कोको गॉफ ने कहा कि चाइना ओपन के दौरान ऑनलाइन नस्लीय दुर्व्यवहार के बाद पिछले कुछ दिन बेहद थकाने वाले रहे। अमेरिकी खिलाड़ी को एलिस मर्टेंस ने चौथे दौर में 6-3, 6-3 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: अमेरिकी टेनिस स्टार कोको गॉफ ने कहा है कि चाइना ओपन के दौरान ऑनलाइन नस्लीय दुर्व्यवहार का सामना करने के बाद पिछले कुछ दिन उनके लिए बेहद थकाने वाले रहे। टूर्नामेंट के चौथे दौर में एलिस मर्टेंस से हारकर बाहर होने के बाद गॉफ ने मानसिक दबाव और सोशल मीडिया से दूरी बनाने के अपने फैसले के बारे में खुलकर बात की।
गॉफ को चीन की 16 वर्षीय खिलाड़ी सुन शिनरान के खिलाफ तीसरे दौर के मुकाबले के बाद बड़ी संख्या में नस्लीय टिप्पणियों और निजी संदेशों का सामना करना पड़ा था। यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब मैच के पहले सेट के अंतिम हिस्से में कोर्ट के किनारे लगे पैनल की रोशनी में तकनीकी समस्या के कारण गॉफ ने खेल रोकने का इशारा किया था।
तकनीकी विवाद के बाद शुरू हुआ ऑनलाइन हमला
गॉफ और सुन शिनरान के बीच मुकाबले में एक अहम अंक को लेकर विवाद हुआ। सुन को लगा कि उन्होंने एक महत्वपूर्ण रैली जीत ली है और अंक उनके पक्ष में चला गया है। इसी दौरान गॉफ ने कोर्ट के किनारे लगी रोशनी के टिमटिमाने की ओर ध्यान दिलाते हुए खेल रोक दिया।
खिलाड़ियों को ऐसी परिस्थितियों में वीडियो समीक्षा की मांग करने की अनुमति होती है। समीक्षा के बाद अधिकारियों ने उस अंक को दोबारा खेलने का फैसला किया। गॉफ ने दोबारा खेले गए अंक को अपने नाम किया और बाद में मुकाबला भी जीत लिया।
मैच के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर बहस शुरू हो गई। गॉफ ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए एक विस्तृत बयान साझा किया। इसके बाद उन्हें बड़ी संख्या में नस्लीय टिप्पणियों और सीधे निजी संदेशों का सामना करना पड़ा।
गॉफ ने बाद में इस तरह के दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की और कहा कि सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रियाओं ने उनके लिए पिछले कुछ दिनों को मानसिक रूप से बेहद मुश्किल बना दिया।
‘पिछले कुछ दिन बेहद थकाने वाले रहे’
एलिस मर्टेंस के खिलाफ चौथे दौर के मैच के बाद जब गॉफ से पिछले करीब 36 घंटों के अनुभव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने माना कि यह समय उनके लिए काफी थकाने वाला रहा।
उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में वह अपने फोन से दूरी बनाने की कोशिश करती हैं। उनके मुताबिक, जब ऑनलाइन लोग इस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं, तो हर टिप्पणी का जवाब देना संभव नहीं होता।
गॉफ ने कहा कि वह अपना फोन बंद कर देती हैं और आगे बढ़ने की कोशिश करती हैं। उनका मानना है कि सोशल मीडिया पर होने वाले हर हमले का जवाब देना उनके नियंत्रण में नहीं है।
22 वर्षीय अमेरिकी खिलाड़ी की यह प्रतिक्रिया बताती है कि शीर्ष स्तर के खेल में प्रदर्शन के दबाव के साथ-साथ खिलाड़ियों को सोशल मीडिया पर होने वाले व्यक्तिगत हमलों का भी सामना करना पड़ता है।
WTA ने जताई नाराजगी, कार्रवाई की बात कही
महिला टेनिस संघ यानी WTA ने गॉफ के खिलाफ हुए ऑनलाइन दुर्व्यवहार पर नाराजगी जताई है। संगठन के एक प्रवक्ता ने कहा कि वह इस घटना से बेहद चिंतित है और गॉफ को अपना पूरा समर्थन देने के लिए उनके संपर्क में है। WTA की ओर से यह भी कहा गया कि संगठन आपत्तिजनक और नस्लीय सामग्री के खिलाफ कार्रवाई के रास्ते तलाश रहा है।
यह प्रतिक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों की समस्या पिछले कुछ वर्षों में लगातार चर्चा का विषय रही है। खिलाड़ियों को मैच के दौरान लिए गए फैसलों या किसी विवादित घटना के बाद व्यक्तिगत और नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है।
मर्टेंस के खिलाफ सीधे सेटों में हार
