देवघर: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए देशभर से पहुंच रहे श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच चोरों का गिरोह भी सक्रिय है। भीड़ का फायदा उठाकर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के मोबाइल, पर्स और नकदी चोरी किए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। खास तौर पर बिहार और उत्तर प्रदेश से आए श्रद्धालुओं को निशाना बनाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
श्रावणी मेले के दौरान देवघर में हर दिन बड़ी संख्या में कांवड़िए पहुंच रहे हैं। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल देवघर पहुंचने वाले श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलाभिषेक करते हैं। मंदिर परिसर, कतार क्षेत्र, बाजार और भीड़भाड़ वाले रास्तों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। इसी का फायदा उठाकर चोर सक्रिय हो जाते हैं।
श्रद्धालुओं के मुताबिक भीड़ में धक्का-मुक्की और आगे बढ़ने की जल्दबाजी के दौरान कई बार पता ही नहीं चलता कि कब जेब से मोबाइल या पर्स निकाल लिया गया। कुछ कांवड़ियों ने यात्रा के दौरान मोबाइल और नकदी गायब होने की शिकायत की है।
बिहार और उत्तर प्रदेश से आने वाले कांवड़ियों की संख्या काफी अधिक रहती है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु कई घंटों और दिनों की यात्रा के बाद देवघर पहुंचते हैं। ऐसे में चोरी की घटना उनके लिए परेशानी बढ़ा देती है। मोबाइल चोरी होने से परिवार और साथ आए लोगों से संपर्क करना भी मुश्किल हो जाता है।
मेले में चोरों के सक्रिय होने की वजह से पुलिस के सामने भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ अपराध रोकने की चुनौती बढ़ गई है। मंदिर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके बावजूद भीड़ के बीच जेबकतरे और मोबाइल चोर मौका तलाशते रहते हैं।
चोरी की घटनाएं मुख्य रूप से उन स्थानों पर होने की आशंका रहती है जहां श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा होती है। कतार में खड़े होने, प्रसाद लेने, बाजार में खरीदारी करने और मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर चोर श्रद्धालुओं को निशाना बना सकते हैं।
पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं को लगातार सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। लोगों से कहा जा रहा है कि वे अपने मोबाइल, पर्स और जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित रखें। भीड़ में मोबाइल फोन को हाथ में लेकर चलने या जेब में खुले तौर पर रखने से बचने की सलाह दी जा रही है।
कांवड़ियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे लंबी यात्रा के दौरान अपने सामान को लगातार सुरक्षित रखें। कई श्रद्धालु समूह में यात्रा करते हैं, लेकिन भीड़ के कारण कुछ समय के लिए साथी एक-दूसरे से अलग भी हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में चोरों को मौका मिल सकता है।
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सलाह दी जा रही है कि वे अपने साथ जरूरत से ज्यादा नकदी लेकर न चलें। मोबाइल और पैसे को सुरक्षित बैग या ऐसी जगह रखें जहां किसी दूसरे व्यक्ति के लिए उसे निकालना मुश्किल हो। महत्वपूर्ण दस्तावेजों की अतिरिक्त कॉपी या डिजिटल रिकॉर्ड रखना भी उपयोगी हो सकता है।
पुलिस और प्रशासन की ओर से भीड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। इसके अलावा सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी भीड़ के बीच तैनात किए जाते हैं, ताकि जेबकतरे और मोबाइल चोरों को पकड़ा जा सके।
श्रावणी मेले में हर साल बड़ी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं। कांवड़ियों की सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था, मंदिर की कतार और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी भी प्रशासन के सामने रहती है। इतनी बड़ी भीड़ के बीच छोटी-छोटी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
चोरी की शिकायत होने पर श्रद्धालुओं को तुरंत पुलिस या संबंधित सहायता केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी जाती है। मोबाइल चोरी होने की स्थिति में संबंधित नंबर को बंद कराने और आवश्यक डिजिटल खातों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी जरूरत होती है।
देवघर में श्रावणी मेले के दौरान बिहार और उत्तर प्रदेश के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अलग-अलग राज्यों से आने वाले लोगों की भारी भीड़ के कारण मेले का क्षेत्र लगातार सक्रिय रहता है।
बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ी होती है। कई कांवड़िए कई किलोमीटर पैदल चलकर देवघर पहुंचते हैं। ऐसे में चोरी की घटना उनकी पूरी यात्रा की परेशानी बढ़ा सकती है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रशासन को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मोबाइल चोरों और जेबकतरों पर विशेष नजर रखनी चाहिए। मंदिर के आसपास, कतार वाले स्थानों और प्रमुख बाजारों में लगातार गश्त बढ़ाने की मांग की जा रही है।
कांवड़ियों को निशाना बनाने वाले चोरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को भी स्थानीय स्तर पर संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत है। मेले में बाहर से आने वाले अपराधी गिरोहों की पहचान करना और उनकी गतिविधियों पर रोक लगाना सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
श्रावणी मेले में बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं को भी सतर्क रहने की जरूरत है। धार्मिक उत्साह के बीच अपने सामान की सुरक्षा को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। खासकर मोबाइल और नकदी को सुरक्षित रखने के लिए परिवार या समूह के एक सदस्य को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
फिलहाल देवघर में श्रावणी मेले की रौनक बनी हुई है। हर तरफ बोल बम के जयकारे सुनाई दे रहे हैं और कांवड़िए बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे हैं। इसी भीड़ के बीच चोरी की घटनाओं ने श्रद्धालुओं और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ाई है।
बिहार और उत्तर प्रदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं के मोबाइल और नकदी चोरी होने की शिकायतों के बाद मेले में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब पुलिस के सामने चुनौती है कि आने वाले दिनों में भीड़ बढ़ने के साथ ऐसी घटनाओं पर कैसे प्रभावी रोक लगाई जाए।
श्रद्धालुओं से अपील है कि वे भीड़ में अपने मोबाइल, पर्स, नकदी और जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित रखें। किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और चोरी होने की स्थिति में बिना देरी शिकायत दर्ज कराएं।











