क्या चीन अमेरिकी कंपनियों से AI चुरा रहा है? ‘डिस्टिलेशन’ तकनीक पर क्यों बढ़ा अमेरिका-चीन विवाद

AI डिस्टिलेशन को लेकर अमेरिका और चीन के बीच विवाद बढ़ा है। अमेरिकी कंपनियों ने चीनी कंपनियों पर तकनीक कॉपी करने के आरोप लगाए, विशेषज्ञों की राय अलग है।

अमेरिकी AI कंपनियां लंबे समय से आरोप लगा रही हैं कि चीनी कंपनियां उनकी तकनीक को ‘डिस्टिलेशन’ के जरिए कॉपी कर रही हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रक्रिया जटिल है और सिर्फ इसी के आधार पर चीन के AI मॉडल की सफलता को समझना सही नहीं होगा।

Tech: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा अब एक खास AI तकनीक ‘डिस्टिलेशन’ को लेकर भी चर्चा में है। Anthropic, OpenAI और Google जैसी अमेरिकी कंपनियों की ओर से आरोप लगाए गए हैं कि चीनी कंपनियां उनके AI सिस्टम से डेटा और आउटपुट हासिल कर अपनी तकनीक को बेहतर बना रही हैं। हालांकि, कई विशेषज्ञ इन दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाने की बात कहते हैं। उनका कहना है कि डिस्टिलेशन से किसी AI मॉडल की क्षमताओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है, लेकिन इससे मूल सिस्टम का पूरा तकनीकी ढांचा हासिल नहीं होता।

क्या है AI डिस्टिलेशन तकनीक?

डिस्टिलेशन तकनीक को AI रिसर्च में पहली बार 2010 के दशक की शुरुआत में विकसित किया गया था। इसका मूल उद्देश्य ज्यादा कुशल और कम खर्च में चलने वाले AI सिस्टम तैयार करना था। इसमें एक पहले से स्थापित AI मॉडल से डेटा और आउटपुट हासिल करके दूसरे मॉडल को प्रशिक्षित किया जाता है।

इसे आसान भाषा में समझें तो एक AI मॉडल को ‘टीचर’ और दूसरे मॉडल को ‘स्टूडेंट’ माना जा सकता है। स्टूडेंट मॉडल टीचर मॉडल से मिले आउटपुट के आधार पर अपनी क्षमता विकसित करता है। इस तकनीक का इस्तेमाल AI कंपनियां सिस्टम को छोटा, तेज और कम संसाधनों में चलाने के लिए भी करती रही हैं।

हाल के समय में यही प्रक्रिया प्रतिस्पर्धी कंपनियों के सिस्टम से डेटा हासिल करने के तरीके के रूप में भी चर्चा में आई है।

कंपनियां दूसरे AI मॉडल से डेटा कैसे लेती हैं?

किसी प्रतिस्पर्धी AI सिस्टम को डिस्टिल करने वाली कंपनी उसके प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में अकाउंट बना सकती है। इसके बाद उन अकाउंट्स का इस्तेमाल अलग-अलग कामों के लिए किया जाता है, जैसे कोडिंग, गणित या दूसरे जटिल कार्य।

इन कार्यों पर AI सिस्टम जो जवाब और अन्य आउटपुट देता है, उन्हें इकट्ठा किया जा सकता है। इसके बाद इन आउटपुट का इस्तेमाल दूसरे AI मॉडल को प्रशिक्षित करने और उसकी क्षमताओं को बेहतर बनाने में किया जाता है।

हालांकि, इस प्रक्रिया से केवल AI सिस्टम के आउटपुट तक पहुंच मिलती है। मूल मॉडल का पूरा कंप्यूटर कोड या उसकी आंतरिक संरचना उपलब्ध नहीं होती।

क्या डिस्टिलेशन गैरकानूनी है?

