ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात कर यूक्रेन को निरंतर समर्थन का भरोसा दिया। दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण और "स्टोन क्लोक" इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग तकनीक साझा करने सहित सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
लंदन: ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने पदभार संभालने के एक सप्ताह के भीतर अपनी पहली आधिकारिक विदेशी मुलाकात यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ की। इस मुलाकात का उद्देश्य रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के प्रति ब्रिटेन की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और रक्षा सहयोग को और मजबूत करना था। डाउनिंग स्ट्रीट के अनुसार, दोनों नेताओं ने ब्रिटेन के एक नौसैनिक अड्डे का दौरा किया और उन सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की, जो ब्रिटेन में यूक्रेनी सैनिकों को प्रशिक्षण देने के मिशन का हिस्सा हैं।
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब रूस-यूक्रेन युद्ध लगातार चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका है और पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन को सैन्य, आर्थिक और तकनीकी सहायता जारी है। बर्नहैम ने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन यूक्रेन के साथ "कंधे से कंधा मिलाकर" खड़ा रहेगा और न्यायपूर्ण तथा स्थायी शांति स्थापित होने तक उसका समर्थन जारी रहेगा।
पहली विदेश नीति की प्राथमिकता बना यूक्रेन
प्रधानमंत्री बनने के बाद एंडी बर्नहैम ने अपनी पहली विदेशी बैठक के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति को आमंत्रित कर यह संकेत दिया कि उनकी सरकार की विदेश नीति में यूक्रेन प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण, नई तकनीकों और भविष्य की सुरक्षा रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा कि यह मुलाकात दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जनवरी 2025 में दोनों देशों के बीच हुए 100 वर्षीय साझेदारी समझौते को भी इस सहयोग का आधार माना जा रहा है।
नौसैनिक अड्डे पर सैनिकों से की मुलाकात
दौरे के दौरान एंडी बर्नहैम और राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ब्रिटेन के एक नौसैनिक अड्डे का दौरा किया, जहां लगभग 200 यूक्रेनी सैनिक और नौसैनिक पिछले तीन सप्ताह से प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से समुद्री सुरक्षा, बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने की तकनीक और भविष्य में काला सागर (ब्लैक सी) क्षेत्र में संभावित अभियानों की तैयारी पर केंद्रित है।
ब्रिटिश और यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों ने दोनों नेताओं को प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रगति और युद्धक्षेत्र में इन कौशलों के महत्व के बारे में जानकारी दी। ब्रिटेन का कहना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से यूक्रेनी सेना की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
‘स्टोन क्लोक’ तकनीक यूक्रेन के साथ साझा करेगा ब्रिटेन
इस यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा ब्रिटेन की नई इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग तकनीक "स्टोन क्लोक" को लेकर हुई। ब्रिटिश सरकार ने कहा कि वह इस तकनीक से जुड़ी बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) यूक्रेन के साथ साझा करेगी ताकि वहां इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सके।
"स्टोन क्लोक" एक अत्याधुनिक सैन्य उपकरण है, जिसे ड्रोन के साथ जोड़ा जा सकता है। इसका उद्देश्य दुश्मन की वायु रक्षा प्रणालियों को भ्रमित करना और ड्रोन की पहचान तथा ट्रैकिंग को कठिन बनाना है। इससे ड्रोन अपने लक्ष्य तक अधिक सुरक्षित तरीके से पहुंच सकते हैं।
ब्रिटेन के अनुसार यह तकनीक युद्धक्षेत्र में पहले ही सफलतापूर्वक परीक्षण की जा चुकी है और हजारों उपकरण यूक्रेनी सेना को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। भविष्य में इसे ब्रिटेन की अगली पीढ़ी की लंबी दूरी की सैन्य क्षमताओं का भी हिस्सा बनाया जाएगा।

बर्नहैम बोले— ब्रिटेन का समर्थन अडिग रहेगा
प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने कहा कि ब्रिटेन और यूक्रेन के बीच संबंध केवल राजनीतिक नहीं बल्कि साझा सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि रूस को यह स्पष्ट संदेश मिलना चाहिए कि ब्रिटेन अपने सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़ा है और न्यायपूर्ण शांति स्थापित होने तक पीछे नहीं हटेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि "स्टोन क्लोक" जैसी तकनीक ब्रिटेन की नवाचार क्षमता का उदाहरण है और यह दोनों देशों की सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ब्रिटेन की सहायता 25 अरब पाउंड तक पहुंची
डाउनिंग स्ट्रीट के अनुसार, रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू होने के बाद से अब तक ब्रिटेन यूक्रेन को कुल 25 अरब पाउंड की सहायता प्रदान कर चुका है। इसमें लगभग 16 अरब पाउंड की प्रत्यक्ष सैन्य सहायता शामिल है।
इस सहायता में हथियार, गोला-बारूद, वायु रक्षा प्रणाली, सैन्य प्रशिक्षण, मानवीय सहायता, आर्थिक सहयोग और तकनीकी समर्थन शामिल हैं। ब्रिटेन उन प्रमुख देशों में शामिल है जिन्होंने युद्ध के दौरान लगातार यूक्रेन का समर्थन किया है।
वाशिंगटन में ट्रंप से होगी जेलेंस्की की मुलाकात
ब्रिटेन की यात्रा के बाद राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की अमेरिका रवाना होंगे, जहां उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होने की उम्मीद है। दोनों नेताओं के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध, सैन्य सहायता, शांति वार्ता और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक यूक्रेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी क्योंकि अमेरिका और ब्रिटेन दोनों ही उसकी सुरक्षा और रक्षा रणनीति में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
लिंडसे ग्राहम के अंतिम संस्कार में भी होंगे शामिल
वाशिंगटन यात्रा के दौरान राष्ट्रपति जेलेंस्की अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अंतिम संस्कार में भी शामिल हो सकते हैं। ग्राहम यूक्रेन के मजबूत समर्थकों में गिने जाते थे और उन्होंने रूस के खिलाफ कड़े रुख की लगातार वकालत की थी। उनके निधन के बाद यूक्रेन सहित कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने श्रद्धांजलि व्यक्त की थी।
यूरोप की सुरक्षा रणनीति में नया संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि एंडी बर्नहैम और वोलोदिमिर जेलेंस्की की यह मुलाकात केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे यूरोप की सुरक्षा नीति के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत देती है। रक्षा तकनीक साझा करने, सैन्य प्रशिक्षण बढ़ाने और दीर्घकालिक सहयोग की प्रतिबद्धता से यह स्पष्ट होता है कि ब्रिटेन यूक्रेन के समर्थन को अपनी विदेश और सुरक्षा नीति का प्रमुख हिस्सा बनाए रखना चाहता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यह दौरा पश्चिमी देशों की एकजुटता का भी प्रतीक माना जा रहा है। आने वाले समय में अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय सहयोगियों के बीच समन्वय यूक्रेन की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।











