FIDE चेस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में वैशाली ड्रॉ के बाद टॉप पर पहुंच गईं। दिव्या देशमुख और प्रज्ञानानंदा को हार का सामना करना पड़ा। टूर्नामेंट में अभी चार राउंड बाकी हैं और मुकाबला बेहद रोमांचक बना हुआ है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: साइप्रस के पाफोस में चल रहे प्रतिष्ठित FIDE कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 में भारत की ग्रैंडमास्टर वैशाली रमेशबाबू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। 10वें राउंड में उन्होंने यूक्रेन की अनुभवी खिलाड़ी अन्ना मुजिचुक के खिलाफ ड्रॉ खेला, जिससे उन्हें आधा अंक मिला और वह अंक तालिका में सबसे आगे पहुंच गईं।
यह मुकाबला अपेक्षाकृत संतुलित रहा और दोनों खिलाड़ियों ने बिना ज्यादा जोखिम उठाए अंक साझा किए। हालांकि, अन्य मुकाबलों के नतीजों ने वैशाली को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

दिव्या देशमुख और प्रज्ञानानंदा को झटका
भारत की एक और युवा ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख को 10वें राउंड में रूस की अलेक्जेंड्रा गोर्याचकिना के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इस हार से उनके अभियान को झटका लगा है और अब उन्हें आगे के राउंड में मजबूत वापसी करनी होगी।
वहीं ओपन कैटेगरी में भारत के स्टार खिलाड़ी आर प्रज्ञानानंदा को उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। इस परिणाम के बाद प्रज्ञानानंदा अंक तालिका में सातवें स्थान पर खिसक गए हैं।
टॉप-6 खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला
टूर्नामेंट अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। महिला वर्ग में शीर्ष 6 खिलाड़ियों के बीच सिर्फ 1 अंक का अंतर है, जिससे हर राउंड का महत्व और बढ़ गया है।
चीन की झू जिनेर और अन्ना मुजिचुक 5.5 अंकों के साथ वैशाली से महज आधा अंक पीछे हैं। ऐसे में आने वाले चार राउंड निर्णायक साबित होंगे।
11वें राउंड में वैशाली का मुकाबला गोर्याचकिना से होगा, जो कि उनके लिए एक कठिन चुनौती साबित हो सकता है। वहीं दिव्या देशमुख का सामना झू जिनेर से होगा।
कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का महत्व
FIDE कैंडिडेट्स टूर्नामेंट शतरंज की दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित क्वालिफाइंग इवेंट माना जाता है। इसे वर्ल्ड चैंपियनशिप का सेमीफाइनल भी कहा जाता है। इस टूर्नामेंट का विजेता सीधे मौजूदा विश्व चैंपियन को चुनौती देने का अधिकार हासिल करता है।
ओपन कैटेगरी के विजेता का मुकाबला भारत के डी गुकेश से होगा, जबकि महिला वर्ग की विजेता चीन की जू वेनजुन को चुनौती देगी।
भारत का गौरवशाली रिकॉर्ड
भारत का इस टूर्नामेंट में शानदार इतिहास रहा है। महान खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने 1995 में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतकर इतिहास रचा था। हाल ही में डी गुकेश ने भी यह खिताब जीतकर भारत का नाम रोशन किया।
टूर्नामेंट का फॉर्मेट
इसमें दुनिया के शीर्ष 8 खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं
राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में हर खिलाड़ी एक-दूसरे से दो बार खेलता है
कुल 14 राउंड खेले जाते हैं
जीत पर 1 अंक और ड्रॉ पर 0.5 अंक मिलता है
सबसे अधिक अंक हासिल करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है









