जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात CRPF जवानों के लिए गृह मंत्रालय ने ₹4.54 करोड़ से अधिक का फंड मंजूर किया है। इससे माइनस तापमान में उपयोगी कपड़े, जूते, टेंट और आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे।
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के बर्फीले और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात CRPF जवानों की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने के लिए गृह मंत्रालय ने विशेष बजट मंजूर किया है। करीब 600 जवानों के लिए सर्दियों में इस्तेमाल होने वाले विशेष कपड़े और उपकरण खरीदे जाएंगे। इस सामान में DRDO के ‘हिमसुरक्षा’ कपड़े, स्नो बूट, स्लीपिंग बैग, टेंट, गॉगल्स और रेस्क्यू बैग शामिल हैं।
600 जवानों के लिए खरीदे जाएंगे विशेष Winter Gear
जम्मू-कश्मीर के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में तैनात CRPF जवानों को कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के दौरान बेहतर सुरक्षा मिलेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसके लिए 4.54 करोड़ रुपये से अधिक का फंड मंजूर किया है। इस राशि से करीब 600 जवानों के लिए माइनस तापमान में इस्तेमाल होने वाले विशेष कपड़े और उपकरण खरीदे जाएंगे।

यह सामान खास तौर पर 6,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर बनाए गए टेम्पररी ऑपरेटिंग बेस यानी TOB में तैनात जवानों के लिए उपयोगी होगा। इन क्षेत्रों में कम तापमान, भारी बर्फबारी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच जवानों को लंबे समय तक अभियान चलाना पड़ता है। ऐसे में बेहतर Winter Gear उनकी सुरक्षा और कार्यक्षमता दोनों के लिए अहम है।
‘हिमसुरक्षा’ कपड़ों के साथ मिलेंगे जरूरी उपकरण
गृह मंत्रालय की मंजूर राशि से DRDO द्वारा विकसित विशेष ‘हिमसुरक्षा’ कपड़ों के अलावा स्नो बूट, स्लीपिंग बैग, टेंट, गॉगल्स, थर्मल इनसोल और रेस्क्यू बैग खरीदे जाएंगे। इन उपकरणों को इस तरह तैयार किया गया है कि जवान बर्फीले और बेहद ठंडे इलाकों में लंबे समय तक अपनी ड्यूटी बेहतर तरीके से निभा सकें।
ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चले जाने पर सामान्य कपड़ों और उपकरणों से काम करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में विशेष थर्मल कपड़े और अन्य सुरक्षा उपकरण जवानों को ठंड से बचाने के साथ अभियान के दौरान उनकी गतिशीलता बनाए रखने में मदद करेंगे।
आतंकवाद विरोधी अभियानों को मिलेगी मजबूती
जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों को मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों दोनों से चुनौती मिलती है। आतंकी अक्सर पहाड़ी क्षेत्रों में बनी गुफाओं और अस्थायी ठिकानों का इस्तेमाल छिपने के लिए करते हैं। ऐसे स्थानों पर पहुंचने के लिए जवानों को कई घंटों या दिनों तक कठिन इलाकों में गश्त करनी पड़ सकती है।
अप्रैल 2025 में पहलगाम की बैसारन घाटी में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इसी दिशा में गृह मंत्रालय ने जुलाई में विशेष उपकरणों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
नए Winter Gear से जवानों को कठिन मौसम में लंबे समय तक अभियान चलाने में सहायता मिलने की उम्मीद है। इससे आतंकियों के संभावित ठिकानों की तलाश, निगरानी और सुरक्षा अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने में भी मदद मिल सकती है। साथ ही, यह व्यवस्था ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात CRPF जवानों की सुरक्षा और operational preparedness को मजबूत करेगी।









