Biju Patnaik पर टिप्पणी के लिए BJP सांसद Nishikant Dubey ने मांगी माफी, जानें क्या कहा

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक पर विवादित बयान के लिए बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने कहा, उनका बयान गलत समझा गया और किसी की भावनाओं को ठेस नहीं ।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक पर दिए विवादित बयान के लिए बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका बयान केवल व्यक्तिगत दृष्टिकोण था और किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उनका उद्देश्य नहीं था।

New Delhi: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक को लेकर दिए अपने विवादास्पद बयान के लिए बुधवार को बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका बयान गलत समझा गया और किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उनका उद्देश्य नहीं था। दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके साफ किया कि उनका बयान केवल व्यक्तिगत विचार था और बीजू पटनायक हमेशा से एक महान राजनेता रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उनके बयान से किसी की भावनाओं को चोट पहुंची है, तो इसके लिए वे बिना शर्त माफी मांगते हैं। दुबे ने इस विवाद को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके नेहरू-गांधी परिवार और बीजू पटनायक के संदर्भ में दिए गए बयानों का मीडिया ने गलत अर्थ निकाला। भाजपा ने भी पहले ही इस टिप्पणी से खुद को अलग कर लिया था।

निशिकांत दुबे के बयान

यह विवाद 27 मार्च को दुबे द्वारा दिए गए बयान से शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने 1960 के दशक में भारत की विदेश नीति और रक्षा नीतियों को लेकर कई आरोप लगाए। दुबे ने दावा किया कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के बीच संपर्क था। उन्होंने कहा कि उस समय बीजू पटनायक ने अमेरिकी सरकार और नेहरू के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

दुबे ने आगे कहा कि पटनायक को रक्षा संबंधी संवेदनशील जिम्मेदारियां दी गई थीं और वे अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में थे। उनके अनुसार अमेरिका ने तिब्बत में अपने सैनिक और सीआईए एजेंट तैनात किए, यह जानते हुए कि चीन एक दिन तिब्बत पर कब्जा करेगा। उन्होंने दावा किया कि दलाई लामा और उनके परिवार ने अमेरिकी सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा।

इस बयान में दुबे ने यह भी कहा कि नेहरू ने 1962 का चीन युद्ध अमेरिकी धन और सीआईए एजेंटों के सहयोग से लड़ा और उस समय पटनायक अमेरिका और नेहरू के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी थे।

भाजपा ने विवाद से खुद को अलग किया

दुबे के बयान के बाद भाजपा ने तुरंत इस टिप्पणी से खुद को अलग करने की कोशिश की। पार्टी के वरिष्ठ नेता बैजयंत जय पांडा ने कहा कि दिवंगत नेता बीजू पटनायक कद्दावर और देशभक्त शख्सियत थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके देशभक्ति और योगदान पर किसी भी तरह का संदेह अस्वीकार्य है।

भाजपा ने इस विवाद पर मीडिया के ध्यान देने के बाद साफ किया कि सांसद के व्यक्तिगत बयान को पार्टी का समर्थन नहीं माना जा सकता। पार्टी ने यह भी कहा कि दुबे की टिप्पणी किसी भी तरह से बीजू पटनायक की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का प्रयास नहीं थी।

निशिकांत दुबे का बयान स्पष्ट करने का प्रयास

माफी मांगते हुए दुबे ने अपने बयान की सफाई दी और कहा कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और मीडिया ने इसे संवेदनशील विषय के रूप में पेश किया। उन्होंने यह भी कहा कि बीजू पटनायक ने हमेशा देश के लिए काम किया और उन्हें किसी भी प्रकार के विदेशी प्रभाव के साथ जोड़ना अनुचित है।

दुबे ने माफी के संदेश में लिखा कि वे बीजू पटनायक के योगदान का सम्मान करते हैं और उनका बयान केवल उनके व्यक्तिगत दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो इसके लिए वे ईमानदारी से माफी मांगते हैं।

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