कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने बुधवार को पार्टी शासित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में जरूरी सुधारों को लेकर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है।
नई दिल्ली: कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में देश के छात्रों, युवाओं, शिक्षा व्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी शासित राज्यों से शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस सुझाव तैयार करने को कहा है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से एक महीने के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आग्रह किया।
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में हुई बैठक की अध्यक्षता मल्लिकार्जुन खरगे ने की। इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और के.सी. वेणुगोपाल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में तेलंगाना, केरल, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक के कांग्रेस नेताओं ने भी भाग लिया।
शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर जोर
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने संबंधित राज्यों से शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की मौजूदा चुनौतियों का अध्ययन कर सुधारों की रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। इस प्रक्रिया में शिक्षा विशेषज्ञों, छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लेने पर भी जोर दिया गया है। कांग्रेस का कहना है कि रिपोर्ट का उद्देश्य छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने और शिक्षा से रोजगार तक एक बेहतर नीति ढांचा तैयार करना है। खरगे ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं के लिए एक व्यापक “एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट रोडमैप” की जरूरत है।
800 शहरों तक पहुंचेगा ‘छात्रों की गूंज’ अभियान
कांग्रेस ने अपने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को देशभर में विस्तार देने की भी घोषणा की। पार्टी के अनुसार, यह कार्यक्रम करीब 800 शहरों में आयोजित किया जाएगा और राहुल गांधी इनमें से कई कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं। अभियान के तहत छात्रों की परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रियाओं, रोजगार, शिक्षा की गुणवत्ता और अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। पार्टी के मुताबिक, कोटा, देहरादून और प्रयागराज में कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं, जबकि अगले चरण में अन्य शहरों में भी कार्यक्रम किए जाएंगे।
पेपर लीक और छात्र संकट पर उठे सवाल

CWC बैठक में पेपर लीक और परीक्षाओं से जुड़ी अनियमितताओं पर भी चिंता जताई गई। कांग्रेस ने अपने प्रस्ताव में दावा किया कि पिछले एक दशक में देश में पेपर लीक के अनेक मामले सामने आए हैं और इसका सीधा असर छात्रों तथा युवाओं के भविष्य पर पड़ा है। पार्टी ने परीक्षा रद्द होने, दोबारा परीक्षा आयोजित करने और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी जैसी समस्याओं को गंभीर मुद्दा बताया। प्रस्ताव में छात्रों की मानसिक परेशानियों और आत्महत्या की घटनाओं को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई तथा सरकार से शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही बढ़ाने की मांग की गई।
बेरोजगारी को लेकर सरकार पर निशाना
कांग्रेस कार्य समिति ने कहा कि बेरोजगारी का सबसे अधिक असर युवाओं पर पड़ रहा है। पार्टी के प्रस्ताव के अनुसार, उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए भी पर्याप्त रोजगार अवसर उपलब्ध नहीं होने की चुनौती बनी हुई है। बैठक में यह मुद्दा उठाया गया कि शिक्षा प्रणाली को केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं रखा जा सकता।
इसके बजाय शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और उद्योग की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल बनाना जरूरी है। कांग्रेस ने कहा कि युवाओं के लिए अवसर पैदा करना और उनकी क्षमताओं के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराना नीति निर्माण की प्रमुख प्राथमिकता होनी चाहिए।
राहुल गांधी के अभियान की सराहना
CWC ने छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाने के लिए राहुल गांधी के प्रयासों की सराहना की। पार्टी ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों की चिंताओं को सुनने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में छात्र आंदोलनों के प्रति सरकार के रवैये पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस ने शांतिपूर्ण विरोध और लोकतांत्रिक असहमति की आवाज को सम्मान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।











