‘साइबर आतंक’ फैलाने वाला गिरफ्तार: अदालतों को उड़ाने की धमकी देने वाला मैसूर से दबोचा

पटना की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी मैसूर से गिरफ्तार। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, साइबर जांच में बड़े खुलासे की उम्मीद।
‘साइबर आतंक’ फैलाने वाला गिरफ्तार: अदालतों को उड़ाने की धमकी देने वाला मैसूर से दबोचा
Photo Credit / Attribution: google

बिहार की राजधानी पटना में अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी देकर दहशत फैलाने वाले ‘साइबर आतंक’ के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कर्नाटक के मैसूर से दबोचा गया है। अब पटना पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पटना लाने की तैयारी में जुटी हुई है।

इस मामले ने कुछ दिनों पहले पूरे न्यायिक तंत्र और आम लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया था। पटना की कई अदालतों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी, जिसके बाद कोर्ट परिसरों में हड़कंप मच गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी अदालतों की सुरक्षा बढ़ा दी थी और सघन तलाशी अभियान चलाया गया था।

धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल को जांच सौंपी। जांच के दौरान तकनीकी टीम ने ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए IP एड्रेस, सर्वर लोकेशन और डिजिटल डेटा का गहन विश्लेषण किया। आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी ईमेल आईडी और VPN का इस्तेमाल किया था, जिससे शुरुआती जांच में दिक्कतें आईं।

हालांकि, साइबर विशेषज्ञों की मदद से पुलिस ने डिजिटल ट्रेल को ट्रैक किया और आखिरकार आरोपी की लोकेशन मैसूर में मिली। इसके बाद पटना पुलिस की विशेष टीम वहां पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इन डिवाइस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने किन माध्यमों से धमकी दी और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।

पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर उससे गहन पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी का मकसद क्या था और क्या वह किसी बड़े साइबर नेटवर्क या गिरोह से जुड़ा हुआ है।

इस घटना के बाद राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। खासकर अदालत परिसरों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की साइबर धमकियां समाज में डर फैलाने का एक नया तरीका बनती जा रही हैं, जिसे रोकने के लिए तकनीकी और कानूनी दोनों स्तरों पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

फिलहाल, सभी की नजर आरोपी से होने वाली पूछताछ पर टिकी है, जिससे इस पूरे मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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