सरेंडर माओवादियों की सूचना पर जंगल में मिली गुप्त गन फैक्ट्री, भारी हथियार बरामद

गढ़चिरौली पुलिस ने सरेंडर माओवादियों की सूचना पर जंगल में छिपी गुप्त गन फैक्ट्री का खुलासा किया। भारी हथियार और मशीनें बरामद हुईं।

गढ़चिरौली पुलिस और सुरक्षा बलों ने आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों की सूचना पर जंगल में छिपी गुप्त हथियार फैक्ट्री का खुलासा किया। कार्रवाई में जमीन के नीचे दबे हथियार और मशीनें बरामद की गईं।

रायपुर: छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सीमा से जुड़े नक्सल प्रभावित इलाके में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। गढ़चिरौली पुलिस ने सरेंडर कर चुके माओवादियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर जंगल में संचालित एक गुप्त हथियार निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान जमीन में छिपाकर रखी गई मशीनें, हथियार और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई।

आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिला इनपुट

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह कार्रवाई हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से पूछताछ के बाद संभव हो सकी। 16 मई 2026 को चलाए गए ‘ऑपरेशन अंतिम प्रहार’ के दौरान कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था।

पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि बिनागुंडा क्षेत्र के घने जंगलों में माओवादियों का एक गुप्त हथियार निर्माण केंद्र सक्रिय है, जहां हथियार और विस्फोटक सामग्री जमीन के नीचे छिपाकर रखी जाती थी।

जमीन के नीचे दबाकर रखी गई थीं मशीनें

इनपुट मिलने के बाद गढ़चिरौली पुलिस और सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान चलाया। तलाशी के दौरान जंगल में जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई कई मशीनें और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि यह ठिकाना माओवादियों के लिए रणनीतिक रूप से काफी अहम था और यहां से सुरक्षा बलों पर हमले की तैयारी की जाती थी।

सुरक्षा बलों को मिली बड़ी रणनीतिक सफलता

पुलिस प्रशासन के मुताबिक इस कार्रवाई से संभावित बड़े हमलों को टालने में मदद मिली है। बरामद सामग्री को जब्त करने के बाद कई उपकरणों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य ठिकानों और सक्रिय माओवादी कैडरों के बारे में भी जानकारी जुटा रही हैं।

Leave a comment