मुकुंदगढ़ में जमीन के रास्ते को लेकर हुए विवाद में दो पक्ष भिड़ गए। पथराव में एक महिला और उसकी बेटी घायल हो गईं। पुलिस ने दोनों पक्षों को पाबंद किया है। मामला पहले से कोर्ट में चल रहा है।
jhunjhunu: झुंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़ थाना इलाके में सोमवार दोपहर एक पुराने रास्ते के विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। संतोष कुमावत और सहीराम के बीच जमीन से निकलने वाले रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया गया है कि संतोष कुमावत के खेत के बीच से करीब 20–25 वर्षों से एक रास्ता निकल रहा था, जिसका उपयोग सहीराम अपने खेत में बने मकान तक आने-जाने के लिए करता था।
कुछ समय पहले संतोष कुमावत ने इस रास्ते को बंद कर दिया, जिससे विवाद बढ़ गया और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
दीवार निर्माण के दौरान हुआ पथराव

सोमवार को संतोष कुमावत अपने खेत में दीवार बनवा रहा था। यह देखकर सहीराम अपने परिवार और साथ आए लोगों के साथ वहां पहुंचा और दीवार निर्माण का विरोध करने लगा। आरोप है कि सहीराम पक्ष के लोगों ने रास्ते पर बनाई जा रही दीवार को तोड़ने की कोशिश की।
इसी दौरान कहासुनी बढ़ गई और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। दोनों ओर से जमकर पत्थर फेंके गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
मां-बेटी भी हुए घायल
पथराव के दौरान संतोष कुमावत की मां कमला देवी और बहन गुंजन को सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं। एक पत्थर बुजुर्ग महिला के सिर पर लगने से खून बहने लगा और उनका चेहरा खून से सन गया। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद बच्चे रोने लगे।
स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह हालात संभाले और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से पूछताछ की।
थानाधिकारी ताराचंद ने बताया कि दोनों पक्ष थाने आए थे, जहां उन्हें समझाइश देकर पाबंद किया गया है। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण दोनों को शांति बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने फिलहाल कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया है।












