ED ने छत्तीसगढ़ में भारतमाला प्रोजेक्ट के भूमि मुआवजे में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए रायपुर और महासमुंद सहित नौ ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई आर्थिक गलियारे के पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की गई।
New Delhi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ में भारतमाला प्रोजेक्ट (Bharatmala Project) से जुड़े भूमि अधिग्रहण मुआवजे में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए कई जगहों पर छापामारी की है। यह कार्रवाई रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारे (Raipur-Visakhapatnam Economic Corridor) से जुड़ी है। ED की इस कार्रवाई का मकसद कथित मुआवजे में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामले की जांच करना है।
छत्तीसगढ़ में कई ठिकानों पर तलाशी
सूत्रों के अनुसार, ED ने रायपुर और महासमुंद में कम से कम नौ ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान हरमीत सिंह खनूजा, उनके कथित सहयोगियों, कुछ सरकारी अधिकारियों और ज़मीन मालिकों से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई स्थल उन लोगों से जुड़े हैं जो भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के वितरण में शामिल थे।
जानें पूरा मामला
यह मामला विशेष रूप से भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारे में भूमि अधिग्रहण मुआवजे से संबंधित है। सूत्रों ने बताया कि मुआवजे के भुगतान में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए ED ने यह कार्रवाई की है। जांच में शामिल हैं: ज़मीन के मालिकों से जुड़े लेन-देन, सरकारी अधिकारियों की भूमिका और परियोजना में धन के वितरण से जुड़ी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता।
हरमीत सिंह खनूजा और उनके सहयोगी

ED की कार्रवाई के तहत हरमीत सिंह खनूजा और उनके कथित सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इनके साथ कुछ सरकारी अधिकारी और ज़मीन मालिक भी जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी भारतमाला प्रोजेक्ट के मुआवजे से जुड़े लेन-देन में शामिल पाए जा सकते हैं।
भारतमाला परियोजना से जुड़ा मामला
भारतमाला परियोजना एक राष्ट्रीय महत्व की सड़क परियोजना है, जिसका उद्देश्य देश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करना और आर्थिक गलियारों (Economic Corridors) का विकास करना है। इस परियोजना के तहत लगभग 26,000 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जाएंगी। इन सड़क गलियारों से गोल्डन क्वाड्रिलेटरल और उत्तर-दक्षिण तथा पूर्व-पश्चिम गलियारों के साथ-साथ माल ढुलाई का अधिकांश ट्रैफिक संभाला जाएगा।
परियोजना का मकसद न केवल सड़क परिवहन को बढ़ावा देना है बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति देना है। भारतमाला प्रोजेक्ट से राज्यों के भीतर और राज्यों के बीच लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी में सुधार की उम्मीद है।
क्या है मुआवजा विवाद
भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के मामले हमेशा संवेदनशील रहे हैं। भारतमाला प्रोजेक्ट में भी भूमि मालिकों को मुआवजा देने की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि इन गड़बड़ियों का पता लगाने के लिए ED ने जांच शुरू की है। जांच में यह देखा जा रहा है कि मुआवजा सही ढंग से वितरित हुआ या नहीं और किसी भी तरह की भ्रष्टाचार की संभावना को खंगाला जा रहा है।











