ऑस्ट्रेलिया के हरियाणवी रैपर ढांडा न्योलीवाला ने अपने विवादित एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ की लाइन बदलने की घोषणा की। गाने ने 4 दिनों में 2.7 मिलियन व्यूज लिए और युवाओं को शिक्षा व कौशल पर ध्यान देने की सलाह दी।
Madhya Pradesh: ढांडा न्योलीवाला ने अपने नए एल्बम के गाने में कुछ लाइनों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। गाने में उन्होंने भगवाधारी बाबाओं और धार्मिक स्थलों पर तीखा मजाक किया। उन्होंने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना उनके फोटो को एल्बम में इस्तेमाल किया और 'साले' शब्द लिखा।
सोशल मीडिया पर यह बात तेजी से वायरल हुई और कई लोगों ने नाराज़गी जताई। साध्वी देवा ठाकुर ने वीडियो जारी कर रैपर को चेतावनी दी कि साधु-संतों को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। इसके बावजूद रैपर के समर्थन में भी लोग खड़े हुए और उन्होंने अपने पक्ष की व्याख्या शुरू की।
ढांडा ने कहा, "जो लाइन विवाद में आई है, उसे बदला जा रहा है। हमारे विचार वैसे ही रहेंगे, लेकिन अब इसे बेहतर तरीके से पेश किया जाएगा।" उन्होंने बताया कि फाइल सब्मिट कर दी गई है और 24-48 घंटे में नया वर्जन सामने आ जाएगा।
रैपर ने समाज पर उठाए सवाल
ढांडा न्योलीवाला ने एल्बम में सिर्फ विवादित लाइन ही नहीं रखी, बल्कि समाज के कई मुद्दों को सामने रखा। उन्होंने अपने हिसार जिले के पैतृक गांव न्योलीवाला के पुराने किस्से साझा किए और धर्म-पाखंड, युवाओं की सोच और समाज की कमियों पर बात की।
रैपर ने युवाओं को सलाह दी कि वे पढ़ाई-लिखाई में ध्यान दें, अपनी क्राफ्ट और स्किल पर काम करें और जाति या धर्म के नाम पर समय बर्बाद न करें। उन्होंने कहा, "यदि अपने घर में कोई गलत करता है तो उसके खिलाफ खड़े होकर उसे रोकना चाहिए।"
ढांडा ने यह भी कहा कि कुछ लोग समाज में चल रहे मुद्दों को समझना ही नहीं चाहते। वे चाहते थे कि म्यूजिक के माध्यम से समाज की अच्छाइयों और बुराइयों को सामने लाया जाए, लेकिन हालात ऐसे नहीं हैं कि लोग इसे समझें।
गानों में व्यक्त अनुभव
रैपर ने अपने गानों में वास्तविक अनुभव और समाज में हो रहे अन्याय को दर्शाया। उन्होंने गांव के एक धार्मिक स्थल के बाबा द्वारा बच्चों के साथ की गई गलत हरकत का जिक्र किया। स्कूल की पांचवीं कक्षा की लड़कियों ने बताया कि जब वे पूजा करने गई थीं, तो बाबा ने उनके साथ गलत हरकत की। इस घटना की जांच प्रशासन ने की और आरोपी को जिम्मेदारी के लिए सौंपा गया।
इसके अलावा, ढांडा ने एक विधवा महिला की दर्दनाक कहानी भी साझा की, जो अपने पिता की इकलौती बेटी थी और परिवार की जरूरतों के लिए मेहनत करती रही। एक दिन कुछ लोग उसके घर आए, रोटी मांगी और उसकी आंखों में मिर्च डालकर सब कुछ लूटकर चले गए। रैपर ने कहा कि यह गाना इसी तरह के अनुभवों और समाज की वास्तविकताओं पर आधारित है।
गाने की लोकप्रियता
ढांडा न्योलीवाला के गाने ‘वोमिट ऑन पेपर’ को चार दिन में 2.7 मिलियन से ज्यादा लोग देख चुके हैं। गाने का डिस्क्रिप्शन बताता है कि यह वास्तविकताओं पर आधारित है और भ्रष्टाचार, झूठे संतों, टूटी हुई शिक्षा और समाज के दर्द को उजागर करता है।
हालांकि, ढांडा के पिछले गाने ‘इल्लीगल’ और ‘रशियन बंदना’ हरियाणा सरकार द्वारा 'गन कल्चर' और 'बदमाशी' बढ़ाने के कारण बैन किए जा चुके हैं। इसी तरह के विवाद के बाद उनकी नई एल्बम ने भी चर्चा बटोरी है। रैपर ने कहा कि हरियाणवी आर्टिस्ट्स पर अक्सर यह आरोप लगाए जाते हैं कि वे गन कल्चर को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन उनका मकसद समाज के मुद्दों को सामने लाना है।










