देहरादून में परिवहन आयुक्त का निरीक्षण, इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग स्टेशन की प्रगति तेज करने के निर्देश

परिवहन आयुक्त रविनाथ रमन ने देहरादून-हरिद्वार में इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग स्टेशनों की प्रगति की समीक्षा कर तय समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए।

देहरादून में परिवहन आयुक्त रविनाथ रमन ने आरटीओ कार्यालय और इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने देहरादून-हरिद्वार के चार्जिंग स्टेशनों की प्रगति और बस रूट रेशनलाइजेशन की समीक्षा की।

देहरादून: उत्तराखंड के परिवहन आयुक्त रविनाथ रमन ने सोमवार को आरटीओ कार्यालय देहरादून का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए गठित स्पेशल पर्पस व्हीकल की स्थिति देखी और देहरादून व हरिद्वार में तैयार हो रहे चार्जिंग स्टेशनों की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों को तय टाइमलाइन के अनुसार काम पूरा करने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारियों का लिया जायजा

परिवहन आयुक्त रविनाथ रमन ने देहरादून स्थित आरटीओ कार्यालय में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने बस संचालन के लिए बनाई गई स्पेशल पर्पस व्हीकल की कार्यप्रणाली और उससे संबंधित तैयारियों की जानकारी अधिकारियों से ली। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान परिवहन आयुक्त ने देहरादून और हरिद्वार में बनाए जा रहे इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों की मौजूदा स्थिति भी देखी। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना इलेक्ट्रिक बसों के सुचारु संचालन के लिए जरूरी है।

छोटे रूट पर ज्यादा फ्रीक्वेंसी रखने पर जोर

रविनाथ रमन ने देहरादून और हरिद्वार में संचालित होने वाले इलेक्ट्रिक बसों सहित अन्य बसों के रूट रेशनलाइजेशन को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। योजना के तहत देहरादून में करीब 100 और हरिद्वार में 37 रूट की समीक्षा की जानी है।

अधिकारियों को ऐसे रूट तैयार करने पर ध्यान देने के लिए कहा गया, जिनसे यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा मिल सके। खासतौर पर छोटे रूट पर बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों को कम समय में सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना और अधिक लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

परिवहन विभाग का मानना है कि बेहतर रूट प्लानिंग और पर्याप्त संख्या में बसों की उपलब्धता से लोगों की निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे शहरों में ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

आरटीओ कार्यालय की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा

इलेक्ट्रिक बस और चार्जिंग स्टेशन से जुड़ी व्यवस्थाओं के निरीक्षण के बाद परिवहन आयुक्त ने आरटीओ कार्यालय में वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित प्रक्रियाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कार्यालय में आने वाले आवेदकों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि आरटीओ कार्यालय में आने वाले लोगों को किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। आवेदन, वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रियाओं को सुविधाजनक बनाने के साथ कार्यालय में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान अपर परिवहन सचिव रीना जोशी, अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह, उपायुक्त परिवहन सुनील शर्मा, आरटीओ प्रशासन देहरादून संभाग संदीप सैनी, आरटीओ प्रवर्तन देहरादून संभाग अनीता चमोला और जीएम रोडवेज पवन मेहता समेत परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a comment