ऑनलाइन विवाद के बाद गॉफ का टूर्नामेंट अभियान चौथे दौर में समाप्त हो गया। उन्हें बेल्जियम की एलिस मर्टेंस ने 6-3, 6-3 से हराया। गॉफ ने मुकाबले में कुल 34 अनफोर्स्ड एरर किए और आठ डबल फॉल्ट भी किए। मैच के बाद उन्होंने स्वीकार किया कि उनका प्रदर्शन अपेक्षित स्तर पर नहीं था। अमेरिकी खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें लगा कि वह मुकाबले के दौरान कुछ मौकों पर अच्छी लय में थीं, लेकिन वह उस स्तर को लगातार बनाए नहीं रख सकीं।
गॉफ के लिए यह नतीजा इसलिए भी निराशाजनक रहा क्योंकि उन्होंने 2024 में बीजिंग में आयोजित इसी टूर्नामेंट का खिताब जीता था। ऐसे में इस बार उनका चौथे दौर में बाहर होना उनके अभियान का अपेक्षाकृत जल्दी अंत माना जा रहा है।
मानसिक दबाव और खेल का प्रदर्शन
टेनिस जैसे व्यक्तिगत खेल में मानसिक मजबूती का महत्व बहुत अधिक होता है। खिलाड़ी को कोर्ट पर अपने प्रदर्शन के साथ-साथ बाहरी दबाव से भी निपटना पड़ता है।
गॉफ के मामले में ऑनलाइन नस्लीय दुर्व्यवहार और इसके तुरंत बाद महत्वपूर्ण मुकाबला खेलना अतिरिक्त चुनौती रहा। हालांकि उन्होंने यह नहीं कहा कि सोशल मीडिया विवाद सीधे तौर पर उनकी हार का कारण था, लेकिन उन्होंने माना कि पिछले कुछ दिन उनके लिए थकाने वाले रहे।

मर्टेंस के खिलाफ मैच में बड़ी संख्या में अनफोर्स्ड एरर और डबल फॉल्ट यह दिखाते हैं कि अमेरिकी खिलाड़ी अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर नहीं थीं। इसके बावजूद गॉफ ने अपनी प्रतिक्रिया में विवाद को ज्यादा तूल देने के बजाय फोन से दूरी बनाकर आगे बढ़ने पर जोर दिया।
मर्टेंस का सामना अब इगा स्वियातेक से
गॉफ को हराने के बाद एलिस मर्टेंस की चुनौती अब और कठिन होने वाली है। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना पूर्व विश्व नंबर एक इगा स्वियातेक से होगा। स्वियातेक ने चौथे दौर में अमेरिकी किशोरी इवा जोविच को 6-1, 6-3 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। छह बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन स्वियातेक इस मुकाबले में मजबूत दावेदार के रूप में उतरेंगी।
मर्टेंस के लिए गॉफ के खिलाफ जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है, लेकिन स्वियातेक के खिलाफ उन्हें इससे भी अधिक कठिन चुनौती का सामना करना होगा।
शंघाई मास्टर्स में आर्थर फेरी की जीत
इसी बीच पुरुष टेनिस में शंघाई मास्टर्स से भी ब्रिटेन के लिए अच्छी खबर आई। ब्रिटिश खिलाड़ी आर्थर फेरी ने पहले दौर में पूर्व यूएस ओपन चैंपियन मारिन सिलिच को 7-6 (7-2), 6-1 से हराया। फेरी को पहले सेट में एक समय सर्विस ब्रेक का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए टाई-ब्रेक जीता। इसके बाद दूसरे सेट में उन्होंने सिलिच पर पूरी तरह दबाव बनाए रखा और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
यह अगस्त के बाद फेरी की पहली ATP टूर जीत थी। 24 वर्षीय ब्रिटिश खिलाड़ी के लिए यह जीत उनके आत्मविश्वास को मजबूत करने वाली मानी जा रही है। अब फेरी का सामना अगले दौर में रूस के 26वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी करेन खाचानोव से होगा।
खेल में नस्लीय दुर्व्यवहार पर फिर बहस
कोको गॉफ से जुड़ी घटना ने एक बार फिर खेल जगत में ऑनलाइन नस्लीय दुर्व्यवहार की समस्या को सामने ला दिया है। सोशल मीडिया ने खिलाड़ियों को प्रशंसकों से सीधे जुड़ने का अवसर दिया है, लेकिन इसी के साथ उन्हें व्यक्तिगत हमलों और अपमानजनक टिप्पणियों के लिए भी खुला छोड़ दिया है।
गॉफ जैसी विश्व स्तरीय खिलाड़ी के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां यह सवाल उठाती हैं कि खेल संगठनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए किस तरह की अतिरिक्त व्यवस्था करनी चाहिए।
WTA का कार्रवाई करने का संकेत इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। हालांकि, ऑनलाइन दुर्व्यवहार को रोकने के लिए केवल किसी एक घटना पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। खिलाड़ियों, खेल संगठनों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बनी रहेगी।
गॉफ के लिए चाइना ओपन का अभियान भले ही कोर्ट पर हार के साथ खत्म हुआ हो, लेकिन उनके खिलाफ हुए ऑनलाइन नस्लीय हमले ने खेल में सम्मान, डिजिटल जिम्मेदारी और खिलाड़ियों की मानसिक सुरक्षा से जुड़े सवालों को फिर केंद्र में ला दिया है।












