हफ्ते के अंतिम सत्र में भारतीय बाजार मजबूत दिखा। सेंसेक्स 449 अंक और निफ्टी 26046 पर बंद हुए। निवेशकों में भारत-अमेरिका ट्रेड डील की उम्मीद बढ़ी, जबकि मेटल और रियल्टी शेयरों में खरीदारी से बाजार को अतिरिक्त मजबूती मिली।
Closing Bell: हफ्ते के अंतिम ट्रेडिंग सेशन में भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत प्रदर्शन किया। शुक्रवार, 12 दिसंबर 2025 को बाजार शुरुआत से ही पॉजिटिव नोट पर था और क्लोजिंग तक इस तेजी को बनाए रखने में सफल रहा। भारत और अमेरिका के बीच जल्द ट्रेड डील होने की उम्मीदों ने निवेशकों के सेंटीमेंट्स को बड़ा सहारा दिया। इसके साथ ही मेटल और रियल्टी सेक्टर में भारी खरीदारी ने बाजार को ऊपर की ओर धकेला।
बाजार की शुरुआत और क्लोजिंग पर नजर
ट्रेडिंग सेशन की शुरुआत बीएसई सेंसेक्स के साथ हुई, जो मजबूती के साथ 85,051 अंक पर खुला। शुरुआती घंटे में इंडेक्स में उतार-चढ़ाव देखा गया, लेकिन दिन बढ़ने के साथ निवेश भावना मजबूत होती गई। यही कारण है कि अंत में सेंसेक्स 449.53 अंक या 0.53% की तेजी के साथ 85,267.66 पर बंद हुआ।
दूसरी ओर, एनएसई का निफ्टी-50 भी हरे निशान में ओपन हुआ और 25,971 के स्तर से शुरुआत की। कुछ ही देर में निफ्टी ने 26,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया। दिनभर की ट्रेडिंग के बाद निफ्टी 148.40 अंक या 0.57% की बढ़त के साथ 26,046.95 पर बंद हुआ। यह साफ संकेत है कि बाजार में तेजी का माहौल निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
ट्रेड डील की उम्मीदों ने दिलाया बड़ा समर्थन
निवेशकों का पूरा फोकस भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़े अपडेट्स पर रहा। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत ने बाजार को मजबूत आधार दिया। अधिकारियों के अनुसार दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हो रही है और ट्रेड डील को अंतिम रूप देने पर काम तेजी से बढ़ रहा है।
यह बातचीत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित थी, जिनमें व्यापार, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा शामिल हैं। दोनों नेताओं ने साझा वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने पर सहमति जताई। बाजार को उम्मीद है कि इस डील का सीधा लाभ भारतीय निर्यात, विनिर्माण और विदेशी निवेश पर पड़ेगा, जिससे आगे भी बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है।
मेटल और रियल्टी शेयरों में जबरदस्त खरीदारी
आज के सेशन की सबसे बड़ी खासियत मेटल और रियल्टी सेक्टर की मजबूती रही। इन सेक्टर्स में निवेशकों की भारी खरीदारी ने बाजार को ऊपर खींचा। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में स्थिरता और ग्लोबल डिमांड में बढ़ोतरी के संकेत मेटल शेयरों को सहारा दे रहे हैं। वहीं रियल्टी सेक्टर में बढ़ते आवासीय प्रोजेक्ट, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और किफायती आवास योजनाओं के कारण सकारात्मक माहौल बन रहा है।
इन दोनों सेक्टर्स की तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी की क्लोजिंग को मजबूती दी और बाजार को सप्ताह को सकारात्मक तरीके से खत्म करने में मदद की।
मोदी–ट्रंप बातचीत पर निवेशकों की नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बातचीत सौहार्दपूर्ण और सार्थक रही। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और कई क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। यह संदेश बाजार के लिए स्पष्ट संकेत था कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी और मजबूत हो सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि बातचीत में दोनों नेता महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए। यह उम्मीद भी जताई गई कि आने वाले समय में दोनों देश साझा आर्थिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए करीबी सहयोग के साथ काम करेंगे।
ग्लोबल मार्केट्स का असर
वैश्विक बाजारों का मिश्रित रुख भारतीय मार्केट के मूड को प्रभावित करता रहा। एशियाई बाजारों में चीन का CSI 300 इंडेक्स 0.18% नीचे और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.81% की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके विपरीत जापान का निक्केई 0.72% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.13% की तेजी के साथ बंद हुआ।
अमेरिकी बाजारों की बात करें तो डॉव जोन्स और S&P 500 ने रिकॉर्ड स्तर पर क्लोजिंग दी। यह निवेशकों की मजबूत भावनाओं को दर्शाता है। हालांकि नैस्डैक 0.26% की गिरावट के साथ बंद हुआ। ओरेकल की तिमाही गाइडेंस उम्मीद से कमजोर रहने और AI लागत बढ़ने के अनुमान ने टेक सेक्टर को दबाव में रखा।









