दिल्ली की साकेत कोर्ट ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद सिद्दीकी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जावेद सिद्दीकी इस विश्वविद्यालय के संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं।
Delhi Blast Case: राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए आतंकी हमले के सिलसिले में जांच जारी है। इसी मामले में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक और मालिक जावेद अहमद सिद्दीकी को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह फैसला साकेत कोर्ट ने सुनाया है, जिसके बाद जावेद सिद्दीकी अब जेल में रहेंगे और जांच एजेंसियों से पूछताछ के दायरे में होंगे।
जावेद सिद्दीकी कौन हैं?
जावेद अहमद सिद्दीकी (61) अल-फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से की और सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया में जनवरी 1992 से जनवरी 1994 तक असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम किया।
सिद्दीकी के परिवार में उनकी दो बहनें और दो बेटे शामिल हैं, जो वर्तमान में दुबई में रहते हैं। जावेद सिद्दीकी फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के संचालन में भी सक्रिय हैं।
जावेद सिद्दीकी और उनके पुराने मामले
जावेद सिद्दीकी का नाम पहले चिट फंड और वित्तीय मामलों में भी चर्चा में रहा है। उनके खिलाफ साल 2000 में एफआईआर संख्या 43/2000 दर्ज की गई थी, जिसमें उनके और उनके भाई सऊद अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC 420), आपराधिक न्यास का उल्लंघन (IPC 406, 409), जाली दस्तावेज (IPC 468, 471) और आपराधिक साजिश (IPC 120B) के तहत मामला दर्ज था। उस समय उन पर लगभग 7.5 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप लगा था।
हालांकि, बाद में उन्होंने सभी लोगों का पैसा लौटाया और इन मामलों से बरी हो गए। इसके बावजूद उनका नाम वित्तीय और शैक्षिक मामलों में लगातार सुर्खियों में रहा।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी और अन्य कंपनियां
अल-फलाह यूनिवर्सिटी की शुरुआत 1997 में इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में हुई थी। जावेद सिद्दीकी अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से यूनिवर्सिटी का संचालन करते हैं। इसके अलावा वह नौ कंपनियों के डायरेक्टर भी हैं, जिनमें निवेश, शिक्षा, सॉफ्टवेयर, ऊर्जा, निर्यात और कंसल्टेंसी से जुड़े कारोबार शामिल हैं। मुख्य कंपनियों में शामिल हैं:
- अल-फलाह इन्वेस्टमेंट कंपनी (सिद्दीकी का सबसे पुराना संबंध 18 सितंबर 1992 से)
- अल-फलाह सॉफ्टवेयर
- अल-फलाह एनर्जीज
- तर्बिया एजुकेशन फाउंडेशन
- अल-फलाह एजुकेशन सर्विस
सभी कंपनियों का मुख्य पता 274-A, अल-फलाह हाउस, जामिया नगर, ओखला, नई दिल्ली है। यह वही जगह है, जहां से अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट संचालित होता है। यूनिवर्सिटी की गवर्निंग बॉडी में पहले उस्मा अख्तर और आलिया सिद्दीकी जैसे सदस्य भी शामिल रहे हैं। उस्मा अख्तर वर्तमान में यूएई में रहती हैं और कई व्यवसायों में निदेशक हैं।









