ब्रूनो फर्नांडिस ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम और देश का सबसे बड़ा फुटबॉल आइकन बताया। डेनमार्क के खिलाफ शुरुआती एकादश में जगह नहीं मिलने के बाद रोनाल्डो ने टीम छोड़ी। पुर्तगाल ने उनकी गैरमौजूदगी में 4-2 से जीत दर्ज की।
फुटबॉल: पुर्तगाल के मिडफील्डर ब्रूनो फर्नांडिस ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो को देश का सबसे बड़ा फुटबॉल प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि टीम में रोनाल्डो की स्थिति और उनके योगदान को किसी भी विवाद या मौजूदा घटनाक्रम से अलग करके देखा जाना चाहिए। 41 वर्षीय रोनाल्डो इस सप्ताह पुर्तगाल की टीम से बाहर हो गए थे। कोच जॉर्ज जीसस ने उन्हें बताया था कि वह डेनमार्क के खिलाफ होने वाले मैच में शुरुआती एकादश का हिस्सा नहीं होंगे। इसके बाद रोनाल्डो टीम छोड़कर चले गए। उनके बिना पुर्तगाल ने डेनमार्क को 4-2 से हराया।
रोनाल्डो का पुर्तगाल के लिए अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली है। उन्होंने देश के लिए 234 मैचों में 146 गोल किए हैं। दोनों ही आंकड़े पुर्तगाल के लिए रिकॉर्ड हैं। उनके नेतृत्व में टीम ने 2016 में यूरोपीय चैंपियनशिप और दो बार नेशंस लीग का खिताब जीता है।
फर्नांडिस ने कहा- रोनाल्डो का स्थान कोई नहीं ले सकता
मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए खेलने वाले ब्रूनो फर्नांडिस ने शनिवार को पुर्तगाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोनाल्डो के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने रोनाल्डो से बातचीत की है और जो बात उनसे कही थी, वही सार्वजनिक रूप से भी दोहराना चाहते हैं।
फर्नांडिस के मुताबिक, चाहे भविष्य में कुछ भी हो, रोनाल्डो पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम, पुर्तगाली फुटबॉल और पूरे देश के सबसे बड़े प्रतीक बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि रोनाल्डो ने सिर्फ पुर्तगाल में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि रोनाल्डो का स्थान सिर्फ सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में नहीं है, बल्कि पुर्तगाल के लोगों के दिलों में भी है। फर्नांडिस ने इस बात पर जोर दिया कि रोनाल्डो को लेकर देश को अलग-अलग पक्षों में नहीं बंटना चाहिए।
‘राष्ट्रीय टीम में कोई विभाजन नहीं’
फर्नांडिस ने कहा कि पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम में कोई विभाजन नहीं है और टीम एकजुट है। उन्होंने कहा कि बाहर से चाहे जितनी भी चर्चा या विवाद हो, टीम के अंदर एकता बनी हुई है।
उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि इस मामले में किसी तरह का विभाजन न हो। फर्नांडिस ने कहा कि लोगों को किसी एक पक्ष को चुनने के बजाय सभी पक्षों का सम्मान करना चाहिए।
फर्नांडिस ने रोनाल्डो को पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम का सबसे बड़ा आइकन बताया और कहा कि वह सम्मान के हकदार हैं, चाहे कोई व्यक्ति उन्हें अधिक पसंद करता हो या कम।
डेनमार्क के खिलाफ नहीं खेले रोनाल्डो
रोनाल्डो को डेनमार्क के खिलाफ नेशंस लीग मैच में शुरुआती एकादश में शामिल नहीं किया जाना था। कोच जॉर्ज जीसस के इस फैसले के बाद रोनाल्डो ने टीम छोड़ दी।
रोनाल्डो के बिना पुर्तगाल ने डेनमार्क के खिलाफ 4-2 की जीत दर्ज की। हालांकि, इस घटना ने रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुर्तगाल के लिए रोनाल्डो का रिकॉर्ड उन्हें टीम के इतिहास का सबसे बड़ा गोलस्कोरर बनाता है। उन्होंने 234 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 146 गोल किए हैं और कई बड़े टूर्नामेंटों में टीम की अगुवाई की है।
पुर्तगाल के लिए रोनाल्डो का शानदार रिकॉर्ड
रोनाल्डो ने पुर्तगाल को 2016 में यूरो खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा पुर्तगाल ने 2019 में नेशंस लीग का खिताब जीता था।
