Sweden Election: स्वीडन में चुनावी मुकाबला बेहद करीबी, अंतिम नतीजों का इंतजार

स्वीडन में राष्ट्रपति चुनाव में 90% से अधिक वोटों की गिनती के बाद वामपंथी विपक्ष को मामूली बढ़त मिली है। अंतिम नतीजों और नई सरकार पर अभी सस्पेंस कायम है।

स्वीडन के आम चुनाव में 90 प्रतिशत से अधिक वोटों की गिनती के बाद विपक्षी गठबंधन को तीन सीटों की मामूली बढ़त मिली है। मैग्डेलेना एंडरसन और उल्फ क्रिस्टरसन दोनों सरकार बनाने की तैयारी में हैं, जबकि अंतिम नतीजे अभी बाकी हैं।

स्टॉकहोम: स्वीडन में आम चुनाव के शुरुआती नतीजों ने सत्ता को लेकर तस्वीर बेहद रोमांचक बना दी है। 90 प्रतिशत से अधिक वोटों की गिनती के बाद वामपंथी विपक्ष मामूली बढ़त बनाए हुए है, लेकिन सरकार का अंतिम स्वरूप अभी तय नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन और विपक्ष की नेता मैग्डेलेना एंडरसन, दोनों ने सरकार बनाने की तैयारी का संकेत दिया है।

विपक्ष को मिली मामूली बढ़त

अब तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार, सोशल डेमोक्रेटिक नेता मैग्डेलेना एंडरसन के नेतृत्व वाली चार विपक्षी पार्टियां 349 सदस्यीय संसद में प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गठबंधन से तीन सीटों की बढ़त पर थीं। क्रिस्टरसन के गठबंधन में प्रवासन विरोधी स्वीडन डेमोक्रेट्स भी शामिल हैं। हालांकि यह बढ़त बेहद कम है और अंतिम वोटों की गिनती तथा दोबारा सत्यापन के बाद सीटों का संतुलन बदल सकता है।

एंडरसन ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि फिलहाल उनका गठबंधन आगे है और अगर यह स्थिति अंतिम नतीजों में भी कायम रहती है, तो स्वीडन को नई सरकार मिलेगी। 59 वर्षीय एंडरसन 2021 से 2022 के बीच स्वीडन की पहली महिला प्रधानमंत्री रह चुकी हैं।

सोशल डेमोक्रेट्स के लिए भी चुनौती

विपक्षी गठबंधन को बढ़त मिलने के बावजूद सोशल डेमोक्रेट्स के प्रदर्शन में गिरावट के संकेत मिले हैं। यह पार्टी 20वीं सदी के अधिकांश समय तक स्वीडन की राजनीति में सत्ता के केंद्र में रही है और अब भी देश की सबसे बड़ी पार्टी है।

हालांकि, उपलब्ध मतगणना के अनुसार पार्टी को करीब 28 प्रतिशत वोट मिलते दिख रहे थे। यह उसके लिए एक सदी से भी अधिक समय में सबसे खराब प्रदर्शन की ओर इशारा करता है। इससे साफ है कि चुनाव में विपक्षी खेमे की बढ़त के बावजूद सोशल डेमोक्रेट्स के सामने भी राजनीतिक चुनौती बनी हुई है।

क्रिस्टरसन ने माना सरकार बनाना आसान नहीं होगा

प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन की मॉडरेट पार्टी को अब तक गिने गए वोटों में 19.9 प्रतिशत मत मिले थे। उन्होंने संकेत दिया कि यदि मौजूदा परिणाम अंतिम रूप में कायम रहता है, तो वह एंडरसन द्वारा सरकार बनाने की कोशिश का सम्मान करेंगे।

हालांकि, क्रिस्टरसन ने विपक्षी चारों दलों के बीच मौजूद गंभीर मतभेदों की ओर भी इशारा किया। उनके अनुसार, खास तौर पर लेफ्ट पार्टी और सेंटर पार्टी के बीच मतभेद इतने महत्वपूर्ण हैं कि उनके लिए साझा सरकारी कार्यक्रम पर सहमत होना मुश्किल हो सकता है।

क्रिस्टरसन ने कहा कि अगर मौजूदा परिणाम कायम रहता है, तब भी वह यह देखेंगे कि गैर-सोशलिस्ट संसदीय बहुमत के भीतर सरकार बनाने की कोई व्यावहारिक संभावना मौजूद है या नहीं।

उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि आने वाले वर्षों में स्वीडन पर कौन-सी सरकार शासन करेगी, यह सवाल अभी खुला हुआ है।

