर की इच्छा पर निर्भर है। वहीं, इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर मंदिर के संदर्भ में उन्होंने बताया कि श्रावण मास तक इसका निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।










