प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से जुड़ी एक तस्वीर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की है। तस्वीर में पीएम मोदी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ नजर आ रहे हैं।
BRICS 2026: नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास ध्यान खींचा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिनमें वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ नजर आए। एक तस्वीर में मोदी दोनों नेताओं का हाथ थामे मुस्कुराते दिखाई दे रहे हैं।
भारत की मेजबानी में हो रहे BRICS Summit 2026 के बीच सामने आई यह तस्वीर ऐसे समय आई है, जब वैश्विक राजनीति में रणनीतिक साझेदारियों और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज है। तस्वीर में तीनों नेताओं की मौजूदगी के साथ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो भी दिखाई दे रहे हैं।
PM मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ब्रिक्स सम्मेलन की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि दिल्ली में BRICS Summit 2026 की शुरुआत हो गई है। तस्वीरों में सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे विभिन्न देशों के नेताओं की मौजूदगी दिखाई गई। मोदी, पुतिन और शी चिनफिंग की एक साथ तस्वीर को खास महत्व इसलिए भी दिया जा रहा है क्योंकि तीनों देश ब्रिक्स समूह के प्रमुख सदस्य हैं और वैश्विक आर्थिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर इस मंच की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
हालांकि, तस्वीर को किसी औपचारिक राजनीतिक समझौते का संकेत मानने के बजाय इसे सम्मेलन के दौरान नेताओं की सामूहिक मौजूदगी और सहयोग की भावना के प्रतीक के रूप में देखा जा सकता है।
दिल्ली पहुंच चुके हैं पुतिन और शी चिनफिंग
BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह नई दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी शनिवार को भारत पहुंचे। दोनों नेताओं की भारत यात्रा इस सम्मेलन को वैश्विक कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाती है। दोनों देशों के साथ भारत के संबंधों का अपना अलग रणनीतिक महत्व है।
रूस भारत का लंबे समय से रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में प्रमुख साझेदार रहा है, जबकि चीन के साथ भारत के आर्थिक संबंधों के साथ-साथ सीमा से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं।

ग्लोबल साउथ पर PM मोदी का जोर
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने Global South की भूमिका को लेकर भी महत्वपूर्ण बात रखी। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों को केवल वैश्विक संकटों का सामना करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय फैसले लेने की प्रक्रिया में भी उनकी प्रभावी भागीदारी होनी चाहिए। मोदी ने ग्लोबल साउथ के नीति-निर्माताओं को वैश्विक संवाद में अधिक प्रभावी तरीके से भाग लेने के लिए आवश्यक जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की भारत की इच्छा भी व्यक्त की। इसका व्यापक उद्देश्य विकासशील देशों को वैश्विक नीतियों और संस्थानों में अधिक प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में सहयोग बढ़ाना है।
पुतिन के साथ मोदी की द्विपक्षीय बैठक
ब्रिक्स सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार शाम रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं के बीच विभिन्न क्षेत्रों में भारत-रूस सहयोग की समीक्षा की गई। बातचीत में राजनीतिक संबंधों के साथ व्यापार, अर्थव्यवस्था, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों को महत्व दिया गया। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाना इस बातचीत के प्रमुख विषयों में रहा।
प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की द्विपक्षीय बैठक पर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रही। भारत और चीन के बीच हाल के वर्षों में संबंधों में तनाव का प्रमुख कारण वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC से जुड़ा विवाद रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच बातचीत में सीमा की स्थिति के साथ व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देश हाल के समय में संबंधों में सुधार की कोशिश करते रहे हैं और द्विपक्षीय संवाद को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।











