पाकिस्तान के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी अरशद नदीम ने कहा है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मौजूदा चैंपियन के रूप में उतरने के कारण उन पर अतिरिक्त दबाव रहेगा।
स्पोर्ट्स न्यूज़: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक बार फिर दुनिया की सबसे चर्चित जैवलिन प्रतिद्वंद्विताओं में से एक देखने को मिलेगी। भारत के ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा तथा पाकिस्तान के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अरशद नदीम ग्लासगो में आमने-सामने होंगे। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबले पर दुनियाभर के एथलेटिक्स प्रशंसकों की नजरें टिकी हैं।
23 जुलाई से स्कॉटलैंड के ग्लासगो में शुरू होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पाकिस्तान के स्टार जैवलिन थ्रोअर अरशद नदीम अपने खिताब की रक्षा करने उतरेंगे। डिफेंडिंग चैंपियन होने के कारण उन्होंने स्वीकार किया है कि इस बार उन पर अतिरिक्त जिम्मेदारी और दबाव रहेगा। हालांकि, उनका कहना है कि उन्होंने प्रतियोगिता के लिए पूरी तैयारी की है और एक बार फिर स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगे।
मीडिया से बातचीत के दौरान अरशद नदीम ने कहा कि किसी भी बड़े टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि पिछले संस्करण में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब सभी की निगाहें उनके प्रदर्शन पर होंगी, लेकिन उन्होंने अपनी ट्रेनिंग पर पूरा ध्यान दिया है और ग्लासगो में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।
नीरज और नदीम की प्रतिद्वंद्विता पर दुनिया की नजर
पिछले कुछ वर्षों में नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम के बीच मुकाबले ने अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में खास पहचान बनाई है। दोनों खिलाड़ी कई बड़े मंचों पर एक-दूसरे के खिलाफ उतर चुके हैं और हर बार उनका मुकाबला चर्चा का विषय बना है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी दोनों स्टार एथलीटों के बीच मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे बड़े आकर्षणों में शामिल माना जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों खिलाड़ी अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में रहे, तो यह प्रतियोगिता बेहद रोमांचक हो सकती है।
बर्मिंघम 2022 में जीता था कॉमनवेल्थ स्वर्ण

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में अरशद नदीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 90.18 मीटर का थ्रो किया था और स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उस समय भारतीय स्टार नीरज चोपड़ा चोट के कारण प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सके थे। अब ग्लासगो में दोनों खिलाड़ियों की मौजूदगी से मुकाबला पहले से कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी होने की उम्मीद है। अरशद का कहना है कि उन्हें पता है कि इस बार चुनौती कहीं अधिक कठिन होगी, लेकिन उन्होंने उसी स्तर की तैयारी की है।
पेरिस ओलंपिक में बनाया था नया इतिहास
अरशद नदीम ने 2024 पेरिस ओलंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 92.97 मीटर का थ्रो किया था और ओलंपिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इस प्रतियोगिता में नीरज चोपड़ा ने रजत पदक जीता था। यह मुकाबला दोनों खिलाड़ियों की प्रतिद्वंद्विता का सबसे चर्चित अध्याय माना जाता है। हालांकि दोनों एथलीट एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भाव रखते हैं और कई मौकों पर उन्होंने खेल भावना का परिचय दिया है, लेकिन मैदान पर दोनों हमेशा जीत के इरादे से उतरते हैं।
विश्व चैंपियनशिप 2025 में नहीं मिला मनचाहा प्रदर्शन
दोनों खिलाड़ियों की पिछली बड़ी भिड़ंत 2025 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हुई थी, जहां न तो नीरज और न ही अरशद अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तक पहुंच सके। चोटों और फिटनेस संबंधी समस्याओं के कारण नीरज आठवें स्थान पर रहे, जबकि अरशद नदीम दसवें स्थान पर रहे। इन परिणामों के बाद दोनों खिलाड़ियों ने अपनी फिटनेस और तकनीक पर विशेष ध्यान दिया है। ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 उनके लिए वापसी का बड़ा मंच साबित हो सकता है।
29 वर्षीय अरशद नदीम फिलहाल लाहौर में अपने कोचिंग स्टाफ के साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्लासगो रवाना होने से पहले वह स्विट्जरलैंड में आयोजित होने वाली एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। उनका मानना है कि यह टूर्नामेंट उनकी मौजूदा फॉर्म और तकनीकी तैयारी का आकलन करने का अच्छा अवसर होगा। दूसरी ओर, नीरज चोपड़ा भी आगामी प्रतियोगिताओं के लिए लगातार अभ्यास कर रहे हैं और उनका लक्ष्य एक बार फिर बड़े मंच पर पदक जीतना होगा।









