दिल्ली-एनसीआर में हवा ज़हरीली! AQI 400 के पार पहुंचते ही GRAP-3 लागू

दिल्ली-एनसीआर में हवा ज़हरीली! AQI 400 के पार पहुंचते ही GRAP-3 लागू

दिल्ली-एनसीआर की हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। AQI 400 के पार होने के बाद ग्रेप-3 (GRAP-3) लागू किया गया है। निर्माण कार्य, डीजल-वाहन और औद्योगिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई है ताकि प्रदूषण को नियंत्रण में लाया जा सके।

New Delhi: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हवा में मौजूद धूल, धुआं और जहरीले कणों के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार चला गया है। इससे लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रेप-3 (GRAP-3) लागू कर दिया है। इसके तहत कई सख्त नियम और प्रतिबंध लगाए गए हैं ताकि प्रदूषण को नियंत्रण में लाया जा सके।

राजधानी में हवा की स्थिति गंभीर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार बुधवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 413 दर्ज किया गया जो “गंभीर श्रेणी” में आता है। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब है। आनंद विहार में AQI 438, अलीपुर में 431, बवाना में 451, बुराड़ी में 439, चांदनी चौक में 449, द्वारका में 423, आईटीओ में 433, जहांगीरपुरी में 446, इंडिया गेट के पास 408, नरेला में 437 और लोधी रोड पर 401 दर्ज किया गया। वहीं नोएडा सेक्टर-62 में 371, गाजियाबाद के वसुंधरा में 337, इंदिरापुरम में 304 और गुरुग्राम के सेक्टर-51 में 368 रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 428 रहा, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा था।

ग्रेप-3 के तहत लागू हुए सख्त नियम

ग्रेप-3 लागू होने के साथ ही कई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। हालांकि दिव्यांगजन अपनी निजी गाड़ियों का इस्तेमाल कर सकेंगे। निर्माण और विध्वंस कार्यों को रोक दिया गया है ताकि धूलकणों को कम किया जा सके। दिल्ली सरकार ने पांचवीं तक की कक्षाओं को हाइब्रिड मोड में चलाने का आदेश दिया है ताकि छोटे बच्चे प्रदूषित हवा से बच सकें।

औद्योगिक गतिविधियों और निर्माण पर रोक

ग्रेप-3 के तहत स्वच्छ ईंधन पर न चलने वाले ईंट भट्ठों, हॉट मिक्स प्लांट और स्टोन क्रशर को बंद करने का आदेश दिया गया है। इससे हवा में धूल और कणों की मात्रा कम करने में मदद मिलेगी। औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

किन्हें मिलेगी छूट

ग्रेप-3 के नियमों के बावजूद कुछ आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है। रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, आईएसबीटी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं पर यह रोक लागू नहीं होगी। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले वाहनों जैसे एम्बुलेंस, पुलिस व फायर ब्रिगेड को छूट दी गई है। सरकार के अनुसार इन सेवाओं को रोका नहीं जा सकता क्योंकि ये सार्वजनिक जीवन से सीधे जुड़ी हैं।

बढ़ते प्रदूषण से बिगड़ रही सेहत

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के कारण लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में अस्थमा, एलर्जी, गले में खराश, आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे कण फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक ऐसे वातावरण में रहने से दिल और फेफड़ों की बीमारियां बढ़ सकती हैं।

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