बरेली में एलएलबी छात्र योगेश यादव की पुरानी रंजिश में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उसके वकील भाई को भी घायल किया। गांव में तनाव है। पुलिस ने केस दर्ज कर तीन टीमें गठित की हैं।
Uttar pradesh: फरीदपुर थाना क्षेत्र के नवादा-बिलसंडी गांव में सोमवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब कानून की पढ़ाई कर रहे 21 वर्षीय छात्र योगेश यादव की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। योगेश बरेली शहर के क्लासिक लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था और सोमवार को अपने 5वें सेमेस्टर का पेपर देकर बाइक से घर लौट रहा था।
उसके साथ उसका बड़ा भाई धीरेंद्र यादव भी था। जैसे ही दोनों गांव के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने अचानक योगेश पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगते ही योगेश सड़क पर गिर पड़ा, जबकि उसका भाई धीरेंद्र भी हमले में घायल हो गया।
भाई को बचाने पहुंचे वकील पर भी हमला
फायरिंग की आवाज सुनकर योगेश के दूसरे भाई, एडवोकेट मनोज यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने जब अपने छोटे भाई को खून से लथपथ देखा, तो हमलावरों से भिड़ गए। आरोप है कि बदमाशों ने मनोज यादव और धीरेंद्र के साथ मारपीट की और उन्हें भी गंभीर रूप से घायल कर दिया।
इसके बाद हमलावर अपनी-अपनी बाइक से मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों की मदद से तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने योगेश को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, योगेश के पेट में गोली लगी थी और अधिक रक्तस्राव के कारण उसकी जान चली गई। मनोज और धीरेंद्र का इलाज जारी है।
पुराने लेनदेन विवाद में हत्या की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में इस हत्याकांड के पीछे मोबाइल फोन की किस्तों और पैसों के लेनदेन का पुराना विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि ग्राम प्रधान रामरहीस और उनके परिवार से जुड़े लोगों के साथ लंबे समय से तनातनी चल रही थी।

ग्रामीणों ने सुमित, राम खिलाड़ी और पीके समेत कुछ लोगों के नाम बताए हैं, जिन पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस का मानना है कि इसी रंजिश के चलते योगेश को निशाना बनाया गया।
पुलिस बल तैनात
वारदात के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीओ संदीप सिंह और थाना प्रभारी चमन सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एहतियातन गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है।
एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि परिवार की तहरीर पर ग्राम प्रधान रामरहीस, उसके भाई और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं और एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
आंदोलन की चेतावनी
इस घटना को लेकर अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी है। मृतक योगेश खुद लॉ छात्र था और उसका भाई मनोज यादव अधिवक्ता है। बड़ी संख्या में वकील अस्पताल और थाने पर जमा हो गए।
बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वकीलों का कहना है कि जब कानून से जुड़े लोग ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठता है।