डिस्टिलेशन की कानूनी स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ परिस्थितियों में यह अमेरिकी Defend Trade Secrets Act के तहत व्यापारिक गोपनीयता की चोरी के दायरे में आ सकता है। हालांकि, अमेरिकी अदालतों ने अभी तक इस सवाल पर स्पष्ट फैसला नहीं दिया है।

कॉपीराइट कानून भी हर मामले में सीधे लागू नहीं होता, क्योंकि डिस्टिलेशन में किसी सिस्टम के शब्दशः टेक्स्ट की कॉपी करने के बजाय उसके व्यवहार और आउटपुट से सीखने की कोशिश की जाती है।

इस मुद्दे पर Anthropic और OpenAI की अपनी कानूनी चुनौतियां भी रही हैं। Anthropic पर कॉपीराइट वाले इंटरनेट डेटा के इस्तेमाल को लेकर मुकदमे हुए हैं। वहीं OpenAI और Microsoft पर भी न्यूयॉर्क टाइम्स सहित कई पक्षों ने कॉपीराइट सामग्री के इस्तेमाल को लेकर मुकदमे किए हैं। कंपनियों ने इन आरोपों का खंडन किया है।

क्या चीनी कंपनियां अमेरिकी AI सिस्टम की नकल कर रही हैं?

यह स्पष्ट नहीं है कि चीनी कंपनियों ने अमेरिकी AI सिस्टम को किस स्तर तक डिस्टिल किया है। हालांकि, अमेरिकी कंपनियों ने ऐसी गतिविधियों के आरोप लगाए हैं।

पिछले साल चीनी स्टार्टअप DeepSeek के शक्तिशाली और अपेक्षाकृत कम लागत वाले AI मॉडल ने अमेरिकी AI उद्योग में काफी चर्चा पैदा की थी। इसके बाद OpenAI ने DeepSeek पर अपनी तकनीक को डिस्टिल करने का आरोप लगाया।

बाद में Anthropic ने भी इसी तरह के आरोप लगाए। जून में कंपनी ने अमेरिकी सीनेटर Tim Scott और Elizabeth Warren को भेजे एक पत्र में चीनी टेक कंपनी Alibaba पर अपनी AI तकनीकों को डिस्टिल करने का आरोप लगाया था। संबंधित चीनी कंपनियों ने इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी है।

क्या चीन के AI मॉडल की सफलता सिर्फ डिस्टिलेशन से समझी जा सकती है?

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा कहना सही नहीं होगा। किसी प्राइवेट AI सिस्टम को डिस्टिल करने पर दूसरी कंपनी को उसके केवल आउटपुट मिलते हैं। उसे मूल सिस्टम का कंप्यूटर कोड या पूरा आंतरिक ढांचा नहीं मिलता।

इसलिए डिस्टिलेशन का फायदा उठाने के लिए भी पहले से एक सक्षम AI सिस्टम तैयार करना जरूरी है। इसके बाद दूसरे मॉडल से मिले आउटपुट का इस्तेमाल अपनी तकनीक को और बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया में अतिरिक्त कंप्यूटिंग क्षमता, पैसा, विशेषज्ञता और प्रतिभा की जरूरत होती है।

Anthropic और OpenAI इसे रोक सकते हैं?

अमेरिकी AI कंपनियां डिस्टिलेशन को सीमित करने की कोशिश कर सकती हैं। अगर किसी कंपनी को संदेह होता है कि उसके सिस्टम का इस्तेमाल इस तरह किया जा रहा है, तो वह संबंधित अकाउंट बंद कर सकती है।

लेकिन समस्या यह है कि नए अकाउंट बनाए जा सकते हैं। बहुत अधिक अकाउंट बंद करने पर वैध यूजर्स भी प्रभावित हो सकते हैं। AI शोधकर्ताओं के मुताबिक, इसलिए डिस्टिलेशन को पूरी तरह रोकना बेहद मुश्किल है।

Leave a comment