भारतीय स्टार जैवलिन थ्रो एथलीट और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने चोट से उबरने के बाद शानदार वापसी करते हुए दोहा डायमंड लीग में आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालिफाई कर लिया है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत के स्टार जैवलिन थ्रो एथलीट नीरज चोपड़ा ने चोट से वापसी करते हुए दोहा डायमंड लीग में शानदार प्रदर्शन किया और अपने दूसरे प्रयास में 82.77 मीटर का थ्रो कर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (CWG 2026) के लिए क्वालीफाई कर लिया। इस उपलब्धि के साथ नीरज ने एक बार फिर साबित किया कि वह विश्व एथलेटिक्स के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं।
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा पिछले लगभग एक साल से पीठ की चोट (Back Injury) के कारण प्रतिस्पर्धी मुकाबलों से दूर थे। ऐसे में दोहा डायमंड लीग उनकी फिटनेस और फॉर्म की बड़ी परीक्षा मानी जा रही थी। उन्होंने न केवल सफल वापसी की, बल्कि आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अपनी तैयारियों का भी मजबूत संकेत दिया।
दूसरे थ्रो में हासिल किया CWG 2026 का टिकट
दोहा डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। उनका पहला प्रयास फाउल रहा, जिससे प्रशंसकों के बीच थोड़ी चिंता बढ़ गई। हालांकि, अनुभवी एथलीट ने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और दूसरे प्रयास में 82.77 मीटर का थ्रो करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए निर्धारित 82.61 मीटर के क्वालीफिकेशन मार्क को पार कर लिया।
इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अगले वर्ष होने वाले बहु-खेल आयोजन में अपनी जगह लगभग सुनिश्चित कर ली और साबित किया कि चोट से उबरने के बाद भी उनकी तकनीक और आत्मविश्वास बरकरार है।
तीसरे थ्रो में दिखाई पुरानी लय
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कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई करने के बाद नीरज ने अपने तीसरे प्रयास में और बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने 85.69 मीटर का शानदार थ्रो फेंककर अपनी पुरानी लय की झलक दिखाई। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे अंतराल के बाद प्रतियोगिता में वापसी करने वाले किसी भी खिलाड़ी के लिए यह प्रदर्शन बेहद सकारात्मक संकेत है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि नीरज आने वाले महीनों में अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
नीरज चोपड़ा ने अपने चौथे प्रयास में 83.45 मीटर का थ्रो किया, जबकि पांचवां प्रयास फाउल रहा। इसके बाद प्रतियोगिता के अंतिम चरण में वह शीर्ष स्थान की दौड़ से बाहर हो गए। इस बीच, श्रीलंका के रुमेश पाथिरांगे ने चौथे प्रयास में 88.68 मीटर का शानदार थ्रो कर प्रतियोगिता में बढ़त हासिल की। पांचवें राउंड के बाद नीरज चौथे स्थान पर थे और उनका दोहा डायमंड लीग अभियान यहीं समाप्त हो गया। हालांकि, परिणाम से अधिक चर्चा उनकी सफल वापसी और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालीफिकेशन को लेकर रही।
चोट के बाद वापसी पर थी सबकी नजर
नीरज चोपड़ा पिछले एक साल से पीठ की चोट से जूझ रहे थे। फिटनेस हासिल करने के लिए उन्होंने लंबे समय तक पुनर्वास प्रक्रिया अपनाई और मई के अंत से स्विट्जरलैंड में विशेष प्रशिक्षण शुरू किया। दोहा डायमंड लीग में भाग लेने का फैसला भी उन्होंने अंतिम समय में लिया था। ऐसे में खेल विशेषज्ञ और भारतीय प्रशंसक उनकी फिटनेस को लेकर उत्सुक थे। प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि वह धीरे-धीरे अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में लौट रहे हैं।
नीरज चोपड़ा को हाल ही में एशियन गेम्स के लिए घोषित भारतीय एथलेटिक्स दल में भी शामिल किया गया है। दोहा डायमंड लीग में उनके प्रदर्शन के बाद अब आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनसे बड़ी उम्मीदें की जा रही हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई करने के साथ-साथ उनका मुख्य लक्ष्य आने वाले सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और बड़े टूर्नामेंटों में पदक जीतना होगा। उनकी वापसी भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी सकारात्मक खबर मानी जा रही है।









