दिल्ली ब्लास्ट पर पड़ोसी देशों ने जताया शोक, बांग्लादेश की चुप्पी पर उठे सवाल

दिल्ली ब्लास्ट पर पड़ोसी देशों ने जताया शोक, बांग्लादेश की चुप्पी पर उठे सवाल

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट के बाद चीन, श्रीलंका, मालदीव और नेपाल ने शोक जताया। बांग्लादेश ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। सुरक्षा एजेंसियां पूरे देश में सतर्क हैं और जांच जारी है।

Delhi Blast: दिल्ली के लाल किला के पास सोमवार को हुए भीषण ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस धमाके में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं। इस घटना के बाद भारत के पड़ोसी देशों ने एकजुटता दिखाई है। चीन, श्रीलंका, मालदीव और नेपाल ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं जाहिर की। वहीं पड़ोसी बांग्लादेश इस मामले में चुप है।

चीन की प्रतिक्रिया

चीन ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस ब्लास्ट से स्तब्ध हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस विस्फोट में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति उनकी संवेदना है और घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना करते हैं। चीन ने इस गंभीर घटना पर भारत के साथ एकजुटता दिखाई है और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

श्रीलंका ने जताया दुख

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दिल्ली में हुए विस्फोट की खबर से उन्हें गहरा दुख हुआ। उन्होंने कहा कि श्रीलंका भारत के लोगों के साथ खड़ा है और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने भी भारत के साथ एकजुटता जताई और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सभी को मिलकर खड़ा होना चाहिए। श्रीलंका में नेता प्रतिपक्ष सजित प्रेमदास ने भी कहा कि आतंकवाद के इस जघन्य दुष्प्रभाव को समाप्त करने के लिए सभी देशों को एकजुट होना चाहिए।

मालदीव और नेपाल ने दी सहानुभूति

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने कहा कि उन्हें विस्फोट में लोगों की मौत पर गहरा दुख हुआ है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की और घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने यह भी कहा कि मालदीव इस कठिन समय में भारत के लोगों और सरकार के साथ खड़ा है।

नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नेपाल दुख की इस घड़ी में भारत के साथ है और प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

बांग्लादेश की चुप्पी पर सवाल

भारत और बांग्लादेश के रिश्ते अगस्त 2024 के बाद से तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस कारण बांग्लादेश की चुप्पी दिल्ली ब्लास्ट के मामले में कई सवालों को जन्म दे रही है। लश्कर कमांडर सैफुल्लाह, जो हाफिज सईद का करीबी सहयोगी है, ने 30 अक्टूबर को ही बांग्लादेश के रास्ते भारत में हमले की धमकी दी थी। उन्होंने भीड़ को जिहाद में शामिल होने और भारत को जवाब देने के लिए प्रेरित किया था। ऐसे में पड़ोसी बांग्लादेश का कोई आधिकारिक बयान न देना चिंताजनक माना जा रहा है।

ब्लास्ट की घटना

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार की शाम धीमी गति से चल रही एक कार में शक्तिशाली विस्फोट हुआ। इस विस्फोट में अब तक 12 लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हैं। विस्फोट के बाद पुलिस और बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। विस्फोट से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया।

आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता की आवश्यकता

चीन, श्रीलंका, मालदीव और नेपाल ने अपने बयान में आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाने पर जोर दिया है। सभी ने कहा कि आतंकवाद किसी भी देश की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा है और इसे रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। श्रीलंका और नेपाल के नेताओं ने विशेष रूप से यह कहा कि प्रभावितों के लिए तुरंत राहत और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

दिल्ली ब्लास्ट के बाद भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। एनएसए और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी पड़ोसी राज्यों को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, खुफिया एजेंसियों को आतंकवादी नेटवर्क की गहन जांच करने के लिए सक्रिय किया गया है। 

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