Nvidia CEO Jensen Huang बोले- AI के दौर में पहाड़े याद रखने की जरूरत नहीं, खुद भी भूल चुके बेसिक डिटेल्स

Nvidia CEO Jensen Huang ने AI के दौर में बेसिक मैथ्स और याददाश्त की बदलती भूमिका पर बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें फोन नंबर तक याद नहीं रहता।

Nvidia CEO Jensen Huang ने AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बेसिक मैथ्स और याददाश्त पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उन्हें अपना फोन नंबर और घर का पता तक याद नहीं रहता और AI के दौर में रूटीन स्किल्स का महत्व बदल रहा है।

Tech: Nvidia CEO Jensen Huang ने AI के बढ़ते प्रभाव को लेकर कहा है कि आने वाले समय में लोगों को कुछ बुनियादी चीजें याद रखने की जरूरत कम हो सकती है। एक बातचीत के दौरान उन्होंने पहाड़े, लॉन्ग डिवीजन और स्क्वायर रूट जैसी मैथ्स स्किल्स का उदाहरण दिया। Huang ने यह भी बताया कि उन्हें खुद अपना घर का पता और फोन नंबर याद नहीं रहता।

AI के दौर में बदल रही बेसिक मैथ्स की भूमिका

Nvidia CEO Jensen Huang ने AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बच्चों और युवाओं की बेसिक मैथ्स स्किल्स को लेकर अपनी राय रखी। Ezra Klein Show पर बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि AI के दौर में पहाड़े याद करने जैसी पुरानी आदतों का महत्व कम हो सकता है।

Huang ने लॉन्ग डिवीजन और स्क्वायर रूट का उदाहरण देते हुए कहा कि आज के बच्चों के लिए ऐसी गणनाएं पहले की तुलना में कम जरूरी हो सकती हैं। उनका तर्क है कि जब AI रूटीन और छोटे-मोटे काम संभाल सकता है, तो लोग अपनी मानसिक ऊर्जा अधिक जटिल समस्याओं पर लगा सकते हैं।

Huang ने बताया, उन्हें अपना फोन नंबर भी याद नहीं

बातचीत के दौरान Jensen Huang ने अपनी याददाश्त को लेकर भी एक व्यक्तिगत उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें अपना घर का पता और फोन नंबर तक याद नहीं रहता।

उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक बार गाड़ी में पेट्रोल भरवाने के दौरान पेमेंट के लिए उनसे कार्ड का ZIP code पूछा गया। उस समय उन्हें कोड याद नहीं आया और वह घबरा गए थे।

Huang के मुताबिक, वह ऐसी जानकारियों को याद रखने के लिए अपनी मानसिक क्षमता खर्च नहीं करना चाहते और अब इस स्थिति को लेकर सहज हैं।

AI की कीमत के तौर पर कुछ स्किल्स खोने की बात

Huang का कहना है कि तकनीकी विकास के साथ इंसान ने समय-समय पर कुछ बुनियादी क्षमताओं पर अपनी निर्भरता कम की है। उनके अनुसार, AI भी इसी तरह रूटीन कामों को अपने जिम्मे लेकर लोगों को अधिक जटिल समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर दे सकता है।

उनका मानना है कि भविष्य में कुछ बेसिक क्षमताओं की जगह बेहतर सिस्टम्स थिंकिंग और जटिल समस्याओं को समझने जैसी स्किल्स पर ज्यादा जोर हो सकता है।

हालांकि, इस दृष्टिकोण पर विशेषज्ञों की अलग राय भी सामने आई है। कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक बेसिक गणित और मूलभूत समझ मजबूत होना ही आगे की जटिल सोच और समस्या समाधान की नींव तैयार करता है। इसलिए AI के इस्तेमाल के साथ इन बुनियादी क्षमताओं की भूमिका और संतुलन को लेकर बहस जारी है।

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