ब्रिटेन में 60 साल से अधिक उम्र के एक व्यक्ति ने पत्नी को नशीला पदार्थ देकर 2004 से 2025 तक बार-बार दुष्कर्म करने के आरोप स्वीकार किए हैं। मैनचेस्टर अदालत में उसने 45 आरोपों में दोष कबूल किया, जबकि 12 अन्य आरोपी मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
मैनचेस्टर: उत्तरी इंग्लैंड के एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को नशीला पदार्थ देकर उसे बार-बार दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न का शिकार बनाने के आरोपों को स्वीकार कर लिया है। यह कथित घटनाएं 2004 से 2025 के बीच दो दशक से अधिक समय तक उनके घर में हुईं। आरोपी ने मैनचेस्टर की अदालत में मुकदमा शुरू होने से ठीक पहले दर्जनों आरोपों में दोष स्वीकार किया। आरोपी की उम्र 60 वर्ष से अधिक बताई गई है, लेकिन अदालत की प्रक्रिया के तहत उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती। इसकी वजह यह है कि उसकी पत्नी को जीवनभर गुमनामी का कानूनी अधिकार प्राप्त है और आरोपी की पहचान उजागर होने से उसकी पहचान भी सामने आ सकती है।
45 आरोपों में दोष स्वीकार
आरोपी ने मैनचेस्टर मिनशुल स्ट्रीट क्राउन कोर्ट में कुल 45 आरोपों में दोष स्वीकार किया। इससे पहले वह 15 अपराधों को स्वीकार कर चुका था।
अब उसने जिन आरोपों को स्वीकार किया है, उनमें दुष्कर्म के 21 मामले, यौन प्रवेश के जरिए हमले के 15 मामले, यौन उत्पीड़न के 11 मामले और बिना सहमति अंतरंग तस्वीरें साझा करने का एक मामला शामिल है।
इसके अलावा उसने अपनी पत्नी को बेहोशी या अचेत अवस्था में पहुंचाने के उद्देश्य से किसी पदार्थ का सेवन कराने से संबंधित एक अपराध भी स्वीकार किया है।
पत्नी को नशीला पदार्थ देने का आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार, महिला को उसके अपने घर में बार-बार दुष्कर्म और यौन हमले का सामना करना पड़ा। आरोप है कि उसका पति उसे नशीला पदार्थ देता था, जिसके बाद वह बेहोश या अचेत अवस्था में होती थी।
इस मामले में अदालत के सामने सामने आया घटनाक्रम लंबे समय तक चले कथित यौन शोषण से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के आरोपों के अनुसार, आरोपी ने अपनी पत्नी की अचेत अवस्था का फायदा उठाया और कई मौकों पर उसका यौन शोषण किया।
आरोपी द्वारा आरोप स्वीकार किए जाने के बाद अब मामले में अदालत की अगली कार्रवाई और सजा की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
12 अन्य पुरुषों पर भी आरोप
इस मामले में आरोपी के अलावा 12 अन्य पुरुष भी मुकदमे का सामना कर रहे हैं। उनकी उम्र 28 से 74 वर्ष के बीच है।
इन पुरुषों पर आरोप है कि उन्होंने 2018 से 2025 के बीच पीड़िता का यौन शोषण किया। आरोपों में दुष्कर्म भी शामिल है।
हालांकि, इन सभी 12 सह-आरोपियों ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। इसलिए उनके मामलों में दोष या निर्दोषता का फैसला अभी होना बाकी है।
उन सभी का मुकदमा उसी अदालत में चलने वाला है, जहां मुख्य आरोपी ने अपने खिलाफ दर्ज आरोपों को स्वीकार किया है। यह मुकदमा कई महीनों तक चलने की उम्मीद है।
पुलिस ने पीड़िता के समर्थन पर जोर दिया
ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस के असिस्टेंट चीफ कॉन्स्टेबल रिक जैक्सन ने कहा कि जांच के दौरान पुलिस का मुख्य ध्यान पीड़िता को सहयोग और सहायता उपलब्ध कराने पर है।
