छत्तीसगढ़ ने पारदर्शी और तकनीक आधारित शासन के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। नई दिल्ली में आयोजित सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में राज्य को GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
Chhattisgarh GeM Award: छत्तीसगढ़ सरकार को डिजिटल और पारदर्शी सरकारी खरीद व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। नई दिल्ली में आयोजित सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी GeM के 10वें स्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ को GeM Sustainable Procurement Award प्रदान किया गया। यह सम्मान राज्य में सरकारी खरीद के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल और खरीद प्रक्रिया में आई उल्लेखनीय वृद्धि के लिए दिया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने इस उपलब्धि को पारदर्शी शासन, वित्तीय अनुशासन और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। समारोह का आयोजन 'GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities' थीम के तहत किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सहित केंद्र और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
GeM के जरिए खरीद में 113% की वृद्धि
वित्त वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से सरकारी खरीद का आंकड़ा ₹3,935 करोड़ तक पहुंच गया। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 113% की वृद्धि है। राज्य सरकार के अनुसार, विभागों, सरकारी संस्थानों और स्थानीय निकायों की खरीद को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी हुई है।
GeM पर उपलब्ध डिजिटल प्रक्रिया के कारण सरकारी विभागों को विभिन्न विक्रेताओं से प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उत्पाद और सेवाएं हासिल करने में मदद मिलती है। डिजिटल खरीद प्रणाली में लेनदेन का रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहता है, जिससे ऑडिट और निगरानी की प्रक्रिया आसान होती है।
एक साल में ₹130 करोड़ की बचत

GeM के इस्तेमाल का सीधा असर राज्य के सरकारी खर्च पर भी पड़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 में प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने करीब ₹130 करोड़ की बचत की। राज्य सरकार के मुताबिक, पिछले तीन वित्त वर्षों में GeM के माध्यम से प्रतिस्पर्धी बोली से कुल बचत लगभग ₹235 करोड़ रही है। खुली प्रतिस्पर्धा, मानकीकृत शर्तों और डिजिटल रिकॉर्ड ने खरीद प्रक्रिया में बेहतर मूल्य हासिल करने में मदद की है।
GeM के बढ़ते इस्तेमाल से छोटे कारोबारों और स्थानीय उद्यमों के लिए भी सरकारी बाजार तक पहुंच बढ़ी है। वित्त वर्ष 2025-26 में सूक्ष्म और लघु उद्यमों यानी MSEs से सरकारी खरीद 61% बढ़कर ₹1,800 करोड़ हो गई। यह आंकड़ा सरकार द्वारा निर्धारित 25% MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए छोटे व्यवसायों को सरकारी विभागों की मांग तक सीधे पहुंच बनाने का अवसर मिलता है। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम हो सकती है और कारोबारियों के लिए प्रतिस्पर्धा का स्तर समान रखने में मदद मिलती है।
महिला और SC/ST उद्यमियों को भी फायदा
छत्तीसगढ़ में सरकारी डिजिटल खरीद व्यवस्था का लाभ प्राथमिकता वाले उद्यमी समूहों को भी मिला है। वित्त वर्ष 2025-26 में महिला उद्यमियों से खरीद में 97% की वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में SC/ST उद्यमियों को दिए गए ऑर्डर में 108% की बढ़ोतरी हुई। वहीं स्टार्टअप्स से सरकारी खरीद में सबसे तेज, करीब 178% की वृद्धि दर्ज की गई।
राज्य सरकार का कहना है कि इन आंकड़ों से पता चलता है कि GeM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म सरकारी खरीद को बड़े कारोबारों तक सीमित रखने के बजाय नए और छोटे उद्यमों के लिए भी अवसर बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने टीम छत्तीसगढ़ को दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने GeM Sustainable Procurement Award मिलने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सार्वजनिक धन का बेहतर इस्तेमाल सुशासन के महत्वपूर्ण आधार हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार का लक्ष्य सरकारी खरीद को तकनीक के माध्यम से अधिक प्रतिस्पर्धी और प्रभावी बनाना है। इसके साथ ही MSME, स्टार्टअप, महिला उद्यमियों और SC/ST वर्ग के उद्यमों की सरकारी खरीद में भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।