स्वीडन डेमोक्रेट्स को लगा बड़ा झटका

चुनाव के सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में से एक प्रवासन विरोधी स्वीडन डेमोक्रेट्स के समर्थन में आई गिरावट रही। वर्ष 2010 में संसद में प्रवेश करने वाली इस पार्टी को पहली बार अपने समर्थन में कमी का सामना करना पड़ा।

पार्टी को 17.6 प्रतिशत वोट मिलते दिखे, जबकि 2022 के चुनाव में उसे 20.6 प्रतिशत मत मिले थे। यानी पिछले चुनाव की तुलना में उसके वोट शेयर में गिरावट आई है।

पार्टी नेता जिमी आकसन ने चुनावी रात आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अंतिम परिणाम अभी सामने नहीं आया है, लेकिन चार साल पहले की तुलना में पार्टी ने कुछ प्रतिशत अंक गंवाए हैं।

हालांकि, उन्होंने पार्टी के समर्थन को लेकर एक अलग पहलू पर जोर दिया। आकसन के मुताबिक अब देश में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ी है जो स्वीडन डेमोक्रेट्स के समर्थन को खुले तौर पर व्यक्त करने में असहज महसूस नहीं करते।

यह बदलाव उस पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है जिसे लंबे समय तक स्वीडिश राजनीति में अलग-थलग राजनीतिक ताकत के रूप में देखा जाता रहा है।

अंतिम परिणाम में लग सकते हैं कई दिन

स्वीडन के चुनाव का अंतिम परिणाम तुरंत स्पष्ट होने की संभावना नहीं है। कई पार्टी नेताओं ने संकेत दिया है कि पूरी तस्वीर सामने आने में कुछ दिन लग सकते हैं।

नगरपालिका चुनाव अधिकारी बुधवार से उन मतों की गिनती शुरू करेंगे जो चुनावी रात तक अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाए थे। इसके बाद भी प्रक्रिया समाप्त नहीं होती।

स्वीडन में सभी मतों की क्षेत्रीय काउंटी प्रशासनिक बोर्डों द्वारा स्वतः दोबारा गिनती की जाती है। यही प्रक्रिया अंतिम चुनाव परिणाम स्थापित करती है। आम तौर पर इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है।

इसलिए शुरुआती मतगणना में मिली तीन सीटों की बढ़त को अंतिम संसदीय तस्वीर नहीं माना जा सकता।

चार साल से अल्पमत गठबंधन की सरकार

उल्फ क्रिस्टरसन पिछले चार वर्षों से अल्पमत गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। इस सरकार को संसद में स्वीडन डेमोक्रेट्स का समर्थन मिला है।

इसके बदले स्वीडन डेमोक्रेट्स को सरकार की नीतियों पर प्रभाव मिला। यह व्यवस्था स्वीडन की राजनीति में दक्षिणपंथी और प्रवासन विरोधी ताकतों की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।

क्रिस्टरसन ने चुनाव प्रचार के दौरान यह वादा भी किया था कि यदि दक्षिणपंथी गठबंधन चुनाव जीतता है, तो स्वीडन डेमोक्रेट्स को महत्वपूर्ण कैबिनेट पद दिए जाएंगे।

अब चुनावी नतीजों में पार्टी के समर्थन में आई गिरावट इस समीकरण को प्रभावित कर सकती है।

अंतिम दिनों में बदली चुनावी तस्वीर

चुनाव अभियान के अधिकांश समय में जनमत सर्वेक्षणों ने वामपंथी विपक्ष को स्पष्ट बढ़त दिखाई थी। लेकिन मतदान के अंतिम दिनों में यह अंतर लगातार कम होता गया और दोनों पक्ष लगभग बराबरी पर पहुंच गए।

इसी वजह से शुरुआती परिणाम आने के बाद भी किसी एक खेमे की जीत को निश्चित मानना मुश्किल है। संसद में मामूली सीट अंतर, गठबंधन सहयोगियों के बीच मतभेद और स्वीडन डेमोक्रेट्स के प्रदर्शन में गिरावट—तीनों कारक सरकार गठन की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।

अब सभी की नजर अंतिम मतगणना और क्षेत्रीय स्तर पर होने वाली पुनर्गणना पर है। यदि विपक्ष की बढ़त कायम रहती है, तो एंडरसन के सामने चार दलों को एक साथ लेकर सरकार बनाने की चुनौती होगी। दूसरी ओर, क्रिस्टरसन गैर-सोशलिस्ट संसदीय बहुमत के भीतर किसी वैकल्पिक व्यवस्था की संभावना तलाश सकते हैं।

इस तरह स्वीडन का चुनाव फिलहाल स्पष्ट विजेता देने के बजाय एक जटिल सरकार गठन की स्थिति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अंतिम परिणाम ही यह तय करेगा कि देश की सत्ता किस राजनीतिक गठबंधन के हाथ में जाएगी।

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