पुर्तगाल मौजूदा नेशंस लीग चैंपियन भी है। टीम ने 2025 के फाइनल में स्पेन को पेनल्टी शूटआउट में हराकर खिताब जीता था। निर्धारित समय में मुकाबला 2-2 से बराबर रहा था और रोनाल्डो ने पुर्तगाल की ओर से एक गोल किया था।

इस उपलब्धि के बाद भी अब रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय करियर का अगला चरण स्पष्ट नहीं है। टीम से उनके जाने की घटना ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है।
विश्व कप में भी रोनाल्डो को लेकर हुई थी आलोचना
इस गर्मियों में पुर्तगाल विश्व कप के अंतिम-16 दौर तक पहुंचा था। वहां उसे बाद में चैंपियन बनने वाले स्पेन के खिलाफ 1-0 से हार का सामना करना पड़ा।
उस टूर्नामेंट के दौरान तत्कालीन पुर्तगाल कोच रॉबर्टो मार्टिनेज को रोनाल्डो को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा था। आलोचना का एक कारण यह था कि खराब प्रदर्शन के बावजूद उन्होंने रोनाल्डो को बहुत कम बार मैदान से बाहर किया।
इसके बाद जॉर्ज जीसस ने नेशंस लीग अभियान के लिए मार्टिनेज की जगह ली। जीसस इससे पहले सऊदी अरब के क्लब अल-नस्र में रोनाल्डो के क्लब कोच रह चुके हैं।
नेशंस लीग में पुर्तगाल का शानदार आगाज
पुर्तगाल ने नेशंस लीग के अभियान की शुरुआत वेल्स के खिलाफ 1-0 की घरेलू जीत से की। उस मुकाबले में रोनाल्डो ने शुरुआती 67 मिनट तक मैदान पर खेला था।
इसके बाद नॉर्वे के खिलाफ 2-1 की अवे जीत में रोनाल्डो को मैदान पर खेलने का मौका नहीं मिला और वह अप्रयुक्त स्थानापन्न खिलाड़ी रहे।
इसके बाद डेनमार्क के खिलाफ मुकाबले से पहले उन्होंने टीम छोड़ दी। डेनमार्क के खिलाफ पुर्तगाल ने उनकी गैरमौजूदगी में 4-2 से जीत हासिल की।
ग्रुप में पुर्तगाल शीर्ष पर
तीन मैचों के बाद पुर्तगाल ने नेशंस लीग के ग्रुप ए4 में शानदार शुरुआत की है। टीम ने अपने तीनों मैच जीते हैं और उसके खाते में नौ अंक हैं।
पुर्तगाल रविवार को पोर्टो में नॉर्वे की मेजबानी करेगा। इसके बाद अगले महीने ग्रुप चरण का अंत होगा। 14 नवंबर को पुर्तगाल का सामना घरेलू मैदान पर डेनमार्क से होगा, जबकि 17 नवंबर को टीम वेल्स में खेलेगी।
यदि पुर्तगाल अपने ग्रुप में शीर्ष दो स्थानों में रहता है, तो वह मार्च में क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करेगा। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल जून में खेले जाएंगे।
जॉर्ज जीसस ने भी रोनाल्डो को बताया ‘पुर्तगाल का प्रतीक’
पुर्तगाल के कोच जॉर्ज जीसस ने भी रोनाल्डो को देश का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि रोनाल्डो के बारे में विस्तार से बात करने का समय रविवार के मैच के बाद आएगा।
72 वर्षीय जीसस ने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान टीम और उसके अगले प्रतिद्वंद्वी नॉर्वे पर है। उन्होंने नॉर्वे को यूरोप की पांच सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक बताया।
कोच ने संकेत दिया कि फिलहाल टीम का प्राथमिक लक्ष्य मैदान पर प्रदर्शन और नॉर्वे के खिलाफ मुकाबला है। रोनाल्डो को लेकर उठे सवालों पर विस्तृत चर्चा बाद में की जाएगी।
रोनाल्डो के भविष्य पर बढ़ी नजर
डेनमार्क के खिलाफ शुरुआती एकादश में शामिल नहीं किए जाने के बाद रोनाल्डो का टीम छोड़ना पुर्तगाल के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हालांकि फर्नांडिस और जीसस दोनों ने उनके योगदान और महत्व को स्वीकार किया है।
रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। 234 मैचों में 146 गोल, यूरो 2016 और दो नेशंस लीग खिताब उनके पुर्तगाल करियर की बड़ी उपलब्धियां हैं।
फिलहाल पुर्तगाल ने नेशंस लीग में मजबूत शुरुआत की है और टीम का ध्यान अपने अगले मुकाबलों पर है। वहीं, रोनाल्डो को लेकर चर्चा जारी है कि वह भविष्य में राष्ट्रीय टीम के साथ किस भूमिका में नजर आएंगे।