उन्होंने इस मामले को भयावह और बेहद जटिल जांच से जुड़ा बताया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता को विशेषज्ञ सहायता लगातार उपलब्ध कराई जा रही है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब मामले में कई आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने वाली है।
ड्रग-फैसिलिटेटेड सेक्सुअल एब्यूज का मामला
यह मामला ब्रिटेन में सामने आए ड्रग-फैसिलिटेटेड सेक्सुअल एब्यूज (DFSA) से जुड़े हालिया आपराधिक मामलों की श्रृंखला का हिस्सा है।
DFSA ऐसे यौन अपराधों को कहा जाता है, जिनमें पीड़ित की सहमति देने या प्रतिरोध करने की क्षमता को प्रभावित करने के लिए नशीले पदार्थ या अन्य पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है।
इस मामले ने एक बार फिर ऐसे अपराधों में पीड़ितों की सुरक्षा, सहमति और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े सवालों को सामने रखा है।
फ्रांस के डोमिनिक पेलिको मामले से तुलना
ब्रिटेन में इस तरह के मामलों पर वैश्विक ध्यान बढ़ने की एक वजह फ्रांस का चर्चित डोमिनिक पेलिको मामला भी रहा है।
पेलिको को अपनी तत्कालीन पत्नी गीज़ेल को नशीला पदार्थ देकर लगभग एक दशक तक उसके साथ दुष्कर्म करने और अन्य पुरुषों को भी उसके यौन शोषण में शामिल करने के मामले में दोषी ठहराया गया था।
फ्रांस का यह मामला ड्रग-फैसिलिटेटेड यौन अपराधों और वैवाहिक संबंधों में सहमति के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा का कारण बना।
ब्रिटेन में सामने आए अन्य मामले
स्रोत के अनुसार, पिछले सप्ताह लंदन में एक अन्य व्यक्ति ने एक ऑनलाइन ग्रुप चैट में दूसरे पुरुषों को अपनी बेहोश साथी का यौन शोषण करने के लिए प्रोत्साहित करने और ऐसे शोषण की तस्वीरें साझा करने से जुड़े आरोपों में दोष स्वीकार किया था।
इसके अलावा, मध्य इंग्लैंड में एक अन्य व्यक्ति को इसी सप्ताह सजा सुनाई जानी है। उसने जुलाई में अपनी गर्लफ्रेंड के खिलाफ 32 यौन अपराधों में दोष स्वीकार किया था। आरोप था कि इन घटनाओं के दौरान महिला नशीले पदार्थ के प्रभाव में या सोई हुई थी।
इन मामलों के सामने आने से ब्रिटेन में नशीले पदार्थों से जुड़े यौन अपराधों को लेकर पुलिस और न्याय व्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियां भी उजागर हुई हैं।
सह-आरोपियों का मुकदमा अब बाकी
मैनचेस्टर मामले में मुख्य आरोपी द्वारा दर्जनों आरोप स्वीकार किए जाने के बाद अब अदालत की प्रक्रिया में उसकी सजा महत्वपूर्ण अगला चरण होगी। दूसरी ओर, 12 सह-आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अलग से आगे बढ़ेगा।
इन सभी आरोपियों ने अपने खिलाफ लगाए गए अपराधों से इनकार किया है, इसलिए उनके मामले में अदालत को उपलब्ध साक्ष्यों और गवाही के आधार पर फैसला करना होगा।
पुलिस ने कहा है कि इस जटिल जांच के केंद्र में पीड़िता को सहायता देना बना रहेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ सहायता भी जारी रखी जा रही है।
यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि लंबे समय तक चले कथित यौन शोषण और नशीले पदार्थों के इस्तेमाल से जुड़े अपराधों की जांच कितनी जटिल हो सकती है। आरोपी के दोष स्वीकार करने से उसके खिलाफ दर्ज आरोपों पर स्थिति स्पष्ट हुई है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।











