TRAI New Rules: 30 दिन की वैलिडिटी और Voice-SMS Only Plans पर बोले राघव चड्ढा

TRAI के 13वें संशोधन में Voice और SMS-only प्लान से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। जानें 30 दिन की वैलिडिटी, बिना डेटा वाले प्लान और राघव चड्ढा के दावे की पूरी जानकारी।

TRAI ने 22 सितंबर 2026 को Telecom Consumers Protection का 13वां संशोधन जारी किया। नए प्रावधानों में Voice और SMS-only प्लान से जुड़े नियम शामिल हैं। राघव चड्ढा ने इसे मार्च में संसद में उठाए मुद्दे से जोड़ा है।

Tech: TRAI के नए Telecom Consumers Protection Regulations के बाद प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए Voice और SMS-only प्लान से जुड़े प्रावधान सामने आए हैं। TRAI के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक 13वां संशोधन 22 सितंबर 2026 को जारी हुआ। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि उन्होंने मार्च में संसद में 30 दिन की वैलिडिटी और बिना डेटा वाले प्लान का मुद्दा उठाया था।

TRAI के नए नियमों में क्या बदला

TRAI के नए प्रावधानों का एक प्रमुख पहलू ऐसे उपभोक्ताओं से जुड़ा है, जिन्हें मोबाइल इंटरनेट की जरूरत नहीं है। TRAI के अनुसार Voice और SMS-only पैक्स ऐसे prepaid plans हैं, जिनमें डेटा शामिल नहीं होता और जिनका इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉल तथा SMS के लिए किया जा सकता है। इन पैक्स की वैधता 365 दिनों तक हो सकती है।

TRAI के आधिकारिक रिकॉर्ड में Telecom Consumers Protection (13th Amendment) Regulations, 2026 को 22 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। इससे पहले अप्रैल 2026 में इसी विषय पर ड्राफ्ट संशोधन जारी कर हितधारकों से सुझाव मांगे गए थे।

इस बदलाव का असर उन प्रीपेड ग्राहकों पर पड़ सकता है, जो केवल कॉल और SMS की सुविधा चाहते हैं और डेटा के लिए भुगतान नहीं करना चाहते। ऐसे यूजर्स के लिए अलग Voice और SMS-only विकल्प उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है।

राघव चड्ढा ने संसद में उठाने का किया दावा

राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि उन्होंने इस मुद्दे को 11 मार्च 2026 को संसद में उठाया था। उनके मुताबिक 28 दिन की वैलिडिटी वाले रिचार्ज के कारण उपभोक्ताओं को साल में 13 बार रिचार्ज करना पड़ता है। उन्होंने ऐसे ग्राहकों के लिए बिना इंटरनेट वाले किफायती प्लान की जरूरत भी बताई थी।

चड्ढा ने TRAI के नए नियमों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के मुताबिक ही सेवाओं के लिए भुगतान करने का विकल्प मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार और TRAI ने उनकी ओर से उठाई गई मांगों को स्वीकार किया है।

यह राजनीतिक दावा है; TRAI के आधिकारिक रिकॉर्ड में नियमों और उनके प्रावधानों की पुष्टि होती है, लेकिन इन नियमों को विशेष रूप से किसी एक सांसद की मांग का परिणाम बताना चड्ढा का दावा है। TRAI ने अप्रैल 2026 में ड्राफ्ट संशोधन पर सार्वजनिक टिप्पणियां भी मांगी थीं और अलग-अलग उपभोक्ता संगठनों तथा टेलीकॉम कंपनियों ने इस प्रक्रिया में अपने सुझाव दिए थे।

आम मोबाइल यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा

नए प्रावधान खास तौर पर उन ग्राहकों के लिए उपयोगी हो सकते हैं, जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं है। उदाहरण के लिए, केवल कॉल और SMS इस्तेमाल करने वाले या अतिरिक्त SIM को सक्रिय रखने वाले ग्राहक Voice और SMS-only विकल्प चुन सकते हैं। TRAI के अनुसार इन पैक्स में डेटा सेवा शामिल नहीं होती।

TRAI के नियमों में पहले से ही Voice और SMS-only Special Tariff Voucher का प्रावधान मौजूद था। 2024 के संशोधन में भी सेवा प्रदाताओं के लिए कम से कम एक ऐसा Special Tariff Voucher उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया था, जिसकी वैधता 365 दिनों से अधिक नहीं हो सकती थी।

इसलिए नए नियमों को समझते समय यह अंतर महत्वपूर्ण है कि Voice-SMS-only विकल्प पूरी तरह पहली बार पेश नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि 2026 में इनके संबंध में नियामकीय ढांचे में आगे संशोधन किया गया है। उपभोक्ताओं के लिए वास्तविक बचत इस बात पर निर्भर करेगी कि अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियां इन प्रावधानों के तहत किस कीमत और वैधता वाले प्लान पेश करती हैं।

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