बुलंदशहर के चार युवाओं की सफलता की कहानी, एक फोर्थ क्लास कर्मचारी की बेटी बनी IAS

बुलंदशहर के चार युवाओं की सफलता की कहानी, एक फोर्थ क्लास कर्मचारी की बेटी बनी IAS

बुलंदशहर के चार युवाओं ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार सफलता हासिल की। नाबिया परवेज ने 29वीं, शिखा सिंह 113वीं, विपिन राजौरा 538वीं और पारस भाटिया 937वीं रैंक पाई। इनकी मेहनत, परिवार का समर्थन और सही रणनीति ने दिखाया कि कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है।

UPSC Result 2025: बुलंदशहर के चार युवा उम्मीदवारों ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में जिले का मान बढ़ाया। नाबिया परवेज ने 29वीं, शिखा सिंह 113वीं, विपिन राजौरा 538वीं और पारस भाटिया 937वीं रैंक हासिल की। यह सफलता बुलंदशहर में 6 मार्च 2026 को घोषित परिणाम के साथ सामने आई। सभी उम्मीदवारों ने कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग के साथ तैयारी की, जिससे यह साबित हुआ कि कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

बुलंदशहर के युवाओं ने यूपीएससी में किया कमाल

बुलंदशहर जिले के चार युवाओं ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। नाबिया परवेज ने 29वीं रैंक पाई, शिखा सिंह 113वीं रैंक, विपिन राजौरा 538वीं और पारस भाटिया 937वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ा दी। यह उपलब्धि साबित करती है कि मेहनत, धैर्य और सही रणनीति से कोई भी कठिन परीक्षा पार की जा सकती है।

शिखा सिंह

बुलंदशहर के अंबेडकर नगर मुहल्ले की शिखा सिंह ने 113वीं रैंक हासिल की। उनके पिता प्रेम चंद इंदिरा गांधी कन्या इंटर कॉलेज में चौथी श्रेणी कर्मचारी हैं। आर्थिक मुश्किलों के बावजूद शिखा ने हार नहीं मानी और मन लगाकर तैयारी की। उनके पिता का कहना है कि बेटी ने मुश्किल हालात में भी यह मुकाम हासिल कर दिखाया और साबित किया कि कठिन परिस्थितियां सफलता में बाधा नहीं बन सकतीं।

नाबिया परवेज और जिले की हाई रैंक

दरियापुर की नाबिया परवेज ने 29वीं रैंक हासिल कर बुलंदशहर का नाम पूरे देश में चमकाया। उनकी मेहनत और स्मार्ट तैयारी ने उन्हें जिले की टॉपर बनाया। परिवार और क्षेत्र में लोग गर्व महसूस कर रहे हैं और नाबिया की सफलता यह संदेश देती है कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में ऊंचाई हासिल कर सकती हैं।

विपिन और पारस की प्रेरक कहानी

विपिन राजौरा ने 538वीं रैंक हासिल की, जबकि सिकंदराबाद के पारस भाटिया ने 937वीं रैंक पाई। दोनों ने लगातार मेहनत और परिवार के समर्थन के दम पर यह सफलता हासिल की। खास बात यह है कि पारस बीआरओ जैसी नौकरी करते हुए भी तैयारी में जुटे रहे और अपने लक्ष्य को हासिल किया।

Leave a comment