दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण गंभीर: GRAP-4 के बावजूद हवा दमघोंटू

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण गंभीर: GRAP-4 के बावजूद हवा दमघोंटू

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में हल्का सुधार दर्ज किया गया है, लेकिन इसके बावजूद राजधानी और आसपास के इलाकों में जहरीली धुंध की मोटी परत छाई हुई है। ग्रैप-4 (GRAP Stage-IV) की सख्त पाबंदियां लागू होने के बाद भी वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर बना हुआ है।

GRAP-4: दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर भीषण वायु प्रदूषण की चपेट में है। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-4 की सख्त पाबंदियां लागू होने के बावजूद राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर बनी हुई है। हालांकि बीते 24 घंटों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में हल्का सुधार दर्ज किया गया है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह सुधार नाकाफी है और हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार सुबह दिल्ली का औसत AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। सोमवार शाम चार बजे जहां AQI 427 तक पहुंच गया था, वहीं मंगलवार सुबह इसमें कुछ गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद दिल्ली के अधिकांश इलाकों में AQI 300 के आसपास या उससे ऊपर बना हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।

दिल्ली के प्रमुख इलाकों में प्रदूषण का हाल

राजधानी के कई हिस्सों में हवा की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। रोहिणी में AQI 316, नरेला में 312, आईटीआई शाहदरा में 312, जहांगीरपुरी में 310 और दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) क्षेत्र में 301 रिकॉर्ड किया गया। ये सभी इलाके गंभीर श्रेणी में आते हैं। इसके अलावा श्रीनिवासपुरी (294), सत्यावती कॉलेज (289), सोनिया विहार (282), पूसा (280) और दिल्ली यूनिवर्सिटी नॉर्थ कैंपस (277) में भी वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ के बीच रही। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर की हवा में लंबे समय तक सांस लेना फेफड़ों, दिल और आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।
                                 
दिल्ली से सटे एनसीआर के शहरों में भी प्रदूषण से राहत नहीं मिल पाई है। नोएडा के सेक्टर-1 में AQI 288 और सेक्टर-125 में 255 दर्ज किया गया, जबकि नॉलेज पार्क-5 में यह 241 रहा। गाजियाबाद के संजय नगर में AQI 230 और लोनी में 202 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इन आंकड़ों से साफ है कि पूरा एनसीआर क्षेत्र प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है।

हवाई यातायात पर भी पड़ा असर

खराब वायु गुणवत्ता के साथ-साथ घनी धुंध और कम दृश्यता ने हवाई यातायात को भी प्रभावित किया है। मंगलवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन बाधित रहा। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 131 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि लगभग 400 उड़ानें देरी से संचालित हुईं। इससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

GRAP-4 के तहत निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध, स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं और गैर-जरूरी वाहनों पर पाबंदियां जैसी सख्त कार्रवाइयां लागू की गई हैं। इसके बावजूद प्रदूषण में अपेक्षित कमी नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मौसम में बड़ा बदलाव, जैसे तेज हवाएं या बारिश नहीं होती, तब तक प्रदूषक कण वातावरण में फंसे रहेंगे।

 

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