दिल्ली बजट 2026: आज एक लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश करेंगी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विकास और हरित राजधानी पर रहेगा जोर

दिल्ली बजट 2026 आज पेश किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश करेंगी। इस बार बजट में विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और हरित

दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को विपक्ष की गैरमौजूदगी में शुरू हुआ। पहले ही दिन सदन में तत्कालीन आम आदमी पार्टी सरकार से जुड़ी 6 CAG रिपोर्ट और 3 PAC रिपोर्ट पेश की गईं, जिनमें कई अनियमितताओं और कमियों की ओर संकेत किया गया है।

Delhi Budget: दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश करने जा रही हैं। सरकार का दावा है कि यह बजट राजधानी के विकास को नई रफ्तार देगा और बुनियादी सुविधाओं, पर्यावरण सुधार और जनकल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बजट पेश होने से पहले कहा कि यह केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं बल्कि “विकसित दिल्ली, हरित दिल्ली” के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला रोडमैप है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों के जीवन स्तर में ठोस बदलाव लाना है और इसी दिशा में इस बार का बजट तैयार किया गया है।

बजट सत्र की शुरुआत, विपक्ष ने किया बहिष्कार

दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को शुरू हुआ, लेकिन पहले ही दिन विपक्ष की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई। Aam Aadmi Party ने अपने चार विधायकों के निलंबन को लेकर सत्र का बहिष्कार कर दिया। निलंबित विधायकों में संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह शामिल हैं, जिन्हें शीतकालीन सत्र के दौरान हंगामे के आरोप में निलंबित किया गया था।

विधानसभा अध्यक्ष Vijender Gupta ने निलंबन जारी रखने का फैसला बरकरार रखा, जिसके विरोध में विपक्ष ने सदन से दूरी बनाई। अध्यक्ष ने इस कदम को लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर विपक्ष की भागीदारी जरूरी होती है।

कैग और पीएसी रिपोर्ट में उठे सवाल

सत्र के पहले दिन सदन में पिछली सरकार के कार्यकाल से जुड़ी 6 कैग और 3 पीएसी रिपोर्ट पेश की गईं। इन रिपोर्टों में वित्तीय अनियमितताओं, प्रशासनिक कमियों और कुछ योजनाओं के क्रियान्वयन में खामियों की ओर संकेत किया गया है। रिपोर्टों में मोहल्ला क्लीनिक, विश्वविद्यालयों की स्थिति और सरकारी खर्चों के प्रबंधन पर सवाल उठाए गए हैं। इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा आज और आने वाले दिनों में होने की संभावना है।

सत्र के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi के सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख रहने के रिकॉर्ड पर भी चर्चा हुई। मंत्रियों और विधायकों ने उनके नेतृत्व की सराहना करते हुए अभिनंदन प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राजनीति में पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास की नई परिभाषा स्थापित की है। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव राज्यों के लिए भी प्रेरणा है।

नकली खाद्य और दवाइयों पर कड़े कानून की मांग

सत्र के दौरान विधायकों ने नकली दूध, पनीर, घी और दवाइयों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। कई सदस्यों ने कहा कि पिछले वर्षों में लाखों मामले सामने आए हैं और जांच व्यवस्था कमजोर है। विधायकों ने फूड इंस्पेक्टर और लैब की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ सख्त कानून बनाने की मांग की, ताकि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।

बजट पेश होने से पहले विधानसभा परिसर में पारंपरिक “खीर सेरेमनी” का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे समृद्धि और शुभता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह परंपरा जनता के कल्याण के संकल्प को दर्शाती है। कार्यक्रम में किसान, शिक्षक, डॉक्टर, छात्र, महिला ड्राइवर, किन्नर समाज और अन्य वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार का बजट इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और हरित वातावरण को प्राथमिकता देगा।

सरकार का दावा – बदलेगी दिल्ली की तस्वीर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले वर्ष सरकार ने दिशा बदलने की शुरुआत की थी और अब स्थिति सुधारने के लिए बड़े कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि एक लाख करोड़ से अधिक का बजट राजधानी के विकास, रोजगार और पर्यावरण सुधार के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। सरकार का कहना है कि यह बजट दिल्ली को आधुनिक, स्वच्छ और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा, जबकि विपक्ष का कहना है कि असली परीक्षा बजट के लागू होने के बाद होगी। 

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