कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्कॉटलैंड की महिला व्हीलचेयर 3x3 बास्केटबॉल टीम ने रजत और पुरुष 3x3 टीम ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। दोनों टीमों के शानदार प्रदर्शन ने देश में इस खेल की लोकप्रियता और भविष्य की उम्मीदों को नई उड़ान दी।
CWG 2206: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्कॉटलैंड की 3x3 बास्केटबॉल टीमों ने यादगार प्रदर्शन करते हुए देश के खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। महिला व्हीलचेयर 3x3 टीम ने फाइनल तक का शानदार सफर तय करते हुए रजत पदक अपने नाम किया, जबकि पुरुष 3x3 टीम ने कांस्य पदक जीतकर लंबे समय से चली आ रही पदक की प्रतीक्षा समाप्त कर दी। दोनों टीमों की उपलब्धियां केवल पदकों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने स्कॉटलैंड में 3x3 बास्केटबॉल की बढ़ती लोकप्रियता और खिलाड़ियों की मेहनत को भी नई पहचान दिलाई।
रोबिन लव के लिए भावुक पल, चार साल बाद मिला सफलता का इनाम
महिला व्हीलचेयर 3x3 टीम की अनुभवी खिलाड़ी रोबिन लव के लिए यह टूर्नामेंट बेहद खास रहा। चार साल पहले बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक के मुकाबले में हार के बाद उनकी आंखों में आंसू थे। उस समय टीम पदक जीतने से चूक गई थी और निराशा साफ दिखाई दे रही थी।
इस बार ग्लासगो में कहानी बदल गई। रोबिन लव, लिया स्मिथ, केली इंग्लिश और जोडी वेट की टीम ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर लिया। हालांकि फाइनल में इंग्लैंड ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए स्कॉटलैंड को 18-10 से हराया, लेकिन सिल्वर मेडल टीम के लिए किसी ऐतिहासिक उपलब्धि से कम नहीं था।
कोच और खिलाड़ी दोनों की भूमिका में चमकीं रोबिन लव
35 वर्षीय रोबिन लव इस टीम की सबसे अनुभवी सदस्य होने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों की कोच भी हैं। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में टीम का नेतृत्व किया और नई खिलाड़ियों को आत्मविश्वास के साथ खेलने के लिए प्रेरित किया।
फाइनल के बाद उन्होंने कहा कि सेमीफाइनल जीतने के बाद उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए थे। उन्होंने इस सफलता को अपने करियर के सबसे खास पलों में से एक बताया और कहा कि युवा खिलाड़ियों के विकास को करीब से देखना उनके लिए गर्व की बात है।
पुरुष टीम ने आठ साल का इंतजार खत्म किया
स्कॉटलैंड की पुरुष 3x3 टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। टीम में काइल जिमेनेज, रॉस मैल्कम, स्काइलर व्हाइट और ओवेन मैककॉर्मैक शामिल थे। यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि जिमेनेज और मैल्कम लगातार दो कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक मुकाबले में हार चुके थे। 2018 में गोल्ड कोस्ट और 2022 में बर्मिंघम में उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था। इस बार उन्होंने वही गलती नहीं दोहराई। कांस्य पदक मुकाबले में स्कॉटलैंड ने न्यूजीलैंड को 18-16 से हराकर आखिरकार पदक अपने नाम कर लिया।

दबाव के बीच दिखाई शानदार टीमवर्क
कांस्य पदक मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। दोनों टीमों के बीच लगातार कांटे की टक्कर देखने को मिली। अंतिम क्षणों तक मुकाबला खुला रहा, लेकिन स्कॉटलैंड के खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा और महत्वपूर्ण मौकों पर अंक जुटाकर जीत सुनिश्चित की। टीम के खिलाड़ी स्काइलर व्हाइट ने मैच के बाद कहा कि आखिरी समय में सभी खिलाड़ियों ने तय किया कि दर्द और थकान की चिंता बाद में करेंगे, लेकिन मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे। यही मानसिकता टीम की जीत का सबसे बड़ा कारण बनी।
खिलाड़ियों ने बताया इस जीत का महत्व
ओवेन मैककॉर्मैक ने कांस्य पदक जीतने को अपने जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके करियर की सबसे बड़ी सफलताओं में शामिल रहेगी। काइल जिमेनेज ने कहा कि टीम को अपने प्रदर्शन पर पूरा भरोसा था, लेकिन बाहरी दुनिया उन्हें दावेदार नहीं मान रही थी। इस जीत के साथ स्कॉटलैंड ने साबित कर दिया कि मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी मजबूत टीम को हराया जा सकता है। रॉस मैल्कम ने उम्मीद जताई कि इस सफलता के बाद 3x3 बास्केटबॉल को देश में अधिक पहचान और समर्थन मिलेगा।
स्कॉटलैंड में 3x3 बास्केटबॉल को मिलेगा नया प्रोत्साहन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में दोनों टीमों के शानदार प्रदर्शन से स्कॉटलैंड में 3x3 बास्केटबॉल को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। पिछले कुछ वर्षों में इस खेल की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने से युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह प्रशिक्षण और संसाधनों में निवेश जारी रहा तो आने वाले वर्षों में स्कॉटलैंड विश्व स्तर पर भी मजबूत चुनौती पेश कर सकता है।
व्हीलचेयर खेलों के लिए भी बड़ी उपलब्धि
महिला व्हीलचेयर 3x3 टीम का रजत पदक पैरा स्पोर्ट्स के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस प्रदर्शन ने यह साबित किया कि व्हीलचेयर बास्केटबॉल में भी स्कॉटलैंड की टीम विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखती है। रोबिन लव और उनकी टीम ने न केवल पदक जीता, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का नया उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
भविष्य के लिए मजबूत संकेत
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्कॉटलैंड की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने जिस स्तर का प्रदर्शन किया है, वह भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत देता है। अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं का संतुलन टीमों को आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी मजबूत दावेदार बना सकता है। इन उपलब्धियों से यह स्पष्ट है कि स्कॉटलैंड अब 3x3 बास्केटबॉल में केवल भागीदारी करने वाला देश नहीं, बल्कि पदक जीतने वाली मजबूत टीमों में शामिल हो चुका है।











